राष्ट्रीय कृषि समाचार (National Agriculture News)

आज के कृषि समाचार@ 5.00 PM: किसान ले योजनाओं का लाभ I उर्वरकों सब्सिडी I मुक्त व्यापार समझौते I वैश्विक सब्जी बीज हब

26 जुलाई 2025, नई दिल्ली: नमस्कार, आइए जानते हैं आज शाम 5 बजे तक कृषक जगत की 10 बड़ी खबरें….

1. क्या आपको मिली इन योजनाओं की जानकारी? जानिए MSP, बीमा, PM-KISAN जैसी टॉप 28 स्कीम्स की पूरी लिस्ट

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क्या आप जानते हैं कि भारत सरकार किसानों की आय बढ़ाने और खेती को सशक्त बनाने के लिए कुल 28 योजनाएं चला रही है? ये योजनाएं न सिर्फ खेती की लागत कम करने में मदद कर रही हैं, बल्कि बीमा, सब्सिडी, न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) और सीधी नकद सहायता जैसे कई फायदों के जरिए किसानों को आर्थिक रूप से मजबूत भी बना रही हैं। पूरी खबर पढ़े….

2. उर्वरकों पर रिकॉर्ड सब्सिडी! जानें किसानों को कैसे मिल रहा है लाभ, क्या है DBT सिस्टम

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केंद्र सरकार किसानों को सस्ती दरों पर उर्वरक (fertilizer) उपलब्ध कराने के लिए DBT (Direct Benefit Transfer) in Fertilizers प्रणाली के तहत सब्सिडी मुहैया करा रही है। इस योजना के अंतर्गत 100% सब्सिडी राशि उर्वरक कंपनियों को दी जाती है, जब वे रिटेल स्तर पर आधार-पहचान वाले किसानों को बिक्री करती हैं। अब तक इस प्रणाली के तहत, सरकार ने ₹6,76,678.77 करोड़ से अधिक की सब्सिडी दी है , जो कृषि क्षेत्र के लिए एक रिकॉर्ड है। पूरी खबर पढ़े….

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3. भारत बन सकता है वैश्विक सब्जी बीज हब, नीति सुधार और नवाचार से 2030 तक बीज बाजार $970 मिलियन तक पहुंचने की संभावना

वैश्विक सब्जी बीज बाजार 2024 में $8.45 बिलियन का आंकड़ा पार कर चुका है और विशेषज्ञों का मानना है कि यदि सही नीतियां लागू की जाएं, तो भारत 2030 तक $970 मिलियन के बाजार मूल्य के साथ इसका अगला वैश्विक केंद्र बन सकता है। फिलहाल भारत का सब्जी बीज बाजार 2023-24 में $740 मिलियन था और 4.6% की वार्षिक वृद्धि दर (CAGR) से इसका विस्तार हो रहा है। पूरी खबर पढ़े….

4. भारत-यूके व्यापार समझौता: किसानों के लिए बड़ी जीत, निर्यात बढ़ेगा और हित सुरक्षित रहेंगे

भारत और यूनाइटेड किंगडम के बीच हुआ व्यापक आर्थिक एवं व्यापार समझौता (CETA) कृषि क्षेत्र पर सकारात्मक प्रभाव डालने वाला है। दिल्ली में मीडिया से बातचीत में केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह ने कहा कि यह समझौता अद्भुत, अभूतपूर्व और राष्ट्र एवं किसानों के व्यापक हित में है। पूरी खबर पढ़े….

5. हर साल बर्बाद हो रही 15% उपज! कटाई के बाद किसानों की मेहनत क्यों नहीं पहुंचती बाजार तक? जानिए कारण

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खाद्य प्रसंस्करण उद्योग मंत्रालय ने वर्ष 2022 में नैबकॉन्स (NABCONS) के माध्यम से “भारत में कृषि उपज के फसलोपरांत नुकसान” पर एक विस्तृत अध्ययन कराया था। यह अध्ययन देश के 292 जिलों, 15 कृषि-जलवायु क्षेत्रों और 54 कृषि उत्पादों पर आधारित था। अध्ययन का मकसद यह जानना था कि कटाई के बाद किन कारणों से फसलें बर्बाद हो रही हैं, और इस बर्बादी को कैसे कम किया जा सकता है। पूरी खबर पढ़े….

