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राष्ट्रीय कृषि समाचार (National Agriculture News)

केंद्र ने पिछले 5 वर्षों में चीनी मिलों को 15 हजार करोड़ से अधिक रुपये किए आवंटित

12 फरवरी 2024, नई दिल्ली: केंद्र ने पिछले 5 वर्षों में चीनी मिलों को 15 हजार करोड़ से अधिक रुपये किए आवंटित – केंद्र ने किसानों के गन्ना मूल्य बकाया के भुगतान के लिए विभिन्न चीनी मिलों को पिछले पांच सालों में विभिन्न योजनाओं के तहत लगभग 15, 948 करोड़ रूपये जारी किए हैं। वाणिज्य और उद्योग राज्यमंत्री अनुप्रिया पटेल ने संसद को बताया कि चीनी (कच्ची, परिष्कृत और सफेद चीनी) के निर्यात को फिलहाल प्रतिबंधित श्रेणी मे रखा गया हैं। 2022-23 में चीनी निर्यात 63 लाख टन रहा था। हालांकि चालू वित्त वर्ष में कोई खेप विदेश नहीं भेजी गई हैं। पटेल ने कहा, अप्रैल-दिसंबर 2023 के दौरान आस्ट्रेलिया को भारत का निर्यात 2022 की इसी अवधि की तुलना में 13.78 प्रतिशत बढ़ गया हैं, जबकि आस्ट्रेलिया से आयात में 16.93 प्रतिशत की गिरावट आई हैं।

गेंहू निर्यात के सवाल पर मंत्री ने कहा कि अप्रैल-नवंबर 2023 के दौरान भारत ने य़ूएई, नेपाल, इराक को गेंहू निर्यात किया। इस अवधि में कुल निर्यात 96,447 टन था। समान्य तौर पर गेंहू के निर्यात पर प्रतिबंध हैं और सरकार केवल सरकारी आधार पर ही निर्यात की अनुमति देती हैं।

80 प्रतिशत से अधिक प्रस्तावों को पर्यायवरणीय मंजूरी

केंद्रीय मंत्री अश्विनी चौबे ने शुक्रवार को राज्यसभा में बताया कि सरकार ने  पिछले 5 वर्षों के दौरान देश के पर्यायवरणीय और संवेदनशील क्षेत्रों में 80 प्रतिशत से अधिक प्रस्तावों को पर्यावरणीय मंजूरी दी हैं। उन्होंने यह भी बताया कि नेशनल बोर्ड फार वाइल्ड लाइफ की स्थायी समिति ने पिछले 5 वर्षों में कुल 689 प्रस्तावो की सिफारिश की हैं।

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उर्वरक सब्सिडी के तौर पर 17.1 लाख करोड़ रूपये दिए

सरकार ने चालू वित्त वर्ष में जनवरी तक उर्वरक सब्सिडी के तौर पर लगभग 1.71 लाख करोड़ रूपये प्रदान किए गए हैं। रसायन और उर्वरक मंत्री भगवंत खुबा ने लोकसभा में कहा कि सरकार किसानों को सस्ती कीमतों पर उर्वरकों की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए विभिन्न उर्वरकों पर सब्सिडी देती हैं।

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