मैनेज, हैदराबाद को एमएसडीई ने कृषि क्षेत्र में कौशल उत्कृष्टता केंद्र के रूप में दी मान्यता
05 नवंबर 2026, नई दिल्ली: मैनेज, हैदराबाद को एमएसडीई ने कृषि क्षेत्र में कौशल उत्कृष्टता केंद्र के रूप में दी मान्यता – राष्ट्रीय कृषि विस्तार प्रबंधन संस्थान (मैनेज), हैदराबाद को भारत सरकार के कौशल विकास और उद्यमशीलता मंत्रालय (एमएसडीई) ने कृषि क्षेत्र में कौशल उत्कृष्टता केंद्र (सीओई-स्किल्स) के रूप में मान्यता प्रदान की है। यह मान्यता कृषि क्षेत्र में कौशल विकास, उद्यमशीलता को बढ़ावा देने और कुशल कार्यबल तैयार करने की दिशा में संस्थान की महत्वपूर्ण उपलब्धि है। यह मान्यता तीन वर्ष की अवधि के लिए वैध रहेगी।
संस्थान को यह मान्यता 2 नवंबर 2026 को नई दिल्ली स्थित कौशल भवन में आयोजित समारोह में प्रदान की गई। इस दौरान कौशल विकास और उद्यमशीलता मंत्रालय की सचिव श्रीमती देबाश्री मुखर्जी ने मैनेज को मान्यता प्रमाण-पत्र सौंपा।
1987 में हुई थी संस्थान की स्थापना
वर्ष 1987 में स्थापित मैनेज भारत सरकार के कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय के तहत कार्यरत एक स्वायत्त संगठन है। इसका मुख्य उद्देश्य देश की कृषि विस्तार प्रणाली को मजबूत करना है। संस्थान कृषि विस्तार के क्षेत्र में प्रशिक्षण, परामर्श, अनुसंधान और नीतिगत सहायता प्रदान करता है।
मैनेज कृषि-भंडारण प्रबंधन में स्नातकोत्तर डिप्लोमा (पीजीडीएडब्ल्यूएम) और कृषि विस्तार प्रबंधन में स्नातकोत्तर डिप्लोमा (पीजीडीएईएम) जैसे शैक्षणिक कार्यक्रम संचालित करता है। इसके अलावा, संस्थान प्रबंधन में स्नातकोत्तर डिप्लोमा (कृषि-व्यवसाय प्रबंधन) का दो वर्षीय नियमित कार्यक्रम भी प्रदान करता है।
मैनेज कृषि विस्तार से जुड़े कार्मिकों की क्षमताओं को विकसित करने, कृषि क्षेत्र में नए और नवोन्मेषी दृष्टिकोणों को प्रोत्साहित करने तथा उद्यमशीलता के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। संस्थान अपने प्रशिक्षण कार्यक्रमों, ज्ञान-साझाकरण पहलों और अन्य गतिविधियों के माध्यम से कृषि पेशेवरों और इच्छुक उद्यमियों को आवश्यक ज्ञान एवं कौशल प्रदान करने का काम करता है।
कौशल विकास के क्षेत्र में बढ़ेगी संस्थान की भूमिका
कौशल उत्कृष्टता केंद्र के रूप में मान्यता मिलने से मैनेज को कृषि क्षेत्र में कौशल विकास से जुड़ी गतिविधियों का विस्तार करने का अवसर मिलेगा। इससे कृषि कौशल विकास और उद्यमशीलता के क्षेत्र में संस्थान की भागीदारी और मजबूत होगी। साथ ही, कुशल, सक्षम और उद्यमशील कार्यबल तैयार करने के भारत सरकार के दृष्टिकोण को आगे बढ़ाने में भी मदद मिलेगी।
इस पहल की परिकल्पना और पैनलबद्धीकरण की प्रक्रिया को आगे बढ़ाने का कार्य मैनेज के महानिदेशक एवं संयुक्त सचिव (विस्तार) श्री संजय कुमार अग्रवाल, आईएएस के नेतृत्व में किया गया। इसमें डॉ. के. सी. गुम्मागोलमठ, डॉ. विनीता कुमारी और डॉ. शैलेन्द्र की टीम ने योगदान दिया।
महानिदेशक ने बताया महत्वपूर्ण उपलब्धि
मैनेज के महानिदेशक एवं संयुक्त सचिव (विस्तार) श्री संजय कुमार अग्रवाल ने इस पैनलबद्धीकरण को संस्थान के लिए महत्वपूर्ण उपलब्धि बताया। उन्होंने कहा कि यह मान्यता क्षमता विकास के क्षेत्र में संस्थान के समर्पण, कड़ी मेहनत और बनाए रखे गए उच्च मानकों को दर्शाती है।
उन्होंने यह भी कहा कि इस मान्यता के साथ संस्थान की जिम्मेदारी बढ़ गई है। अब कार्यक्रमों के क्रियान्वयन के मानकों को और मजबूत करने के साथ-साथ देश के कौशल विकास मिशन में मैनेज के योगदान को भी बढ़ाना होगा। यह मान्यता कृषि विस्तार को आगे बढ़ाने, संस्थागत क्षमताओं को मजबूत करने और देश में कुशल एवं गतिशील कृषि कार्यबल विकसित करने की दिशा में संस्थान की प्रतिबद्धता को और सुदृढ़ करेगी।
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