Ad DesktopAd TabletAd Mobile
राष्ट्रीय कृषि समाचार (National Agriculture News)

रबी फसल अपडेट: गेहूं और दलहन में बढ़त, तिलहन और मोटे अनाज में चुनौतियां

22 जनवरी 2025, नई दिल्ली: रबी फसल अपडेट: गेहूं और दलहन में बढ़त, तिलहन और मोटे अनाज में चुनौतियां –  कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय ने 20 जनवरी 2025 तक रबी फसलों के अंतर्गत बुवाई क्षेत्र के आंकड़े जारी किए हैं। इस सीजन में कुल बुवाई क्षेत्र 640 लाख हेक्टेयर दर्ज किया गया है, जो पिछले वर्ष (637.49 लाख हेक्टेयर) की तुलना में अधिक है। आइए इस रिपोर्ट में फसलवार प्रदर्शन और प्रमुख रुझानों पर नज़र डालें।

गेहूं और चावल

रबी फसलों में गेहूं का प्रदर्शन इस वर्ष भी उत्कृष्ट रहा। 320 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में गेहूं की बुवाई हुई, जो पिछले वर्ष (315.63 लाख हेक्टेयर) और सामान्य क्षेत्र (312.35 लाख हेक्टेयर) से अधिक है। चावल की बुवाई 26.2 लाख हेक्टेयर में हुई, जो पिछले वर्ष (26.14 लाख हेक्टेयर) के लगभग समान है।

दलहन: स्थिरता और चुनौतियां

दलहन फसलों का कुल बुवाई क्षेत्र 141.69 लाख हेक्टेयर दर्ज किया गया, जो पिछले वर्ष (139.29 लाख हेक्टेयर) से अधिक है।

Ad DesktopAd TabletAd Mobile
Ad DesktopAd TabletAd Mobile
  • चना: 98.28 लाख हेक्टेयर में बुवाई हुई, जो पिछले वर्ष (95.87 लाख हेक्टेयर) से अधिक है।
  • मसूर: 17.43 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में बुवाई हुई, लेकिन यह पिछले वर्ष (17.76 लाख हेक्टेयर) से कम है।
  • अन्य दालें: मटर, कुल्थी, मूंग और उड़द जैसी दालों में मिलाजुला प्रदर्शन देखने को मिला।

श्री अन्न और मोटे अनाज: मिश्रित प्रदर्शन

मोटे अनाज के तहत कुल क्षेत्र 54.49 लाख हेक्टेयर रहा, जो पिछले वर्ष (54.63 लाख हेक्टेयर) से थोड़ा कम है।

कृषक जगत को व्हाट्सएप पर फॉलो करें
खेती-किसानी की ताज़ा खबरें, सीधे आपके फ़ोन पर
चैनल फॉलो करें
  • ज्वार: 23.95 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में बुवाई हुई, जो पिछले वर्ष (25.76 लाख हेक्टेयर) से कम है।
  • मक्का: 22.9 लाख हेक्टेयर तक बुवाई बढ़ी है, जबकि जौ का क्षेत्रफल 6.62 लाख हेक्टेयर रहा।

तिलहन: गिरावट के संकेत

तिलहन फसलों का कुल बुवाई क्षेत्र 97.62 लाख हेक्टेयर दर्ज किया गया, जो पिछले वर्ष (101.8 लाख हेक्टेयर) से कम है।

  • सरसों: 89.3 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में बुवाई हुई, जो पिछले वर्ष (93.73 लाख हेक्टेयर) से कम है।
  • अलसी: 2.68 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में बुवाई दर्ज की गई, जो पिछले वर्ष से थोड़ी कम है।

अन्य तिलहन, जैसे मूंगफली, सूरजमुखी और तिल, में भी गिरावट दर्ज की गई है।

क्रमफसलेंसामान्य क्षेत्र (डीईएस) (2018-19 -2022-23)बोया गया क्षेत्र 20 जनवरी 2025 तक
वर्तमान वर्ष 2024-25पिछला वर्ष 2023-24
1गेहूँ312.35320315.63
2चावल42.0226.226.14
3दालें140.44141.69139.29
कचना100.9998.2895.87
खमसूर15.1317.4317.76
गमटर6.58.948.98
घकुल्थी1.983.133.13
ङउड़द की दाल6.155.125.12
चमूंग की दाल1.441.211.08
छलैथिरस/ लतरी2.793.123.32
जअन्य दालें5.464.454.04
4       श्री अन्न एवं मोटे अनाज53.4654.4954.63
कज्वार बाजरे24.3723.9525.76
खबाजरा0.370.140.17
ग     रागी       छोटे बाजरा0.740.720.68
घछोटा बाजरा0.150.160
ङमक्का जौ22.1122.921.32
चजौ5.726.626.71
5तिलहन रेपसीड और सरसों87.0297.62101.8
करेपसीड और सरसों79.1689.393.73
खमूंगफली3.823.653.42
गकुसुम0.720.70.71
घसूरजमुखी0.810.740.43
ङतिल0.580.20.37
चअलसी1.932.682.84
छअन्य तिलहन00.350.29
कुल635.3640637.49


कुल मिलाकर, रबी फसलों में गेहूं और दलहन का प्रदर्शन संतोषजनक रहा है, जबकि तिलहन और मोटे अनाज के क्षेत्रों में गिरावट देखी गई है। मंत्रालय ने राज्य सरकारों से अपील की है कि वे किसानों को समर्थन देने के लिए क्षेत्रीय स्तर पर सहायता सुनिश्चित करें।

(नवीनतम कृषि समाचार और अपडेट के लिए आप अपने मनपसंद प्लेटफॉर्म पे कृषक जगत से जुड़े – गूगल न्यूज़,  टेलीग्राम, व्हाट्सएप्प)

(कृषक जगत अखबार की सदस्यता लेने के लिए यहां क्लिक करें – घर बैठे विस्तृत कृषि पद्धतियों और नई तकनीक के बारे में पढ़ें)

कृषक जगत ई-पेपर पढ़ने के लिए नीचे दिए गए लिंक पर क्लिक करें:

www.krishakjagat.org/kj_epaper/

कृषक जगत की अंग्रेजी वेबसाइट पर जाने के लिए नीचे दिए गए लिंक पर क्लिक करें:

www.global-agriculture.com