6. बिचौलियों से छुटकारा! ई-नाम से सीधे उपज बेच रहे किसान, तेजी से बढ़ा ऑनलाइन कारोबार

 30 जून 2025 तक, देशभर की 1522 कृषि मंडियों को राष्ट्रीय कृषि बाजार (ई-नाम) पोर्टल के साथ जोड़ा जा चुका है। यह कदम किसानों को अपनी उपज बिना बिचौलियों के, सीधे खरीदारों को बेचने की सुविधा देता है। ई-नाम के जरिए ऑनलाइन और पारदर्शी व्यापार प्रणाली को बढ़ावा मिल रहा है। पूरी खबर पढ़े….

7. कृषि मंत्री चौहान ने कहा, मुक्त व्यापार समझौते के तहत ब्रिटेन को कोई शुल्क रियायत नहीं दी

कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने  कहा कि भारत ने कृषि वस्तुओं पर मुक्त व्यापार समझौते के तहत ब्रिटेन को कोई शुल्क रियायत नहीं दी है, जिससे घरेलू किसानों पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है। इस समझौते का स्वागत करते हुए उन्होंने कहा कि किसानों के हितों की पूरी तरह से रक्षा की गई है और वास्तव में, इसका इस क्षेत्र पर “बहुत” सकारात्मक प्रभाव पड़ेगा क्योंकि इससे कृषि निर्यात को बढ़ावा मिलेगा। पूरी खबर पढ़े….

8. फसलों पर मंडराया खतरा: 1 लाख नकली खाद की जब्ती से मचा हड़कंप, किसान संघ ने की उच्चस्तरीय जांच की मांग

देश भर में नकली कृषि उत्पादों के तेज़ी से फैलते नेटवर्क को लेकर राष्ट्रीय किसान प्रोग्रेसिव एसोसिएशन (आरकेपीए) ने गहरी चिंता जताई है। एसोसिएशन का कहना है कि यह संकट अब सिर्फ किसानों की आय तक सीमित नहीं है, बल्कि यह खाद्य सुरक्षा, पर्यावरणीय स्थिरता और देश की आंतरिक सुरक्षा तक को प्रभावित कर सकता है। इसे “अभूतपूर्व और खतरनाक रूप से व्यवस्थित” बताते हुए आरकेपीए ने तत्काल और कठोर कार्रवाई की मांग की है। पूरी खबर पढ़े….

9. खुशखबरी: किसानों के लिए आ गए 3 दमदार इलेक्ट्रिक ट्रैक्टर, बिना डीजल के खेत में घंटों करें जुताई

अगर आप भी खेती में डीजल के बढ़ते खर्च से परेशान हैं तो आपके लिए बड़ी खुशखबरी है। अब किसान बिना डीजल और बिना तेल के अपने खेतों में घंटों तक आसानी से जुताई और दूसरे कृषि कार्य कर सकेंगे। बाजार में किसानों के लिए तीन शानदार इलेक्ट्रिक ट्रैक्टर आ गए हैं, जो कम खर्च में ज्यादा काम करेंगे और रखरखाव का झंझट भी नहीं होगा। पूरी खबर पढ़े….

10. Sirio 4×4: दुनिया का सबसे छोटा 4WD ट्रैक्टर! सिर्फ 65 सेमी चौड़ा लेकिन ताकत में दमदार, जानिए खासियतें

अगर आप छोटे खेत, बाग-बगीचे या ग्रीनहाउस में खेती करते हैं और बार-बार सोचते हैं कि ट्रैक्टर नहीं चल पाएगा तो अब आपकी ये चिंता खत्म हो सकती है। बाजार में ऐसा ट्रैक्टर आ चुका है जो दिखने में जितना छोटा है, ताकत में उतना ही शक्तिशाली है। इसका नाम Sirio 4×4 है, जो दुनिया का सबसे छोटा 4 व्हील ड्राइव ट्रैक्टर है। इसकी चौड़ाई सिर्फ 65 सेंटीमीटर है। पूरी खबर पढ़े….

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