राष्ट्रीय कृषि समाचार (National Agriculture News)

केंद्रीय मंत्रियों-किसानों में हुई बैठक बेनतीजा; किसानों का दिल्ली कूच कायम, हाई अलर्ट पर प्रशासन

13 फरवरी 2024, नई दिल्ली: केंद्रीय मंत्रियों-किसानों में हुई बैठक बेनतीजा; किसानों का दिल्ली कूच कायम, हाई अलर्ट पर प्रशासन – किसानों और केंद्र सरकार के बीच सोमवार ( 12 फरवरी 2024) को चंडीगढ़ में देर रात चली बैठक मामलों को सुलझाने में विफल रही। इसके बाद किसानों ने घोषणा कर कहा कि वे विरोध प्रदर्शन के लिए आज (मंगलवार) दिल्ली कूच करने की अपनी योजना पर कायम हैं।

Advertisement1
Advertisement

किसानों नेताओं का कहना हैं कि सरकार ने उन्हें किसी मांग पर ठोस आश्वासन नहीं दिया हैं। जिन मांगो को लेकर आंदोलन का ऐलान किया जा रहा हैं उनमें से कई पर सरकार ने पिछली बैठक में सहमति जता दी थी लेकिन कोई फैसला नहीं लिया। उन्होंने कहा कि सोमवार रात को हुई बैठक से भी हमें कुछ हासिल नहीं हुआ हैं। किसान संगठनों ने कहा कि सरकार ने हमें कुछ प्रस्ताव दिए हैं, जिनपर हम विचार करेंगे। हालांकि हमारा दिल्ली कूच जारी रहेगा। बैठक में केंद्र सरकार के प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने किया। इस बैठक में कृषि मंत्री अर्जुन मुंडा सहित पंजाब के मंत्री कुलदीप धालीवाल और राज्य सरकार के अधिकारी भी मौजूद रहे।

दिल्ली-हरियाणा हाई अलर्ट पर

किसानों की दिल्ली कूच की घोषणा को देखते हुए दिल्ली और हरियाणा में धारा 144 लागू कर दी गई हैं। दिल्ली की तीन प्रमुख सीमाओं सिंघु, टीकरी, गाजीपुर में लोहे और कंक्रीट के बैरिकेड लगाए गए हैं। कंटीले तार, कंटेनर और डंपर लगाकर भी रास्ते बंद कर दिए गए हैं। इतना ही नहीं सुरक्षा कारणों से दिल्ली में दो मेट्रो स्टेशनों के गेट भी बंद कर दिए गए हैं। साथ ही दिल्ली-नोएडा के बॉर्डर एरिया के स्कूलों में छुट्टी कर दी गई है।

ये हैं किसानों की प्रमुख मांगें

किसान न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) की कानूनी गारंटी के अलावा स्वामीनाथन आयोग की सिफारिशों को पूर्ण रूप से लागू करने, किसानों और खेत मजदूरों के लिए पेंशन, कृषि ऋण माफी, पुलिस मामलों की वापसी और लखीमपुर खीरी हिंसा पीड़ितों के लिए न्याय की भी मांग कर रहे हैं।

Advertisement8
Advertisement

पंजाब से किसान रवाना

पंजाब से किसान अपने ट्रैक्टर-ट्रॉलियों के काफिलों में पहले ही दिल्ली के लिए निकल चुके हैं। इससे दिल्ली से हरियाणा तक पुलिस और सुरक्षा एजेंसियां हाई अलर्ट पर हैं। हरियाणा के अधिकारियों ने किसानों के ‘दिल्ली चलो’ मार्च को रोकने के लिए अंबाला, जींद, फतेहाबाद, कुरुक्षेत्र में कई स्थानों पर पंजाब के साथ लगती राज्य की सीमा की कंक्रीट के बैरिकेड, लोहे की कील और कंटीले तार लगाकर किलेबंदी कर दी है।

Advertisement8
Advertisement

किसानों को रोकने के लिए 114 कंपनिया तैनात15 जिलों में धारा 144 लागू

किसानों की घोषणा के बाद दिल्ली से हरियाणा तक पुलिस और सुरक्षा एजेंसियां हाई अलर्ट पर हैं। प्रशासन ने ‘दिल्ली चलो’ विरोध मार्च को लेकर बहुत कड़े इंतजाम किए हैं। किसानों को रोकने के लिए हरियाणा सरकार ने पुलिस अर्द्धसैनिक बलों की 114 कंपनिया तैनात की हैं। इसके अलावा 15 जिलों में धारा 144 लागू है, साथ ही मोबाइल इंटरनेट सेवा और बल्क एसएमएस पर प्रतिबंध लगा दिया गया हैं।

तीन प्रमुख सीमाओं पर कड़ी सख्ती

प्रशासन द्वारा टिकरी बॉर्डर पर सीसीटीवी कैमरे लगाने के साथ ही ड्रोन से आसपास के इलाकों पर नजर रखी जा रही हैं। वही सिंधु बॉर्डर पर 50 मीटर तक लोहे कंक्रीट के बेरिकेड, लोहे के बड़े-बड़े कंटेनर और डंपर खड़े किए गए हैं। गाजीपुर बॉर्डर पर सर्विस लेन सोमवार रात को ही बंद कर दिया गया।

Advertisements
Advertisement3
Advertisement

(कृषक जगत अखबार की सदस्यता लेने के लिए यहां क्लिक करें – घर बैठे विस्तृत कृषि पद्धतियों और नई तकनीक के बारे में पढ़ें)

(नवीनतम कृषि समाचार और अपडेट के लिए आप अपने मनपसंद प्लेटफॉर्म पे कृषक जगत से जुड़े – गूगल न्यूज़,  टेलीग्राम)

Advertisements
Advertisement5
Advertisement