कृषि विकास को नई गति: 2024-25 में GVA 10.4% बढ़ा, खाद्यान्न उत्पादन में भी रिकॉर्ड उछाल
05 फरवरी 2026, नई दिल्ली: कृषि विकास को नई गति: 2024-25 में GVA 10.4% बढ़ा, खाद्यान्न उत्पादन में भी रिकॉर्ड उछाल – कृषि और किसान कल्याण राज्य मंत्री रामनाथ ठाकुर ने लोकसभा में एक लिखित उत्तर में बताया कि वर्ष 2024-25 के दौरान देश के कृषि और संबद्ध क्षेत्रों में सकल मूल्य संवर्धन (GVA) में 10.4 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई है। यह वृद्धि फसलों के साथ-साथ पशुधन, मत्स्य पालन और बागवानी क्षेत्रों के बेहतर प्रदर्शन को दर्शाती है।
राज्य मंत्री ने बताया कि पिछले पांच वर्षों में कृषि क्षेत्र में निरंतर वृद्धि देखने को मिली है। वर्ष 2020-21 में कृषि GVA 10 प्रतिशत रहा, जो 2021-22 में 10.6 प्रतिशत तक पहुंच गया। इसके बाद 2022-23 में 8.5 प्रतिशत और 2023-24 में 9.6 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई, जबकि 2024-25 में यह बढ़कर 10.4 प्रतिशत हो गया है।
खाद्यान्न उत्पादन में रिकॉर्ड उछाल
वित्तीय वर्ष 2024-25 के दौरान देश में कुल खाद्यान्न उत्पादन 3577.32 लाख मीट्रिक टन होने का अनुमान है। यह 2023-24 में हुए 3322.98 लाख मीट्रिक टन उत्पादन की तुलना में 254.34 लाख मीट्रिक टन अधिक है। प्रतिशत के लिहाज से यह वृद्धि 7.65 प्रतिशत है, जिसे अब तक का रिकॉर्ड स्तर माना जा रहा है।
कृषि विकास को प्रभावित करने वाले प्रमुख घटक
राज्य मंत्री ने बताया कि कृषि क्षेत्र के विकास को प्रभावित करने वाले प्रमुख घटकों में किसानों की आय, कृषि लागत, जलवायु परिवर्तन, सिंचाई कवरेज, ऋण तक पहुंच और बाजार संपर्क शामिल हैं। इन सभी पहलुओं का मूल्यांकन लगातार अध्ययनों, क्षेत्रीय दौरों और उच्चस्तरीय बैठकों के माध्यम से किया जाता है।
किसानों की आय बढ़ाने पर सरकार का जोर
सरकार ने किसानों की आय बढ़ाने और कृषि क्षेत्र की व्यापक वृद्धि के लिए एकीकृत रणनीति अपनाई है। इसके अंतर्गत फसल उत्पादन और उत्पादकता बढ़ाना, उत्पादन लागत कम करना, किसानों को उनकी उपज का बेहतर मूल्य दिलाना, कृषि विविधीकरण, कटाई के बाद मूल्य संवर्धन और जलवायु परिवर्तन के अनुकूल सतत कृषि विकास पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।
कृषि बजट और एमएसपी में बढ़ोतरी
कृषि एवं किसान कल्याण विभाग के बजट में भी उल्लेखनीय वृद्धि की गई है। वर्ष 2013-14 में जहां यह बजट 21,933.50 करोड़ रुपये था, वहीं 2025-26 में इसे बढ़ाकर 1,27,290.16 करोड़ रुपये कर दिया गया है। इसके साथ ही वर्ष 2018-19 से सभी प्रमुख खरीफ, रबी और अन्य व्यावसायिक फसलों के न्यूनतम समर्थन मूल्य में वृद्धि कर किसानों को लागत पर कम से कम 50 प्रतिशत का लाभ सुनिश्चित किया गया है।
योजनाओं से किसानों को मिल रहा सीधा लाभ
किसानों के कल्याण के लिए सरकार द्वारा कई योजनाएं और कार्यक्रम लागू किए जा रहे हैं। इनमें प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि, प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना, कृषि अवसंरचना कोष, डिजिटल कृषि मिशन, प्राकृतिक और जैविक खेती, कृषि मशीनीकरण, सिंचाई विस्तार और न्यूनतम समर्थन मूल्य पर फसलों की खरीदी जैसी योजनाएं शामिल हैं।
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