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राज्य कृषि समाचार (State News)

गेहूं पैदा करने वाले किसानों को खुश किया जाएगा

21 जनवरी 2025, भोपाल: गेहूं पैदा करने वाले किसानों को खुश किया जाएगा – प्रदेश सरकार इस बार गेहूं पैदा करने वाले किसानों को खुश करने के लिए कमर कस चुकी है। इस बार गेहूं के समर्थन मूल्य का भाव ज्यादा दिया जाएगा। इस वर्ष गेहूं का समर्थन मूल्य 2425 रुपए प्रति क्विंटल निर्धारित किया गया है। इसके लिए पंजीयन भी शुरु हो गया है। किसान घर बैठकर पंजीयन करा सकते हैं। इस साल राज्य में उपार्जन केंद्रों की संख्या बढ़ाकर 4000 कर दी गई है, जो पिछले वर्ष 3694 थी।

राज्य सरकार ने रबी सीजन की प्रमुख फसल गेहूं की सरकारी खरीद की तैयारियां शुरू कर दी है। लगभग एक माह बाद रबी फसल निकलना शुरू हो जाएगी। इस बार 50 लाख टन से अधिक गेहूं की खरीद करने का अनुमान रखा गया है। राज्य सरकार ने कहा है कि किसानों का गेहूं बढ़े हुए न्यूनतम समर्थन मूल्य पर खरीदा जाएगा। इस बार समर्थन मूल्य पर गेहूं का विक्रय करने वाले किसानों को 20 जनवरी से 31 मार्च तक का समय पंजीयन के लिए दिया गया है। इस अवधि में किसान अपनी फसल का पंजीयन करा सकेंगे। किसान पंजीयन की व्यवस्था को इस बार सुगम बनाया गया है। जिससे किसान स्वयं के मोबाइल से घर बैठे पंजीयन कर सकेंगे। किसानों को पंजीयन केन्द्रों में लाइन नहीं लगाना पड़ेगी। इसको लेकर प्रदेश के सभी जिलों में तैयारियां शुरू हो गई है। इस बार किसानों को गेहूं के 2425 रुपए प्रति क्विंटल मिलेंगे। पिछले वर्ष न्यूनतम समर्थन मूल्य 2275 रुपए था। इसमें राज्य सरकार द्वारा किसानों को 125 रुपए का अतिरिक्त बोनस देकर 2400 रुपए प्रति क्विंटल में खरीदा गया था। केंद्र सरकार ने इस वर्ष 2025-26 में 150 रुपए की बढ़ोत्तरी की है। 20 जनवरी से गेहूं उपार्जन के पंजीयन शुरू हो जाएंगे। जो किसान जिस बचत खाते में भुगतान चाहते हैं, वह आधार से लिंक होना जरूरी है। अन्यथा भुगतान संबंधी परेशानी का सामना करना पड़ सकता है।
पंजीयन की निशुल्क व्यवस्था पंजीयन की नि:शुल्क व्यवस्था ग्राम पंचायत और जनपद पंचायत कार्यालयों में स्थापित सुविधा केन्द्र पर, तहसील कार्यालयों में स्थापित सुविधा केन्द्र पर सहकारी समितियों एवं सहकारी विपणन संस्थाओं द्वारा संचालित पंजीयन केन्द्र और एमपी किसान एप पर भी की गई है। पंजीयन की सशुल्क व्यवस्था एम.पी. ऑनलाइन कियोस्क, कॉमन सर्विस सेन्टर कियोस्क, लोक सेवा केन्द्र और निजी व्यक्तियों द्वारा संचालित साइबर कैफे पर की गई है। इन केन्द्रों पर पंजीयन के लिये शुल्क राशि प्राप्त करने के संबंध में कलेक्टर निर्देश जारी करेंगे। प्रति पंजीयन के लिए 50 रुपये से अधिक शुल्क निर्धारित नहीं किया जाएगा। पंजीयन के लिए किसान के पास जमीन की ऋण पुस्तिका, आधार कार्ड, बैंक अकाउंट की पासबुक बैंक अकाउंट से आधार कार्ड लिंक होना चाहिए। आधार कार्ड लिंक नहीं है तो भुगतान अटक सकता है। पंजीयन के लिए भू-अभिलेख में दर्ज खाते, खसरा, आधार कार्ड का मिलान होना जरूरी है। गड़बड़ी होने पर सुधार तहसील कार्यालय में होगा। जनधन, अक्रियाशील संयुक्त बैंक खाता व फिनो, एयरटेल, पेटीएम बैंक खाता पंजीयन में मान्य नहीं होंगे। किसान अपने आधार नंबर से बैंक खाता और मोबाइल नंबर को लिंक कराकर उसे अपडेट रखें।

बीते साल 6 लाख 16 हजार किसानों से 48 लाख 38 हजार मीट्रिक टन गेहूं खरीदा गया था। समर्थन मूल्य पर किसानों से गेहूं खरीदने के लिए राज्यभर में 3694 क्रय केंद्र बनाए गए थे। खरीदे गए गेहूं को ले जाने, हैंडलिंग और किसानों के तेज पेमेंट के लिए 2199 खरीद केंद्रों को गोदाम के रूप में भी इस्तेमाल किया गया था। बाकी 1495 क्रय केन्द्र समिति स्तर पर स्थापित किए गए थे।

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