राष्ट्रीय कृषि समाचार (National Agriculture News)

त्रिपुरा से दुबई भेजी गई सरसों के शहद की पहली खेप

किसान उत्पादक संगठन ने 1 मीट्रिक टन सरसों के शहद का किया निर्यात, मधुमक्खी पालकों के लिए खुला अंतरराष्ट्रीय बाजार

13 अगस्त 2026, नई दिल्ली: त्रिपुरा से दुबई भेजी गई सरसों के शहद की पहली खेप – त्रिपुरा के डेरगांग किसान उत्पादक संगठन ने दुबई के लिए सरसों के शहद की पहली खेप भेजी है। कृषि और प्रसंस्कृत खाद्य उत्पाद निर्यात विकास प्राधिकरण की सहायता से 1 मीट्रिक टन सरसों के शहद का निर्यात किया गया। यह त्रिपुरा के इस क्षेत्र से सरसों के शहद का पहला निर्यात है।

इस निर्यात से त्रिपुरा के मधुमक्खी पालकों और किसानों के लिए अंतरराष्ट्रीय बाजार में पहुंच बनाने के नए अवसर खुलने की उम्मीद है। साथ ही, इससे राज्य में शहद उत्पादन और मधुमक्खी पालन को बढ़ावा मिल सकता है।

इस पहल से जुड़े किसानों को स्थानीय बाजार की तुलना में बेहतर मूल्य मिलने की संभावना है। विदेशों में बाजार मिलने से मधुमक्खी पालकों को अतिरिक्त आय का अवसर मिलेगा और वे गुणवत्ता पर अधिक ध्यान देते हुए निर्यात के लिए शहद उत्पादन कर सकेंगे।

इस पहल में साल्ट रेंज फूड्स प्राइवेट लिमिटेड ने सहयोग किया है। कंपनी डेरगांग किसान उत्पादक संगठन के साथ मिलकर मधुमक्खी पालन को बढ़ावा देने और निर्यात के लिए शहद की आपूर्ति व्यवस्था तैयार करने पर काम कर रही है। इस सहयोग के माध्यम से किसान उत्पादक संगठन को पहली बार अंतरराष्ट्रीय बाजार से जुड़ने का अवसर मिला है।

त्रिपुरा के लिए यह उपलब्धि मधुमक्खी पालन और शहद क्षेत्र के विकास की दृष्टि से महत्वपूर्ण है। राज्य में कृषि उत्पादों के संगठित उत्पादन और किसान उत्पादक संगठनों के माध्यम से बाजार तक पहुंच बढ़ाने की दिशा में प्रयास किए जा रहे हैं।

किसान उत्पादक संगठन के माध्यम से किसानों की उपज को एकत्रित कर अंतरराष्ट्रीय बाजार तक पहुंचाने की यह पहल अन्य किसानों और संगठनों को भी मूल्यवर्धन, गुणवत्ता सुधार और निर्यात की दिशा में आगे बढ़ने के लिए प्रोत्साहित कर सकती है।

त्रिपुरा के कृषि मंत्री रतन लाल नाथ ने कहा कि डेरगांग किसान उत्पादक संगठन द्वारा सरसों के शहद का पहला निर्यात राज्य के मधुमक्खी पालकों और किसानों के लिए महत्वपूर्ण उपलब्धि है। उन्होंने कहा कि इससे साबित होता है कि त्रिपुरा के स्थानीय कृषि उत्पाद अंतरराष्ट्रीय बाजार तक पहुंच सकते हैं और किसानों के लिए बेहतर आय के अवसर पैदा कर सकते हैं।

उन्होंने कहा कि राज्य सरकार मधुमक्खी पालन और जैविक कृषि को मजबूत करने के साथ-साथ किसान उत्पादक संगठनों को बड़े बाजारों तक पहुंच दिलाने के लिए प्रतिबद्ध है।

निर्यात की इस खेप को कृषि मंत्री रतन लाल नाथ ने रवाना किया। इस अवसर पर त्रिपुरा सरकार के कृषि एवं बागवानी सचिव अपूर्व रॉय, जैविक कृषि संगठन की एशिया इकाई की कार्यकारी निदेशक जेनिफर चांग, कृषि और प्रसंस्कृत खाद्य उत्पाद निर्यात विकास प्राधिकरण के वरिष्ठ अधिकारी, निर्यातक, परिवहन से जुड़े प्रतिनिधि और क्षेत्र के प्रगतिशील मधुमक्खी पालक मौजूद रहे।

कृषि और प्रसंस्कृत खाद्य उत्पाद निर्यात विकास प्राधिकरण उत्तर-पूर्वी राज्यों से कृषि उत्पादों के निर्यात को बढ़ावा देने के लिए राज्य सरकारों, किसान उत्पादक संगठनों, निर्यातकों और प्रसंस्करण इकाइयों के साथ काम कर रहा है। इसके तहत किसानों को बाजार से जोड़ने, प्रशिक्षण, गुणवत्ता सुनिश्चित करने और निर्यात की प्रक्रिया में सहायता देने पर जोर दिया जा रहा है।

दुबई को भेजी गई सरसों के शहद की यह खेप त्रिपुरा के कृषि उत्पादों के लिए अंतरराष्ट्रीय बाजार में नई संभावनाओं को दर्शाती है। इससे क्षेत्र के मधुमक्खी पालकों और किसानों को स्थानीय स्तर से आगे बढ़कर विदेशी बाजारों से जुड़ने का अवसर मिल सकता है

आपने उपरोक्त समाचार कृषक जगत वेबसाइट पर पढ़ा: हमसे जुड़ें
> नवीनतम कृषि समाचार और अपडेट के लिए आप अपने मनपसंद प्लेटफॉर्म पे कृषक जगत से जुड़े – गूगल न्यूज़व्हाट्सएप्प
> कृषक जगत अखबार की सदस्यता लेने के लिए यहां क्लिक करें – घर बैठे विस्तृत कृषि पद्धतियों और नई तकनीक के बारे में पढ़ें
> कृषक जगत ई-पेपर पढ़ने के लिए नीचे दिए गए लिंक पर क्लिक करें: E-Paper
> कृषक जगत की अंग्रेजी वेबसाइट पर जाने के लिए नीचे दिए गए लिंक पर क्लिक करें: Global Agriculture