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राष्ट्रीय कृषि समाचार (National Agriculture News)

कृषक जगत समाचार@ 5.00 PM: कृषि निर्यात में वृद्धि I मलावी आम I आलू कीमत I यूरिया कीमत I किसान मोर्चा I उर्वरक सब्सिडी

02 दिसंबर 2024, नई दिल्ली: नमस्कार, आइए जानते हैं आज शाम 5 बजे तक कृषक जगत की 10 बड़ी खबरें…

1. भारत के कृषि निर्यात में मूल्य वृद्धि, हालांकि मात्रा में गिरावट

वित्तीय वर्ष 2023-24 में भारत के कृषि निर्यात क्षेत्र ने मजबूती दिखाई, जहां फलों और सब्जियों के निर्यात का मूल्य 1.8 बिलियन डॉलर तक पहुंचा, हालांकि निर्यात की मात्रा घटकर 3.91 मिलियन टन रह गई। इसी प्रकार, पुष्प निर्यात में 8% की वृद्धि दर्ज की गई, जिसका मूल्य 208 मिलियन डॉलर तक पहुंचा, जबकि मात्रा मामूली रूप से घटकर 34,132 टन हो गई। यह जानकारी एपीडा (कृषि और प्रसंस्कृत खाद्य उत्पाद निर्यात विकास प्राधिकरण) की रिपोर्ट में सामने आई। पूरी खबर पढ़े….

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2. देर से पहुंचे मलावी आम, कीमत ₹1500 प्रति बॉक्स

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दक्षिण अफ्रीका की खासियत मलावी आम इस साल मुंबई के कृषि उत्पाद बाजार समिति (APMC) के बाजार में देरी से पहुंचे हैं, जिनकी कीमत लगभग 18 डॉलर (₹1,500) प्रति बॉक्स है। आमतौर पर नवंबर की शुरुआत में आने वाले इस साल की देरी का कारण दक्षिण अफ्रीका में लंबे समय तक बारिश होना है, जिससे फूल आने और कटाई का समय प्रभावित हुआ है। पूरी खबर पढ़े….

3. पश्चिम बंगाल ने आलू की कीमतों को नियंत्रित करने के लिए निर्यात पर रोक लगाई, जिससे सीमा पर ट्रक फंसे

पश्चिम बंगाल सरकार ने बढ़ती कीमतों को नियंत्रित करने के लिए आलू के निर्यात पर प्रतिबंध लगा दिया है, जिसके परिणामस्वरूप ओडिशा-पश्चिम बंगाल सीमा पर कई ट्रक फंसे हुए हैं। बड़ी मात्रा में आलू ले जा रहे ये वाहन वर्तमान में पश्चिम बंगाल के बेलदा के पास खड़े हैं। स्थानीय अधिकारियों ने निगरानी के प्रयास बढ़ा दिए हैं, साथ ही स्थिति पर नज़र रखने के लिए कानून प्रवर्तन एजेंसियों को तैनात किया गया है। पूरी खबर पढ़े….

4. महात्मा गांधी रोजगार गारंटी योजना: ग्रामीण विकास में डिजिटल तकनीक का बढ़ता योगदान

हात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (MGNREGS) ग्रामीण विकास को मजबूती देने वाली एक प्रमुख योजना है। यह योजना ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार सृजन और बुनियादी ढांचे के निर्माण के लिए एक अहम भूमिका निभा रही है। केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्रालय के आंकड़ों के मुताबिक, वित्तीय वर्ष 2024-25 में योजना के तहत 187.5 करोड़ मानव दिवस सृजित किए गए, जिससे 4.6 करोड़ ग्रामीण परिवारों को रोजगार मिला। इसके साथ ही अब तक योजना के तहत 6.18 करोड़ संपत्तियों का जियोटैग किया जा चुका है। पूरी खबर पढ़े….

