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राष्ट्रीय कृषि समाचार (National Agriculture News)

गेहूं के रिकॉर्ड उत्पादन में किसानों और वैज्ञानिकों का योगदान: श्री चौहान

गेहूं, जौ अनुसंधान संस्थान में जीन एडिटिंग प्रयोगशाला का शुभारम्भ

01 मई 2025, नई दिल्ली: गेहूं के रिकॉर्ड उत्पादन में किसानों और वैज्ञानिकों का योगदान : श्री चौहान – केंद्रीय कृषि तथा ग्रामीण विकास मंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने हरियाणा के करनाल में आईसीएआर-भारतीय गेहूं एवं जौ अनुसंधान संस्थान में जीन एडिटिंग प्रयोगशाला का उद्घाटन किया और किसानों से संवाद किया। केंद्रीय मंत्री ने इस अवसर पर रिकॉर्ड गेहूं उत्पादन के लिए किसानों और वैज्ञानिकों के योगदान की सराहना की, वहीं भविष्य के प्रमुख शोध क्षेत्रों पर भी जोर दिया।

इस अवसर पर केन्द्रीय कृषि मंत्री ने कहा कि एक जमाना था, जब हम अमेरिका का सड़ा हुआ पीएल 480 गेहूं मंगवाते थे, पेट भरने के लिए रिजेक्टेड गेहूं मंगाना पड़ता था, लेकिन मैं अपने वैज्ञानिकों को बधाई देता हूं कि, आज हम एक के बाद एक नई किस्में तैयार कर रहे हैं। नए गेहूं की किस्म तैयार करने के प्रयोग हो रहे हैं। आज भारत गेहूं के उत्पादन में चीन के बाद दूसरे नंबर पर हैं। कृषि के लिए हमारी 6 सूत्रीय रणनीति है, पहला उत्पादन बढ़ाना, दूसरा उत्पादन की लागत घटाना, तीसरा फसलों के ठीक दाम, चौथा नुकसान की भरपाई, पांचवा खेती का विविधिकरण और छठा प्राकृतिक खेती। श्री शिवराज सिंह ने कहा कि जलवायु परिवर्तन के खतरे के बावजूद हमने 25 प्रतिशत उत्पादन बढ़ाया है।

इस अवसर पर संस्थान के निदेशक डॉ. रतन तिवारी ने संस्थान में चल रहे विभिन्न अनुसंधान, समन्वय और शिक्षण कार्यक्रमों के बारे में जानकारी दी।

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