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राष्ट्रीय कृषि समाचार (National Agriculture News)

देश में कीटों के कारण सालाना 2 लाख करोड़ रुपये की फसल का नुकसान

किसान केंद्रित तकनीक को अपनाना भारत की कृषि वृद्धि की कुंजी है

02 अक्टूबर 2023, नई दिल्ली: देश में कीटों के कारण सालाना 2 लाख करोड़ रुपये की फसल का नुकसान – क्रॉपलाइफ इंडिया ने अपनी 43वीं एजीएम के अवसर पर एक राष्ट्रीय सम्मेलन का आयोजन किया। सम्मेलन में आंध्र प्रदेश और हरियाणा के  कृषि मंत्री , वरिष्ठ अधिकारी, विशेषज्ञ, शिक्षाविद और उद्योग जगत के प्रमुख  उपस्थित थे । यस बैंक इस आयोजन का नॉलेज पार्टनर था।

राष्ट्रीय सम्मेलन के दौरान विचार-विमर्श “भारत – एक उभरता हुआ वैश्विक खाद्य केंद्र: सतत फसल संरक्षण समाधान की भूमिका” विषय पर केंद्रित था। उद्घाटन सत्र का फोकस “भारतीय कृषि का उदय – विश्व की उभरती खाद्य टोकरी और राज्यों की भूमिका” था। प्रथम सत्र  “भारतीय कृषि के विकास में  महिलाएं” पर केंद्रित था और दूसरा  सत्रI “नए युग के किसानों के लिए नवाचार” पर केंद्रित था। समापन सत्र में “भारतीय कृषि के विकास में कृषि रसायनों की भूमिका” पर विचार-विमर्श किया गया।

अपने उद्घाटन भाषण के दौरान आंध्र प्रदेश के कृषि मंत्री श्री काकानी गोवर्धन रेड्डी ने कहा कि, “राज्य सरकार कृषि में नई तकनीक के बढ़ते उपयोग के लिए किसानों की शिक्षा के लिए प्रतिबद्ध है; जिसके कारण कई नवीन पहल हुई हैं। ‘ई-केवाईसी नो योर क्रॉप’ का लक्ष्य किसानों को आवश्यक डिजिटल संसाधन उपलब्ध कराना है।

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हरियाणा के कृषि मंत्री श्री जे.पी. दलाल ने कहा, “हरियाणा के किसानों को फसल विविधीकरण और बाजार की मांग के अनुसार उत्पादन करने के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है। 550 एकड़ में फैला एशिया का सबसे बड़ा बाजार, हरियाणा के गन्नौर में निर्माणाधीन है, और यह स्पेन और फ्रांस जैसे विकसित देशों के बाजारों से बेहतर होगा। यह बाज़ार किसानों को ब्लॉक और तहसील स्तर पर ग्रेडिंग, पैकेजिंग और छँटाई की सुविधाएँ प्रदान करेगा, जिससे अंतर्राष्ट्रीय बाज़ार में गुणवत्तापूर्ण उत्पादों के निर्यात में मदद मिलेगी।

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डॉ. अशोक दलवई, अध्यक्ष, किसानों की आय दोगुनी करने वाली समिति, ने किसानों को बेहतर तकनीक प्रदान करने के लिए सार्वजनिक निजी भागीदारी पर अपने विचार साझा किए। भारत सरकार के कृषि आयुक्त डॉ. पी.के. सिंह ने कहा,  एक ही क्षेत्र में कई फसल चक्रों को सक्षम करने में प्रौद्योगिकी की भूमिका; किसानों को शिक्षित करना और कृषि रसायनों की धारणा को फिर से तैयार करना समय की मांग है।

डॉ. एस. सी. दुबे, एडीजी (पौधा संरक्षण), कृषि मंत्रालय, भारत सरकार ने साझा किया, “कृषि रसायन पोषक तत्वों और जल प्रबंधन के साथ-साथ फसल के नुकसान को कम करने और उत्पादकता बढ़ाने के लिए महत्वपूर्ण हैं। टिकाऊ कृषि के लिए अनुसंधान एवं विकास में निवेश अपरिहार्य है और नीतियों को पर्यावरणीय स्थिरता, किसान कल्याण,] और दीर्घकालिक लाभप्रदता की दिशा में प्राथमिकता दी जानी चाहिए।

क्रॉपलाइफ इंडिया के अध्यक्ष डॉ. के.सी. रवि ने कहा, “चूंकि भारत एक वैश्विक खाद्य केंद्र के रूप में उभर रहा है, इसलिए फसल सुरक्षा क्षेत्र की उचित वृद्धि के लिए एक पूर्वानुमानित, स्थिर और विज्ञान आधारित नीति और नियामक व्यवस्था की आवश्यकता अनिवार्य है। यह किसानों के सामने आने वाली वर्तमान और आगामी चुनौतियों का समाधान करने के लिए ; आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और ड्रोन जैसी अत्याधुनिक प्रौद्योगिकियों की शुरूआत का मार्ग प्रशस्त करते हुए नवाचार को बढ़ावा देगा”।

चित्र परिचय- क्रॉपलाइफ इंडिया और यस बैंक नॉलेज रिपोर्ट श्री संजय वुप्पुलुरी, श्री श्रीनिवास करावाडी, सुश्री संगीता बोजप्पा, श्री काकानी गोवर्धन रेड्डी, डॉ. के. सी. रवि, सुश्री छवि राजावत, डॉ. सियांग ही, टीएएन और श्री राजवीर राठी द्वारा जारी की गई।

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