राष्ट्रीय कृषि समाचार (National Agriculture News)

किसान यूनियन की पड़ताल, गेहूं की बोरियों में मिला अतिरिक्त वजन

18 अप्रैल 2025, नई दिल्ली: किसान यूनियन की पड़ताल, गेहूं की बोरियों में मिला अतिरिक्त वजन – भारतीय किसान यूनियन (बीकेयू) टिकैत गुट ने बुधवार को करनाल के नए अनाज मंडी में गेहूं खरीद में अनियमितताओं का दावा किया। यूनियन की एक टीम ने जांच के दौरान पाया कि कुछ गेहूं की बोरियों का वजन सरकार द्वारा निर्धारित सीमा से 500-700 ग्राम अधिक था।

बीकेयू के राज्य अध्यक्ष रतन मान ने बताया कि उन्होंने अनाज मंडियों में गेहूं खरीद की व्यवस्था की जांच के लिए छह सदस्यों की एक समिति बनाई। इस समिति ने करनाल और कुंजपुरा की मंडियों का दौरा किया, जिसका नेतृत्व बीकेयू जिला इकाई के अध्यक्ष साहब सिंह बाजवा और प्रवक्ता सुरेंद्र सागवान ने संयुक्त रूप से किया।

रतन मान ने कहा कि वजन में हेराफेरी की जांच के लिए टीम ने डिजिटल तराजू साथ ले गए थे। करनाल मंडी में पांच दुकानों और कुंजपुरा मंडी में दो दुकानों पर बोरियों का वजन जांचा गया। जांच में पाया गया कि प्रत्येक बोरी में निर्धारित वजन से 500 से 700 ग्राम गेहूं अधिक भरा था। इस गड़बड़ी को लेकर मंडी समिति के अधिकारियों को मौके पर बुलाया गया और वजन रजिस्टर में शिकायत दर्ज की गई।

मान ने यह भी बताया कि कुंजपुरा मंडी में जांच के दौरान मजदूरों ने बीच में वजन का काम रोक दिया और दुकानों पर वापस चले गए। टीम के जाने के बाद ही उन्होंने दोबारा काम शुरू किया। मान ने कहा, “इससे सरकार के बड़े-बड़े दावों की पोल खुल गई है। गेहूं खरीद को लेकर सरकार और विधायकों के रोज़मर्रा के वादे पूरी तरह बेनकाब हो गए हैं।”

Advertisement
Advertisement

हालांकि, इस मामले पर प्रशासन की ओर से कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है। मान ने बताया कि बीकेयू का एक प्रतिनिधिमंडल गुरुवार को उपायुक्त उत्तम सिंह से मिलकर अपनी जांच के निष्कर्षों से अवगत कराएगा।

Advertisement
Advertisement
Advertisements
Advertisement
Advertisement

(नवीनतम कृषि समाचार और अपडेट के लिए आप अपने मनपसंद प्लेटफॉर्म पे कृषक जगत से जुड़े – गूगल न्यूज़,  टेलीग्रामव्हाट्सएप्प)

(कृषक जगत अखबार की सदस्यता लेने के लिए यहां क्लिक करें – घर बैठे विस्तृत कृषि पद्धतियों और नई तकनीक के बारे में पढ़ें)

कृषक जगत ई-पेपर पढ़ने के लिए नीचे दिए गए लिंक पर क्लिक करें:

www.krishakjagat.org/kj_epaper/

कृषक जगत की अंग्रेजी वेबसाइट पर जाने के लिए नीचे दिए गए लिंक पर क्लिक करें:

www.en.krishakjagat.org

Advertisements
Advertisement
Advertisement