राष्ट्रीय कृषि समाचार (National Agriculture News)

1086.31 लाख हेक्टेयर तक पहुंचा खरीफ फसलों का रकबा, दलहन-जूट-मेस्ता में बढ़ोतरी; धान में 16.37 लाख हेक्टेयर की कमी

09 सितंबर 2026, नई दिल्ली: 1086.31 लाख हेक्टेयर तक पहुंचा खरीफ फसलों का रकबा, दलहन-जूट-मेस्ता में बढ़ोतरी; धान में 16.37 लाख हेक्टेयर की कमी – कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय के मुताबिक, 4 सितंबर 2026 तक देश में खरीफ फसलों की बुआई का कुल रकबा 1086.31 लाख हेक्टेयर पहुंच गया है। पिछले साल इसी अवधि में 1104.00 लाख हेक्टेयर में खरीफ फसलों की बुआई हुई थी। इस तरह कुल रकबे में 17.69 लाख हेक्टेयर की कमी दर्ज की गई है। हालांकि, दलहन और जूट-मेस्ता के बुआई रकबे में पिछले साल की समान अवधि के मुकाबले बढ़ोतरी हुई है, जबकि धान के रकबे में 16.37 लाख हेक्टेयर की कमी आई है।

4 सितंबर तक खरीफ फसलों की बुआई का रकबा

क्रमांकफसलसामान्य रकबा2026-27 में बुआई2025-26 में बुआईरकबे में अंतर
1धान412421.82438.19-16.37
2कुल दलहन123.63117.13115.31.84
2Aतुअर44.3145.6644.930.72
2Bउड़द29.625.1522.462.68
2Cमूंग35.4833.1934.23-1.04
2Dकुलथी1.480.380.41-0.03
2Eमोठ बीन9.699.239.190.04
2Fअन्य दलहन3.073.534.07-0.53
3श्री अन्न एवं मोटे अनाज182.63181.39182.48-1.09
3Aज्वार14.4413.5812.610.97
3Bबाजरा70.9464.8662.871.99
3Cरागी12.017.68.77-1.17
3Dछोटे बाजरा4.474.264.150.11
3Eमक्का80.7791.0994.08-2.99
4कुल तिलहन200.08191.99193.06-1.07
4Aमूंगफली46.7949.6150.44-0.83
4Bसोयाबीन128.71121.82122.98-1.16
4Cसूरजमुखी1.21.250.640.61
4Dतिल12.8810.949.51.44
4Eरामतिल1.010.460.410.05
4Fअरंडी9.497.799.02-1.23
4Gअन्य तिलहन0.120.070.04
5गन्ना54.258.4758.87-0.4
6कुल जूट एवं मेस्ता6.396.346.240.1
6Aजूट6.036.136.030.11
6Bमेस्ता0.370.210.210
7कपास125.51109.17109.87-0.69
कुल योग1104.461086.311104-17.69

 धान की बुआई में 16.37 लाख हेक्टेयर की कमी

4 सितंबर तक धान की बुआई करीब 421.82 लाख हेक्टेयर में हुई है। पिछले साल इसी अवधि में यह 438.19 लाख हेक्टेयर थी। इस तरह धान के रकबे में 16.37 लाख हेक्टेयर की कमी आई है। धान के रकबे में सबसे ज्यादा कमी कर्नाटक में 4.28 लाख हेक्टेयर, तेलंगाना में 3.61 लाख हेक्टेयर, उत्तर प्रदेश में 1.84 लाख हेक्टेयर, आंध्र प्रदेश में 1.91 लाख हेक्टेयर और मध्य प्रदेश में 1.75 लाख हेक्टेयर दर्ज की गई है। इसके अलावा तमिलनाडु, झारखंड और महाराष्ट्र में भी कमी रही। वहीं, असम और ओडिशा में धान की बुआई का रकबा बढ़ा है।

दलहन की बुआई में बढ़ोतरी

दलहन की बुआई का रकबा पिछले साल के 115.30 लाख हेक्टेयर से बढ़कर 117.13 लाख हेक्टेयर हो गया है। इसमें 1.84 लाख हेक्टेयर की बढ़ोतरी हुई है। दलहन में उत्तर प्रदेश में 3.97 लाख हेक्टेयर, झारखंड में 0.98 लाख हेक्टेयर, तेलंगाना में 0.90 लाख हेक्टेयर, राजस्थान में 0.57 लाख हेक्टेयर और मध्य प्रदेश में 0.38 लाख हेक्टेयर की बढ़ोतरी हुई है। दूसरी ओर, महाराष्ट्र, कर्नाटक और ओडिशा में दलहन का रकबा घटा है।

श्री अन्न और मोटे अनाज का रकबा थोड़ा घटा

श्री अन्न एवं मोटे अनाज के तहत इस साल करीब 181.39 लाख हेक्टेयर में बुआई हुई है, जबकि पिछले साल यह 182.48 लाख हेक्टेयर थी। इस तरह रकबे में 1.09 लाख हेक्टेयर की कमी आई है। कर्नाटक और महाराष्ट्र में रकबे में बड़ी गिरावट दर्ज की गई है। वहीं राजस्थान, छत्तीसगढ़, ओडिशा, मध्य प्रदेश, बिहार, उत्तर प्रदेश, झारखंड और उत्तराखंड में मोटे अनाज की बुआई बढ़ी है।

तिलहन की बुआई 191.99 लाख हेक्टेयर

तिलहन की बुआई का रकबा पिछले साल के 193.06 लाख हेक्टेयर से घटकर 191.99 लाख हेक्टेयर रह गया है। इसमें 1.07 लाख हेक्टेयर की कमी दर्ज की गई है। राजस्थान और गुजरात में तिलहन के रकबे में सबसे ज्यादा कमी हुई है। वहीं उत्तर प्रदेश में 2.91 लाख हेक्टेयर और मध्य प्रदेश में 1.14 लाख हेक्टेयर अधिक रकबे में तिलहन की बुआई दर्ज की गई है।

गन्ने और कपास के रकबे में भी कमी

गन्ने की बुआई का क्षेत्रफल पिछले साल के 58.87 लाख हेक्टेयर की तुलना में इस साल 58.47 लाख हेक्टेयर रहा। इसमें 0.40 लाख हेक्टेयर की कमी आई है। बिहार और उत्तराखंड में रकबा घटा है, जबकि उत्तर प्रदेश और हरियाणा में बढ़ोतरी दर्ज की गई है।

वहीं, कपास की खेती का रकबा पिछले साल के 109.87 लाख हेक्टेयर से घटकर 109.17 लाख हेक्टेयर रह गया है। इसमें 0.69 लाख हेक्टेयर की कमी हुई है। राजस्थान, हरियाणा और पंजाब में कपास का रकबा घटा, जबकि तेलंगाना और गुजरात में बढ़ोतरी दर्ज की गई।

जूट और मेस्ता की खेती में मामूली बढ़ोतरी

जूट एवं मेस्ता की खेती का रकबा पिछले साल के 6.24 लाख हेक्टेयर से बढ़कर 6.34 लाख हेक्टेयर हो गया है। इसमें 0.10 लाख हेक्टेयर की बढ़ोतरी हुई है। बिहार और पश्चिम बंगाल में इसका रकबा बढ़ा है, जबकि असम और आंध्र प्रदेश में कमी दर्ज की गई है। कुल मिलाकर बिहार और पश्चिम बंगाल में बढ़े रकबे से अन्य राज्यों में हुई कमी की भरपाई हुई है I

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