राष्ट्रीय कृषि समाचार (National Agriculture News)

प्याज की कीमतों पर सरकार का प्रहार, बफर स्टॉक से बढ़ी आपूर्ति

02 सितंबर 2026, नई दिल्ली: प्याज की कीमतों पर सरकार का प्रहार, बफर स्टॉक से बढ़ी आपूर्ति –  देशभर में बढ़ती प्याज की कीमतों को नियंत्रित करने के लिए केंद्र सरकार ने बफर स्टॉक से प्याज की आपूर्ति तेज कर दी है। प्रमुख खपत केंद्रों तक प्याज पहुंचाने के लिए रेलवे रेक यानी ‘कांदा एक्सप्रेस’ और सड़क परिवहन के मिश्रित मॉडल का इस्तेमाल किया जा रहा है। सरकार की इस पहल का उद्देश्य बाजार में प्याज की उपलब्धता बढ़ाकर बढ़ती कीमतों पर अंकुश लगाना और आम उपभोक्ताओं को राहत पहुंचाना है।

नासिक से रवाना की गई पहली ‘कांदा एक्सप्रेस’ दिल्ली पहुंची। इसमें करीब 450 मीट्रिक टन प्याज भेजा गया। इसमें से 140 मीट्रिक टन प्याज वाराणसी, लखनऊ, चंडीगढ़ और अमृतसर जैसे शहरों के लिए भेजा गया, जबकि शेष प्याज दिल्ली-एनसीआर क्षेत्र में बिक्री के लिए उपलब्ध कराया गया।

इसके बाद दूसरी खेप के रूप में करीब 840 मीट्रिक टन प्याज चेन्नई पहुंचाया गया। तमिलनाडु सरकार इसे सार्वजनिक वितरण प्रणाली के माध्यम से राशन कार्डधारकों को उपलब्ध कराने की तैयारी में है। रेलवे के साथ ही सड़क मार्ग से भी करीब 1,000 मीट्रिक टन प्याज प्रमुख उपभोक्ता केंद्रों तक भेजा जा रहा है। इसके लिए 30 से अधिक ट्रकों को लगाया गया है।

दिल्ली, जयपुर, जम्मू, देहरादून, शिमला, अमृतसर, चंडीगढ़, कोलकाता, गुवाहाटी, लखनऊ, वाराणसी, पटना, भुवनेश्वर, चेन्नई, मदुरै, त्रिशूर और कोच्चि सहित कई शहरों में खुदरा बिक्री अभियान चलाया जा रहा है।

सरकार नेफेड, एनसीसीएफ, केंद्रीय भंडार के बिक्री केंद्रों और मोबाइल वैन के माध्यम से प्याज 35 रुपये प्रति किलो की दर से उपलब्ध करा रही है। अब तक बफर स्टॉक से कुल 669 मीट्रिक टन प्याज की बिक्री की जा चुकी है। इसमें 223 मीट्रिक टन थोक खरीदारों को ऑनलाइन माध्यम से तथा 446 मीट्रिक टन खुदरा माध्यम से उपभोक्ताओं को बेचा गया है।

सरकार का दावा है कि बफर स्टॉक से अतिरिक्त प्याज बाजार में आने के बाद कई शहरों में कीमतों में नरमी के संकेत दिखाई देने लगे हैं। आने वाले दिनों में आपूर्ति बढ़ने से बाजार में स्थिरता आने और उपभोक्ताओं को राहत मिलने की उम्मीद है।

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