तोतापुरी आम किसानों को मिलेगी राहत, ICAR की रिपोर्ट पर शिवराज सिंह ने दिए अहम निर्देश; खेती से बाजार तक होंगे बड़े बदलाव
22 जुलाई 2026, नई दिल्ली: तोतापुरी आम किसानों को मिलेगी राहत, ICAR की रिपोर्ट पर शिवराज सिंह ने दिए अहम निर्देश; खेती से बाजार तक होंगे बड़े बदलाव – आंध्र प्रदेश, तमिलनाडु और कर्नाटक के तोतापुरी आम उत्पादक किसानों की लगातार गिरती आय और मंडियों में फलों के दाम टूटने की समस्या को देखते हुए केंद्र सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। आज केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने ICAR की विशेषज्ञ समिति की रिपोर्ट की समीक्षा करते हुए तोतापुरी आम की खेती, खरीद, प्रोसेसिंग और बाजार व्यवस्था में व्यापक सुधार के निर्देश दिए हैं। उन्होंने स्पष्ट कहा कि किसानों की समस्याओं पर केवल रिपोर्ट तैयार कर फाइल बंद नहीं होगी, बल्कि नीति, तकनीक और बाजार के स्तर पर ठोस कदम उठाए जाएंगे।
विशेषज्ञ समिति की रिपोर्ट पर हुई समीक्षा
कृषि भवन, नई दिल्ली में आयोजित उच्चस्तरीय बैठक में शिवराज सिंह चौहान ने ICAR की विशेषज्ञ समिति की रिपोर्ट की समीक्षा की। बैठक में ICAR के महानिदेशक डॉ. एम.एल. जाट सहित वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। समिति के अध्यक्ष एवं ICAR-CISH, लखनऊ के निदेशक डॉ. दामोदरन टी. ने रिपोर्ट प्रस्तुत की।
यह समिति 2 जुलाई 2026 को गठित की गई थी, जिसमें ICAR-CISH, ICAR-IIHR, डॉ. वाईएसआर उद्यानिकी विश्वविद्यालय और राज्य उद्यानिकी विभाग के विशेषज्ञ शामिल थे। समिति ने 8 से 10 जुलाई के बीच आंध्र प्रदेश के तिरुपति और चित्तूर जिलों का दौरा कर किसानों, किसान उत्पादक संगठनों (FPO), मंडी प्रतिनिधियों, पल्प उद्योगों, निर्यातकों और जिला प्रशासन से चर्चा की।
कीमतों में गिरावट के पीछे ये वजहें आईं सामने
समिति ने अपनी रिपोर्ट में बताया कि इस वर्ष तोतापुरी आम की कीमतों में गिरावट का मुख्य कारण प्रोसेसिंग इकाइयों द्वारा समय पर खरीद नहीं करना, घरेलू बाजार में आम आधारित पेयों में वास्तविक आम गूदे का कम उपयोग तथा वैश्विक बाजार में उतार-चढ़ाव रहा। रिपोर्ट में कहा गया कि किसानों की उपज एक साथ मंडियों और प्रोसेसिंग इकाइयों में पहुंचने से अचानक कीमतें गिर जाती हैं और किसानों को नुकसान उठाना पड़ता है।
आम आधारित पेयों में बढ़े प्राकृतिक गूदे का इस्तेमाल
समिति ने सुझाव दिया कि आम आधारित पेयों में 22 से 25 प्रतिशत तक प्राकृतिक आम गूदा अनिवार्य किया जाए। साथ ही जिन उत्पादों में तय सीमा से अधिक गूदा हो, उन्हें ही 5 प्रतिशत जीएसटी का लाभ मिले, जबकि कम गूदे वाले उत्पादों पर अधिक जीएसटी लगाया जाए। इस प्रस्ताव पर शिवराज सिंह चौहान ने FSSAI, जीएसटी परिषद, वित्त मंत्रालय, खाद्य प्रसंस्करण उद्योग मंत्रालय, कृषि मंत्रालय और स्वास्थ्य मंत्रालय के साथ अंतर-मंत्रालयी बैठक आयोजित करने के निर्देश दिए।
