राष्ट्रीय कृषि समाचार (National Agriculture News)

किसानों में जागरूकता के लिए तमिलनाडु के नागपट्टिनम में तटीय एक्वाकल्चर फार्म पंजीकरण संबंधी राष्ट्रीय अभियान शुरू 

16 फरवरी 2024, नागपट्टिनम: किसानों में जागरूकता के लिए तमिलनाडु के नागपट्टिनम में तटीय एक्वाकल्चर फार्म पंजीकरण संबंधी राष्ट्रीय अभियान शुरू – भारत सरकार के मत्स्य पालन, पशुपालन और डेयरी मंत्रालय के मत्स्य पालन विभाग के अंतर्गत तटीय एक्वाकल्चर प्राधिकरण (सीएए), चेन्नई ने बुधवार (14.02.2024) को देश में 100 प्रतिशत कृषि पंजीकरण हासिल करने के लिए एक राष्ट्रीय अभियान शुरू किया है। पंजीकरण की आवश्यकता पर किसानों के बीच जागरूकता पैदा करने का यह पहला अभियान तमिलनाडु के नागपट्टिनम में आयोजित किया गया।

यह पहल तटीय एक्वाकल्चर पर प्र‍िंसिपल अधिनियम में किए गए संशोधनों द्वारा समर्थित है, जिसके अंतर्गत स्वामित्व वाली भूमि में स्थित फर्मों को पंजीकृत किया जा सकता है और उन किसानों के लिए नवीनीकरण में देरी को भी माफ किया जा सकता है, जिन्होंने विभिन्न कारणों से अपने पंजीकरण को नवीनीकृत नहीं किया था।

35 हजार फार्मों के पंजीकरण में मदद की उम्मीद

अब सरकार ने व्यवसाय करने में आसानी के लिए लागू पंजीकरण शुल्क का दो गुना भुगतान करके देरी को माफ करने का प्रावधान शामिल किया है। इससे देश भर में 35,000 से अधिक फार्मों को अपने फार्म पंजीकरण के नियमितिकरण करने में मदद मिलने की उम्मीद है। इस अभियान के दौरान किसानों के बीच व्यापक प्रचार-प्रसार के लिए स्थानीय भाषा में विवरण पुस्तिका भी वितरित की गई हैं।

प्राधिकरण का उद्देश्य

सीएए अधिनियम, 2005 की धारा 13 के अनुसार, तटीय एक्वाकल्चर इकाइयों का पंजीकरण न करना एक उल्लंघन है। इस प्राधिकरण का उद्देश्य तटीय पर्यावरण की रक्षा करना और दीर्घकालिक तरीके से निरंतर एक्वाकल्चर का विकास करना है। किसानों का समर्थन करने के लिए यह प्राधिकरण संबंधित राज्य मत्स्य पालन विभागों और एमपीईडीए के साथ मिलकर सभी राज्यों में अभियान आयोजित करने की योजना बना रहा है।

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यह जन प्रेरणा कार्यक्रम किसानों के लिए एक “हेल्प-लाइन” के रूप में काम करेगा और इसके परिणामस्वरूप फार्मों के वैधीकरण में तटीय एक्वाकल्चर इकाइयों का 100 प्रतिशत पंजीकरण और नवीनीकरण होगा तथा देश में फार्मों की उपज की ट्रेसबिलिटी की आवश्यकताओं को पूरा किया जा सकेगा।

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तमिलनाडु के विभिन्न जिलों के किसानों ने कार्यक्रम में भाग लिया और पंजीकरण एवं नवीनीकरण के लिए आवेदन सौंपा तथा मत्स्य पालन और मछुआरा कल्याण विभाग के अधिकारियों ने भी एकत्र किए गए आवेदन पत्र सीएए अधिकारियों को सौंपे।

ये रहे मौजूद

बैठक में नागपट्टिनम एक्वाकल्चर किसान संघ (एनएएफए) के अध्यक्ष श्री चिदम्बरम, नागपट्टिनम एक्वाकल्चर किसान संघ (एनएएफए) के सचिव श्री शिवशंकर, सीएए के सचिव डॉ. वी. कृप, श्री एलमवालुथि, संयुक्त निदेशक (नागपट्टिनम), मत्स्य पालन और मछुआरा कल्याण विभाग, तमिलनाडु सरकार, श्री नरेश विष्णु तंभाडु, उप निदेशक, एमपीईडीए और एनएसीएसए, सीएए के अधिकारी तथा डॉ. जे.जयललिता मत्स्य पालन विश्वविद्यालय, नागपट्टिनम, तमिलनाडु के कर्मचारी एवं छात्र उपस्थित थे।

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