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राष्ट्रीय कृषि समाचार (National Agriculture News)

ग्रीष्मकालीन फसलों की बुवाई 71 लाख हेक्टेयर से अधिक

  • (निमिष गंगराड़े)

10 मई 2022, नई दिल्ली । ग्रीष्मकालीन फसलों की बुवाई 71 लाख हेक्टेयर से अधिक  – कृषि और किसान कल्याण मंत्रालय , भारत सरकार द्वारा गत सप्ताह जारी ताजा आंकड़ों में बताया गया है कि 71.88 लाख हेक्टेयर में ग्रीष्म फसलें बोई गई हैं। पिछले वर्ष की इसी अवधि की तुलना में बुवाई में कुल मिलाकर 4.4 प्रतिशत की वृद्धि हुई है।

ग्रीष्म दलहनी फसलों में पिछले वर्ष के इसी सप्ताह की तुलना में 18 प्रतिशत की सर्वाधिक वृद्धि दर्ज की गई है। कृषक जगत द्वारा विश्लेषण की गई साप्ताहिक रिपोर्ट से पता चलता है कि पिछले वर्ष की इसी अवधि के दौरान 17.21 लाख हेक्टेयर की तुलना में लगभग 20.38 लाख हेक्टेयर क्षेत्र कवरेज हो गया है। यह कवरेज मुख्य रूप से मध्य प्रदेश राज्य (8.85 लाख हेक्टेयर), ओडिशा (2.61 लाख हेक्टेयर) और बिहार (2.06 लाख हेक्टेयर) में है।

वहीं ग्रीष्मकालीन धान में 3.6 प्रतिशत की गिरावट देखी गई है। धान का रकबा 29.71 लाख हेक्टेयर है, जो पिछले वर्ष की इसी अवधि के दौरान 30.83 लाख हेक्टेयर था। उच्चतम रकबे वाले शीर्ष तीन राज्य पश्चिम बंगाल (9.27 लाख हेक्टेयर), तेलंगाना (6.75 लाख हेक्टेयर) और कर्नाटक (3.00 लाख हेक्टेयर) हैं।
भारत में गर्मियों की फसल बुवाई में विभिन्न बाधाएं होती हैं जैसे बुवाई के लिए कम समय अवधि, सिंचाई की कमी, आदि। गर्मियों में खेती के लिए इन बाधाओं के बावजूद, बढ़ा हुआ क्षेत्रफल उत्साहजनक है।

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जलाशयों की स्थिति भी बेहतर

केंद्रीय जल आयोग (सीडब्ल्यूसी) साप्ताहिक आधार पर देश के 140 जलाशयों के जल संग्रहण की निगरानी कर रहा है। पिछले सप्ताह कृषक जगत को प्राप्त जल आयोग की रिपोर्ट के अनुसार भारत पिछले साल की तुलना में बेहतर समग्र भंडारण स्थिति में है। पिछले 10 वर्षों के इसी अवधि के दौरान औसत भंडारण की तुलना में स्थिति भी बेहतर है। 28 अप्रैल 2022 तक, लाइव स्टोरेज 63.31 बिलियन क्यूबिक मीटर है जो पिछले साल के स्टोरेज का 108 फीसदी और पिछले 10 सालों के औसत का 128 फीसदी है।

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