खरीफ 2026 से पहले सरकार का दावा, देश में उर्वरकों का पर्याप्त स्टॉक, कीमतें स्थिर रहेगी
12 मई 2026, नई दिल्ली: खरीफ 2026 से पहले सरकार का दावा, देश में उर्वरकों का पर्याप्त स्टॉक, कीमतें स्थिर रहेगी – खरीफ 2026 सीजन से पहले केंद्र सरकार ने उर्वरक उपलब्धता को लेकर बड़ा दावा किया है। कृषि एवं किसान कल्याण विभाग (DA&FW) के अनुसार देश में प्रमुख उर्वरकों का पर्याप्त स्टॉक मौजूद है और किसानों को किसी तरह की कमी का सामना नहीं करना पड़ेगा। सरकार ने यह भी स्पष्ट किया है कि सभी प्रमुख उर्वरकों के अधिकतम खुदरा मूल्य (MRP) में कोई बदलाव नहीं किया गया है और कीमतें स्थिर रहेंगी।
विभाग के अनुसार खरीफ 2026 के लिए कुल 390.54 लाख मीट्रिक टन उर्वरक की आवश्यकता का अनुमान है। इसके मुकाबले वर्तमान में देश में 199.65 लाख मीट्रिक टन का स्टॉक उपलब्ध है, जो कुल आवश्यकता का 51% से अधिक है। यह स्तर सामान्य 33% के सुरक्षित स्टॉक से काफी अधिक है, जो सरकार की बेहतर योजना, समय पर भंडारण और मजबूत लॉजिस्टिक्स प्रबंधन को दर्शाता है।
संकट के बाद बढ़ी अतिरिक्त उपलब्धता
पश्चिम एशिया में हालिया परिस्थितियों के बाद देश में कुल 97 लाख मीट्रिक टन अतिरिक्त उर्वरक उपलब्ध कराया गया है। इसमें घरेलू उत्पादन और आयात दोनों का योगदान रहा है।
सरकारी आंकड़ों के अनुसार घरेलू उत्पादन से 76.78 लाख टन और आयात से 19.94 लाख टन उर्वरक उपलब्ध हुआ है। इसके अलावा मई और जून की जरूरतों के लिए लगभग 7 लाख टन एनपीके (NPK) भी सुरक्षित किया गया है।
उत्पादवार उपलब्धता (संकट के बाद)
| उर्वरक (Product) | घरेलू उत्पादन (लाख टन) | आयात (लाख टन) | कुल उपलब्धता (लाख टन) |
| यूरिया (Urea) | 46.28 | 12.51 | 58.79 |
| डीएपी (DAP) | 6.2 | 0.76 | 6.96 |
| एनपीके (NPKs) | 15.57 | 3.79 | 19.36 |
| एसएसपी (SSP) | 8.73 | 0 | 8.73 |
| एमओपी (MOP) | 0 | 2.88 | 2.88 |
| कुल | 76.78 | 19.94 | 96.72 (~97) |
वैश्विक खरीद और भविष्य की तैयारी
पीक सीजन में पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए उर्वरक कंपनियों ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी तैयारी तेज कर दी है। इसके तहत 12 लाख टन डीएपी, 4 लाख टन टीएसपी और 3 लाख टन अमोनियम सल्फेट की खरीद के लिए ग्लोबल टेंडर जारी किए गए हैं।
इसके अलावा उत्पादन के लिए जरूरी कच्चे माल हेतु 5.36 लाख टन अमोनिया और 5.94 लाख टन सल्फर की खरीद प्रक्रिया भी जारी है, जिससे सप्लाई चेन को और मजबूत किया जा सके।
किसानों के लिए राहत, कीमतें स्थिर
सरकार ने स्पष्ट किया है कि किसी भी प्रमुख उर्वरक की कीमत में कोई बढ़ोतरी नहीं की गई है। किसानों को पहले की तरह सब्सिडी युक्त दरों पर उर्वरक उपलब्ध कराए जा रहे हैं।
उर्वरक विभाग कंपनियों के सब्सिडी बिलों का नियमित साप्ताहिक भुगतान कर रहा है, जिससे आपूर्ति व्यवस्था पर कोई असर न पड़े। साथ ही सचिवों के अधिकार प्राप्त समूह (EGoS) की अब तक 8 बैठकें हो चुकी हैं, जिनमें लगातार निगरानी की जा रही है।
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