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राष्ट्रीय कृषि समाचार (National Agriculture News)

खरीफ 2025 में बुवाई में भारी वृद्धि, धान का रकबा 441 लाख हेक्टेयर, तिलहनी फसलें 190 लाख हेक्टेयर तक पहुंचीं

29 अक्टूबर 2025, नई दिल्ली: खरीफ 2025 में बुवाई में भारी वृद्धि, धान का रकबा 441 लाख हेक्टेयर, तिलहनी फसलें 190 लाख हेक्टेयर तक पहुंचीं – केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण और ग्रामीण विकास मंत्री  शिवराज सिंह चौहान ने प्रधानमंत्री  नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में मंगलवार को केंद्रीय कैबिनेट द्वारा खाद सब्सिडी के लिए 38 हजार करोड़ रुपये की जारी करने के फैसले पर किसानों की ओर से उनका आभार व्यक्त किया। केंद्रीय कृषि मंत्री  शिवराज सिंह चौहान की अध्यक्षता में आयोजित समीक्षा बैठक में बताया गया कि खरीफ-2025 के दौरान फसलों की बुवाई काफी अच्छी हुई है। खरीफ-2025 के लिए धान की बुवाई का कुल आंकड़ा 441.58 लाख हेक्टेयर तक पहुंच गया है, जो पिछले वर्ष की अपेक्षा अधिक है।

वहीं, तिलहनी फसलों का अखिल भारतीय क्षेत्र 190.13 लाख हेक्टेयर तक दर्ज किया गया, जिसमें सोयाबीन एवं मूंगफली प्रमुख हैं। इसी तरह, दालों का क्षेत्र 120.41 लाख हेक्टेयर तक पहुंचा है, जो पोषण सुरक्षा की दिशा में महत्वपूर्ण उपलब्धि है, वहीं गन्ने का क्षेत्र 59.07 लाख हेक्टेयर तक रहा हैं, जिससे गन्ना उत्पादक किसान भाइयों-बहनों को सीधा फायदा होगा।

देश के कृषि क्षेत्र को इस बार अनुकूल मानसून, पर्याप्त वर्षा, जलाशयों में बेहतर जलसंग्रह के चलते काफी लाभ मिला है। केंद्रीय कृषि मंत्री  शिवराज सिंह चौहान द्वारा देश में कृषि क्षेत्र की प्रगति की साप्ताहिक समीक्षा के दौरान बताया गया कि प्रमुख जलाशयों में सामान्य या अधिक स्तर पर पानी संग्रहित है, जिससे सिंचाई संबंधी जरूरतें काफी हद तक पूरी हुई हैं व खरीफ की बुवाई समय पर पूरी हो सकी है। यह किसानों के लिए बड़ी राहत की बात रही, क्योंकि लगातार पर्याप्त नमी के कारण बुवाई में तेजी आई, पौधों की वृद्धि भी संतुलित रही हैं। पर्याप्त नमी से रबी बुवाई क्षेत्र में भी वृद्धि होगी।

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बैठक में मौजूद कृषि आयुक्त डा. पी.के. सिंह ने केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह को रिपोर्ट दी कि देशभर में सिंचाई परियोजनाओं एवं जलाशयों के लिए जल उपलब्धता में वृद्धि हुई हैं, जिससे सिंचाई आधारित कृषि क्षेत्रों में भी कृषि विकास संभव हुआ है। बैठक में बताया गया कि देश में पिछले वर्ष की तुलना में कुल जल संग्रहण की स्थिति बेहतर है, 161 जलाशयों में उपलब्ध संग्रहण 165.58 अरब घन मीटर (BCM) है, जो गत वर्ष के मुकाबले 104.30% और पिछले 10 वर्षों के औसत संग्रहण का 115.95% है।

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खरीफ क्षेत्र में 27% फसल कटाई हुई पूरी

बैठक में यह जानकारी भी दी गई कि देश के कुछ क्षेत्रों में खरीफ की फसलों की कटाई शुरू हो गई है, अब तक कुल खरीफ क्षेत्र के लगभग 27% भाग की कटाई हो चुकी है, साथ ही कुछ इलाकों में रबी की बुवाई भी प्रारंभ हो चुकी है, जो वर्तमान में प्रारंभिक चरण में है। देश में प्याज, आलू व टमाटर की फसलों की स्थिति भी औसतन अच्छी परिलक्षित हो रही है, वहीं चावल-गेहूं का वास्तविक स्टाक, बफर मानक की तुलना में ज्यादा है।

केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह ने कहा कि समय पर और अनुकूल मानसून, पर्याप्त जलाशय संसाधन, बढ़िया योजना प्रबंधन एवं डिजिटल नवाचार के चलते देश के कृषि क्षेत्र में रिकॉर्ड उपलब्धियां दर्ज हो रही हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के नेतृत्व में, सरकार की किसान हितैषी नीतियों की वजह से ये उपलब्धियां किसानों के जीवन स्तर को ऊंचा उठा रही है, वहीं राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा के लिए भी यह शुभ संकेत हैं। आगामी रबी मौसम में दलहनी और तिलहनी फसलों की ज्यादा बुवाई के लिए और रिकार्ड उत्पादकता प्राप्त करने के लिए केंद्र सरकार, प्रदेशों के साथ मिलकर हरसंभव सहायता किसानों को उपलब्ध कराएगी।  

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