5. यूरिया की कीमत ₹242 बैग: जानें सब्सिडी का गणित

किसानों के लिए सस्ती और समय पर उर्वरकों की उपलब्धता सुनिश्चित करना सरकार की प्राथमिकता रही है। इसके तहत, रसायन एवं उर्वरक मंत्रालय ने उर्वरकों पर दी जा रही सब्सिडी और नई नीतियों की जानकारी लोकसभा में साझा की। केंद्रीय रसायन एवं उर्वरक राज्य मंत्री श्रीमती अनुप्रिया पटेल ने बताया कि किसानों को यूरिया और डीएपी जैसे उर्वरकों पर सब्सिडी देने के लिए विभिन्न योजनाएं लागू की गई हैं। पूरी खबर पढ़े….

6. फॉस्फेटिक और पोटाशिक उर्वरकों पर सब्सिडी: किसानों को कैसे मिल रही है मदद?

देश में किसानों को सस्ती और गुणवत्तापूर्ण उर्वरकों की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए केंद्र सरकार द्वारा कई कदम उठाए जा रहे हैं। इनमें पोषक तत्व आधारित सब्सिडी (एनबीएस) योजना, नई निवेश नीति (एनआईपी), स्वदेशी उत्पादन को बढ़ावा और उर्वरकों की आपूर्ति में सुधार शामिल हैं। केंद्रीय रसायन और उर्वरक राज्य मंत्री श्रीमती अनुप्रिया पटेल ने लोकसभा में इस संबंध में जानकारी दी। पूरी खबर पढ़े….

7. डीएपी पर विशेष पैकेज: किसानों को सस्ती कीमतों पर उर्वरक उपलब्ध कराने की पहल

सरकार ने फॉस्फेटिक और पोटाशिक (पीएंडके) उर्वरकों के लिए 1 अप्रैल 2010 से पोषक तत्व आधारित सब्सिडी (एनबीएस) नीति लागू की है। इस नीति के तहत पीएंडके उर्वरकों को ओपन जनरल लाइसेंस (ओजीएल) के अंतर्गत रखा गया है, जिससे कंपनियों को अपनी व्यावसायिक जरूरतों के अनुसार इन उर्वरकों का आयात करने की स्वतंत्रता मिलती है। पूरी खबर पढ़े….

8. किसानों ने 6 दिसंबर को दिल्ली कूच की योजना बनाई

पंजाब के किसान नेता स्वर्ण सिंह पंधेर ने घोषणा की कि प्रमुख नेताओं के नेतृत्व में किसानों का एक समूह 6 दिसंबर से पैदल दिल्ली कूच करेगा। यह कदम न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) के लिए कानूनी गारंटी जैसे मुद्दों पर प्रदर्शनकारी किसानों के साथ बातचीत की कमी के लिए केंद्र सरकार से बढ़ती निराशा के बीच उठाया गया है। पूरी खबर पढ़े….

9. कभी मौत का दूसरा नाम था एड्स, अब कम हो रही बीमारी

ह्यूमन इम्यूनो डिफिशिएंसी वायरस (एचआईवी) गंभीर संक्रामक बीमारी एक्वायर्ड इम्यूनोडिफिशिएंसी सिंड्रोम (एड्स) का कारण बनता है। मेडिकल क्षेत्र में नवाचार और कारगर दवाओं के विकास के कारण अब ये संक्रमण लाइलाज तो नहीं रहा लेकिन इसके कारण वैश्विक स्तर पर अब भी हर साल लाखों लोगों की मौत हो जाती है। आंकड़ों के मुताबिक साल 2023 में दुनियाभर में एचआईवी से संबंधित बीमारियों से लगभग 6.30 लाख लोगों की मौत हो गई। पूरी खबर पढ़े….

10. टेप से चिपका केला करोड़ों का, किसान की टोकरी कौड़ियों की!

सोचिए, गांव के किसान रघु को जब ये खबर मिली कि एक केले को दीवार पर टेप लगाकर 50 करोड़ में बेचा गया, तो उसके चेहरे पर कैसा भाव आया होगा। शायद उसने अपनी पूरी जिंदगी के केले गिनने शुरू कर दिए होंगे। “अगर मैं हर केले को दीवार पर टेप करता, तो शायद मैं भी करोड़पति बन जाता,” उसने ठंडी आह भरते हुए कहा। पूरी खबर पढ़े….