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राष्ट्रीय कृषि समाचार (National Agriculture News)

श्रमशक्ति और उद्योगजगत के बीच संतुलन बनाएगी मुख्यमंत्री सीखो कमाओ योजनाः मंत्री श्रीमती सिंधिया

10 जुलाई 2023,नई दिल्ली: श्रमशक्ति और उद्योगजगत के बीच संतुलन बनाएगी मुख्यमंत्री सीखो कमाओ योजनाः मंत्री श्रीमती सिंधिया – तकनीकी शिक्षा, कौशल विकास और रोजगार मंत्री श्रीमती यशोधरा राजे सिंधिया ने कहा कि मुख्यमंत्री सीखो कमाओ योजना ऐसी अभिनव पहल है जिसका उद्योगजगत उत्साहपूर्वक स्वागत करेगा। कुशल श्रमबल और उद्योगजगत एक दूसरे के पूरक हैं और मुख्यमंत्री सीखो कमाओ योजना कुशल श्रमशक्ति और उद्योगजगत के बीच संतुलन बनाने का एक प्रयास है।

कार्यशाला को संबोधित करते हुये मंत्री श्रीमती सिंधिया ने बताया कि सिंगापुर के इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्निकल एजुकेशन एंड एजुकेशनल सर्विसिस के सहयोग से भोपाल में 34 एकड़ में महत्वाकांक्षी ग्लोबल स्किल पार्क बनाया जा रहा है जिसमें 6 हजार युवाओं को मेकाट्रानिक्स, ऑटोमेटिव टैक्नौलॉजी, प्रिसाइशन इंजिनियरिंग और नेटवर्क सिस्टम जैसे 09 क्षेत्रों में 60 उन्नत प्रयोगशालाओं के माध्यम से प्रशिक्षण दिया जायेगा। पार्क में शैक्षणिक स्थान, छात्रावास और खेलकूद सुविधाओं के साथ-साथ उद्योगजगत को समर्पित अत्याधुनिक प्रशिक्षण लैब्स और उत्कृष्टता केन्द्र होंगे जो प्रशिक्षणार्थियों को सीखने और कमाने का समुचित पर्यावरण उपलब्ध करवायेंगे।

कार्यशाला की शुरूआत में मध्यप्रदेश के तकनीकी शिक्षा, कौशल विकास और रोजगार अपर मुख्य सचिव श्री मनु श्रीवास्तव ने मुख्यमत्री सीखो कमाओ योजना की पृष्ठभूमि पर प्रकाश डाला। योजना से उद्योगजगत को मिलने वाले लाभ के बारे में चर्चा करते हुये श्री श्रीवास्तव ने बताया कि योजना में पंजीकृत छात्र-अभ्यर्थियों को शौक्षणिक अर्हता के आधार पर प्रतिमाह 8 हजार से 10 हजार रूपये का स्टायपेंड प्राप्त होगा जिसका 75 प्रतिशत व्यय राज्य शासन वहन करेगी। किसी भी राज्य सरकार द्वारा दिया जा रहा यह सर्वाधिक समर्थन है। उन्होंने बताया कि मध्यप्रदेश शासन बेरोजगारी भत्ते के पक्ष में नहीं है। एक छात्र-अभ्यर्थी पर उद्योग प्रतिष्ठानों को प्रतिवर्ष 90 हजार रूपये तक की बचत होगी। छात्र-अभ्यर्थी पर इपीएफ अधिनियम, बोनस अधिनियम और औद्योगिक विवाद अधिनियम लागू नहीं होगें। उन्होंने बताया कि मध्यप्रदेश शासन श्रम मार्केट विकसित करना चाहता है, जिससे प्रशिक्षण उपरांत कम्पनियां अपनी आवश्यकता अनुरूप युवाओं को बिना किसी आरक्षण के नियोजित कर सकेंगी। योजना से संबधित पोर्टल में अब तक 1 लाख से अधिक युवाओं और 11 हजार से अधिक व्यावसायिक प्रतिष्ठानों ने पंजीकरण करवाया है।

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