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राष्ट्रीय कृषि समाचार (National Agriculture News)

कृषि में आधुनिक तकनीक समय की मांग : श्री मोदी

प्रधानमंत्री ने दिया मीठी क्रांति पर जोर

(नई दिल्ली कार्यालय)

5 अप्रैल 2021, नई दिल्ली । कृषि में आधुनिक तकनीक समय की मांग : श्री मोदी – देशवासियों से ‘मन की बात’ करते हुए प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी को लगभग 6 वर्ष से अधिक समय बीत चुका है। वह हर नई कड़ी में एक नई बात कर देश के लोगों को प्रोत्साहित करते हैं जिसमें सभी वर्ग के लोग शामिल होते हैं। नागरिक मन की बात में सुझाव भी देते हैं।

मार्च माह के अंतिम रविवार को प्रसारित मन की बात की 75वीं कड़ी में प्रधानमंत्री श्री मोदी ने कृषि से सम्बन्धित चर्चा कर ‘मीठी क्रांतिÓ लाने पर जोर दिया तथा कृषि में आधुनिक तकनीक को समय की मांग बताया।

प्रधानमंत्री ने कहा कि जीवन के हर क्षेत्र में, नयापन, आधुनिकता, अनिवार्य होती है, वरना, वही, कभी-कभी, हमारे लिए बोझ बन जाती है। भारत के कृषि जगत में – आधुनिकता, समय की मांग है। बहुत देर हो चुकी है। हम बहुत समय गवां चुके हैं। कृषि क्षेत्र में रोजगार के नए अवसर पैदा करने के लिए, किसानों की आय बढ़ाने के लिए, परंपरागत कृषि के साथ ही, नए विकल्पों को, नए-नए उपायों को, अपनाना भी, उतना ही जरूरी है। श्वेत क्रांति के दौरान, देश ने, इसे अनुभव किया है। अब मधुमक्खी पालन भी ऐसा ही एक विकल्प बन करके उभर रहा है। मधुमक्खी पालन, देश में शहद क्रांति या मीठी क्रांति का आधार बना रही है। बड़ी संख्या में किसान इससे जुड़ रहे हैं। पश्चिम बंगाल के दार्जिलिंग में एक गाँव है गुरदुम। पहाड़ों की इतनी ऊँचाई, भौगोलिक दिक्कतें, लेकिन, यहाँ के लोगों ने मधुमक्खी पालन का काम शुरू किया, और आज, इस जगह पर बने शहद की, मधु की, अच्छी मांग हो रही है। इससे किसानों की आमदनी भी बढ़ रही है। पश्चिम बंगाल के ही सुंदरवन इलाकों का प्राकृतिक जैविक शहद तो देश दुनिया में पसंद किया जाता है।

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प्रधानमंत्री ने कहा ऐसा ही एक व्यक्तिगत अनुभव मुझे गुजरात का भी है। गुजरात के बनासकांठा में वर्ष 2016 में एक आयोजन हुआ था। उस कार्यक्रम में मैंने लोगों से कहा यहाँ इतनी संभावनाएं हैं, क्यों न बनासकांठा और हमारे यहाँ के किसान मीठी क्रांति का नया अध्याय लिखें ? इतने कम समय में, बनासकांठा, शहद उत्पादन का प्रमुख केंद्र बन गया है। आज बनासकांठा के किसान शहद से लाखों रुपए सालाना कमा रहे हैं। ऐसा ही एक उदाहरण हरियाणा के यमुना नगर का भी है। यमुना नगर में, किसान, मधुमक्खी पालन करके, सालाना, कई सौ-टन शहद पैदा कर रहे हैं, अपनी आय बढ़ा रहे हैं। किसानों की इस मेहनत का परिणाम है कि देश में शहद का उत्पादन लगातार बढ़ रहा है, और सालाना, करीब, सवा-लाख टन पहुँचा है, इसमें से, बड़ी मात्रा में, शहद, विदेशों में निर्यात भी हो रहा है। श्री मोदी ने कहा कि मधुमक्खी पालन में केवल शहद से ही आय नहीं होती, बल्कि बीवेक्स भी आय का एक बहुत बड़ा माध्यम है। फार्मा इंडस्ट्री, फूड इंडस्ट्री, टेक्सटाईल और कॉस्मेटिक इंडस्ट्री हर जगह बीवेक्स की मांग है।

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हमारा देश फिलहाल बीवेक्स का आयात करता है, लेकिन, हमारे किसान, अब ये स्थिति, तेजी से बदल रहे हैं। यानि एक तरह से आत्मनिर्भर भारत अभियान में मदद कर रहे हैं। आज तो पूरी दुनिया आयुर्वेद और प्राकृतिक स्वास्थ्य उत्पाद की ओर देख रही है। ऐसे में शहद की माँग और भी तेजी से बढ़ रही है। मैं चाहता हूँ देश के ज्यादा-से-ज्यादा किसान अपनी खेती के साथ-साथ मधुमक्खी पालन से भी जुड़ें। ये किसानों की आय भी बढ़ाएगा और उनके जीवन में मिठास भी घोलेगा।