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राष्ट्रीय कृषि समाचार (National Agriculture News)

भारतीय मसाला व्यापार के लिए स्पाइसेज बोर्ड-यूएनडीपी की भागीदारी

6 अप्रैल 2021, नई दिल्ली । भारतीय मसाला व्यापार के लिए स्पाइसेज बोर्ड – यूएनडीपी की भागीदारी – वाणिज्य और उद्योग मंत्रालय की अधीनस्थ इकाई स्पाइसेज बोर्ड इंडिया और यूएनडीपी (संयुक्त राष्ट्र विकास कार्यक्रम) इंडिया के एक्सलेरेटर लैब ने आज एक सहमति ज्ञापन पर हस्ताक्षर किया जिसका उद्देश्य आपूर्ति श्रृंखला और व्यापार में पारदर्शिता लाने की खातिर भारतीय मसालों के लिए ब्लॉकचेन आधारित ट्रेसेबिलिटी इंटरफेस विकसित करना है।

ब्लॉकचेन एक खुले और साझा इलेक्ट्रॉनिक लेजर पर लेनदेन रिकॉर्ड करने की विकेंद्रीकृत प्रक्रिया है। यह किसानों, दलालों, वितरकों, प्रोसेसर, खुदरा विक्रेताओं, नियामकों और उपभोक्ताओं वाले एक जटिल नेटवर्क में डेटा प्रबंधन को आसान बनाता है और पारदर्शिता लाने में मदद करता है और इस तरह से सप्लाई चैन  को सरल बनाता है। यह किसानों को सप्लाई चैन  के अन्य सभी सदस्यों की तरह ही उन सूचनाओं को पाने की मंजूरी देगा जो आगे की सप्लाई चैन  को और अधिक कुशल और न्यायसंगत बनाती हैं।

यूएनडीपी और स्पाइसेज बोर्ड इंडिया किसानों को बाजारों से जोड़ने के लिए स्पाइसेज बोर्ड इंडिया द्वारा विकसित किए गए ई-स्पाइस बाजार पोर्टल के साथ ब्लॉकचेन ट्रेसेबिलिटी इंटरफेस को एकीकृत करने की दिशा में काम कर रहे हैं। ब्लॉकचेन इंटरफेस का डिजाइन 21 मई तक तैयार होने की उम्मीद है। यह परियोजना आंध्र प्रदेश के चुनिंदा जिलों में मिर्च और हल्दी की खेती में लगे 3,000 से अधिक किसानों के साथ शुरू की जाएगी।

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भारत से मसाला निर्यात 3 अरब डॉलर के  पार

स्पाइसेज बोर्ड इंडिया के सचिव श्री डी साथियन ने कहा कि भारत दुनिया में मसालों का सबसे बड़ा निर्यातक, उत्पादक और उपभोक्ता है। भारत का मसाला निर्यात 2019-20 के दौरान 3 अरब डॉलर के मील के पत्थर को पार कर गया और हमारे अनुमानों से पता चलता है कि हम 2020-21 के दौरान एक नया मुकाम हासिल करेंगे। दुनिया के बाजारों में भारतीय मसालों के निर्यात को बढ़ावा देने वाली एजेंसी स्पाइस बोर्ड इन उपलब्धियों से खुश है और इस क्षेत्र में और विकास को बढ़ावा देना चाहेगा।

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उन्होंने कहा कि यूएनडीपी-स्पाइसेज बोर्ड की यह संयुक्त पहल सभी हितधारकों के लिए मसाला मूल्य श्रृंखला को कुशल, पारदर्शी और न्यायसंगत बनाने के हमारे सफर में एक और महत्वपूर्ण मील का पत्थर है। इस ट्रेसेबिलिटी इंटरफेस से उपभोक्ता के विश्वास को बढ़ाने और निर्यात के लिए मसालों की सोर्सिंग की सुविधा के साथ-साथ स्थानीय मूल्यवर्धन और उपयोग की सुविधा मिलने की उम्मीद है।

यूएनडीपी इंडिया की प्रतिनिधि सुश्री शोको नोडा ने सहयोग को लेकर कहा, “हमें विश्वास है कि ब्लॉकचेन इंटरफेस, मसाले की खेती करने वाले किसानों को अंतरराष्ट्रीय बाजारों से जोड़ने और उनकी आय बढ़ाने में मदद करेगा।

स्पाइसेज बोर्ड के बारे में

मसाला बोर्ड वाणिज्य और उद्योग मंत्रालय के तहत काम करने वाले पांच कमोडिटी बोर्ड में से एक है। यह एक स्वायत्त निकाय है जो 52 अनुसूचित मसालों के निर्यात प्रोत्साहन और इलायची (छोटे और बड़े) के विकास के लिए जिम्मेदार है। मसाला बोर्ड के मुख्य कार्य निम्नलिखित हैं: (i) छोटी और बड़ी इलायची के घरेलू विपणन का अनुसंधान, विकास और विनियमन; (ii) फसल कटाई के बाद सभी मसालों में सुधार; (iii) सभी मसालों के निर्यात प्रोत्साहन और प्रौद्योगिकी उन्नयन, गुणवत्ता प्रबंधन, ब्रांड संवर्धन, अनुसंधान और उत्पाद विकास में निर्यातकों की मदद करना; (iv) उत्तर पूर्व में मसालों का विकास; (v) गुणवत्ता मूल्यांकन सेवाओं के माध्यम से निर्यात के लिए मसालों की गुणवत्ता का विनियमन; आदि।

और जानकारी के लिए कृपया संपर्क करें:

स्पाइसेज बोर्ड इंडिया

सुरेश कुमार पीएम

निदेशक

Email: sureshkumar.pm@nic.in