किसानों को बेहतर दाम दिलाने के लिए बनेगी नई व्यवस्था
समिति ने तोतापुरी आम की मूल्य श्रृंखला को मजबूत करने के लिए केंद्रीय समन्वय एवं मूल्य स्थिरीकरण समिति बनाने की सिफारिश की है। यह समिति हर साल आम सीजन से पहले फसल उत्पादन, प्रोसेसिंग, निर्यात मांग, लागत और बाजार की स्थिति की समीक्षा कर किसानों के लिए संकेतात्मक लाभकारी खरीद मूल्य और मैंगो पल्प का संदर्भ मूल्य तय करने में मदद करेगी।
पुराने बागों का होगा कायाकल्प
रिपोर्ट में बताया गया कि आंध्र प्रदेश के चित्तूर, तिरुपति, अन्नमय्या और कडप्पा जिलों में कई तोतापुरी आम के बाग पुराने हो चुके हैं, जिससे उत्पादन और गुणवत्ता प्रभावित हो रही है। इसे देखते हुए टॉप-वर्किंग तकनीक अपनाकर इन बागों में नीलम, अल्फांसो, हिम्मायत और बंगनपल्ली जैसी उच्च मूल्य वाली किस्मों की कलम लगाने की सिफारिश की गई है। साथ ही क्लस्टर स्तर पर गुड एग्रीकल्चर प्रैक्टिस (GAP) लागू करने, किसानों को प्रशिक्षण और तकनीकी सहायता देने पर भी जोर दिया गया।
फलों की गुणवत्ता सुधारने पर रहेगा फोकस
समिति ने शुरुआती चरण में चित्तूर, तिरुपति, अन्नमय्या और कडप्पा जिलों के करीब 23,333 हेक्टेयर क्षेत्र में फलों को सुरक्षित रखने के लिए फ्रूट कवर उपलब्ध कराने की सिफारिश की है। इससे फलों की गुणवत्ता बेहतर होगी, कीटों से नुकसान कम होगा और किसानों को प्रीमियम बाजारों में बेहतर दाम मिल सकेंगे। इसके अलावा क्षेत्रीय खरीद और प्रारंभिक प्रोसेसिंग व्यवस्था विकसित करने तथा आंध्र प्रदेश में सभी पंजीकृत प्रोसेसिंग इकाइयों के लिए हर वर्ष 15 मई से खरीद और पल्प निर्माण शुरू करने की मानक प्रक्रिया (SOP) लागू करने का भी सुझाव दिया गया है।
निर्यात और वैल्यू एडिशन को मिलेगा बढ़ावा
बैठक में किसान उत्पादक संगठनों के माध्यम से प्रोसेसिंग इकाइयों को मजबूत करने और आम के बीज से मैंगो बटर जैसे मूल्य संवर्धित उत्पाद बनाने की संभावनाओं पर भी चर्चा हुई। वहीं APEDA ने तोतापुरी और अन्य भारतीय आमों के लिए घरेलू और अंतरराष्ट्रीय बाजार का विस्तार करने, विशेषकर समुद्री मार्ग से निर्यात बढ़ाने की जानकारी दी। इस पर केंद्रीय मंत्री ने APEDA, ICAR और राज्य सरकारों के साथ मिलकर तोतापुरी आम और उसके प्रोसेस्ड उत्पादों के लिए समन्वित निर्यात रणनीति तैयार करने के निर्देश दिए।
किसान-केंद्रित होगी पूरी मूल्य श्रृंखला
बैठक के अंत में शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि केंद्र सरकार तोतापुरी आम की पूरी मूल्य श्रृंखला को किसान-केंद्रित बनाना चाहती है। केंद्र और राज्य सरकारें, ICAR, APEDA, किसान उत्पादक संगठन और प्रसंस्करण उद्योग मिलकर इस दिशा में काम करेंगे। उन्होंने विश्वास जताया कि सुझाए गए सुधार लागू होने के बाद आंध्र प्रदेश, तमिलनाडु और कर्नाटक के तोतापुरी आम उत्पादक किसानों की आय बढ़ेगी और भारतीय आमों की वैश्विक पहचान भी मजबूत होगी।
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