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राष्ट्रीय कृषि समाचार (National Agriculture News)

सरकार ने बढ़ाया प्याज का खरीद भाव, अब बफर स्टॉक के लिए ₹2,125 प्रति क्विंटल मिलेगी कीमत  

06 जुलाई 2026, नई दिल्ली: सरकार ने बढ़ाया प्याज का खरीद भाव, अब बफर स्टॉक के लिए ₹2,125 प्रति क्विंटल मिलेगी कीमत- प्याज किसानों के लिए बड़ी खुशखबरी हैं। केंद्र सरकार ने मूल्य स्थिरीकरण बफर के लिए प्याज की खरीद कीमत में 13 प्रतिशत की बढ़ोतरी कर दी है। इसके तहत खरीद मूल्य 1,875 रुपये प्रति क्विंटल से बढ़ाकर 2,125 रुपये प्रति क्विंटल कर दिया गया है। संशोधित खरीद मूल्य 4 जुलाई 2026 से प्रभावी हो गया है।

सरकार के मूल्य स्थिरीकरण बफर के लिए एनएएफईडी और एनसीसीएफ के माध्यम से प्याज की खरीद जारी है। संशोधित खरीद मूल्य से प्याज किसानों को बेहतर लाभ मिलेगा और बफर खरीद प्रयासों को भी समर्थन मिलेगा।

प्याज उत्पादन सामान्य रहने का अनुमान

कृषि एवं किसान कल्याण विभाग के वर्ष 2025-26 के दूसरे अग्रिम अनुमान के अनुसार, प्याज का उत्पादन 307.37 लाख मीट्रिक टन रहने का अनुमान है, जो वर्ष 2024-25 के 307.67 लाख मीट्रिक टन उत्पादन के लगभग बराबर है।

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उत्पादन के इन अनुमानों को देखते हुए फिलहाल प्याज की कुल उपलब्धता चिंता का विषय नहीं है। हालांकि, सामान्य मौसमी उतार-चढ़ाव के अनुरूप कीमतों में मामूली वृद्धि की संभावना जताई गई है।

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महाराष्ट्र, मध्यप्रदेश और गुजरात में पर्याप्त भंडार

सरकार के अनुसार महाराष्ट्र, मध्यप्रदेश और गुजरात में प्याज का पर्याप्त भंडार उपलब्ध है। वर्तमान में भंडारित प्याज की किसी प्रकार की कमी के संकेत नहीं हैं।

अखिल भारतीय स्तर पर दैनिक मंडी आवक 50 हजार मीट्रिक टन से अधिक बनी हुई है, जबकि महाराष्ट्र में यह आवक 30 हजार मीट्रिक टन से अधिक है। बेहतर गुणवत्ता वाला प्याज अभी भी भंडार में उपलब्ध है और मंदी के दौर में इसके बाजार में आने की उम्मीद है।

मानसून में देरी से बढ़ी सट्टेबाजी

सरकार ने बताया कि मानसून के आगमन में देरी और कुछ क्षेत्रों में सामान्य से कम वर्षा के कारण व्यापारियों का एक वर्ग सट्टेबाजी के आधार पर खरीदारी कर रहा है। हालांकि, प्रमुख उपभोक्ता केंद्रों में मौजूदा कीमतों पर विशेष मांग नहीं है।

नासिक और मध्यप्रदेश के कुछ उत्पादन क्षेत्रों में सट्टेबाजी की गतिविधियां देखी जा रही हैं, जो मजबूत वास्तविक मांग के बजाय भविष्य में बाजार में सुधार की उम्मीदों पर आधारित हैं।

प्याज निर्यात जारी

जून 2026 के दौरान लगभग 1.50 लाख मीट्रिक टन प्याज का निर्यात हुआ। हालांकि, व्यापारियों का अनुमान है कि पाकिस्तान और चीन से ताजा फसलें खाड़ी देशों, श्रीलंका और सुदूर पूर्व के बाजारों में प्रतिस्पर्धी दरों पर उपलब्ध होने के कारण प्याज के निर्यात की रफ्तार कुछ समय के लिए धीमी हो सकती है।

सरकार के अनुसार महाराष्ट्र के नासिक क्षेत्र में खरीफ प्याज की बुवाई में लगभग 15 दिन की देरी दर्ज की गई है। वहीं, कर्नाटक के चित्रदुर्ग और चल्लाकेरे क्षेत्रों में बुवाई की प्रगति सामान्य स्तर के लगभग 60 प्रतिशत तक पहुंचने का अनुमान है।

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