खाद्य उत्पादों में अश्वगंधा की पत्तियों के उपयोग पर रोक, केवल जड़ के इस्तेमाल की अनुमति
09 मई 2026, नई दिल्ली: खाद्य उत्पादों में अश्वगंधा की पत्तियों के उपयोग पर रोक, केवल जड़ के इस्तेमाल की अनुमति – भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण ने स्वास्थ्य पूरक, न्यूट्रास्यूटिकल और विशेष आहार संबंधी खाद्य उत्पादों में अश्वगंधा की पत्तियों के उपयोग पर रोक लगाने संबंधी परामर्श जारी किया है। प्राधिकरण ने स्पष्ट किया है कि इन उत्पादों में केवल अश्वगंधा की जड़ और उसके अर्क का ही उपयोग किया जा सकता है।
प्राधिकरण द्वारा 16 अप्रैल 2026 को जारी परामर्श में कहा गया है कि खाद्य सुरक्षा एवं मानक नियमों के अंतर्गत अश्वगंधा की पत्तियों का कच्चे रूप, अर्क या किसी अन्य रूप में उपयोग अनुमत नहीं है। इसके बावजूद कुछ निर्माता अपने उत्पादों में अश्वगंधा की पत्तियों और उनके अर्क का उपयोग कर रहे हैं।
परामर्श में यह भी उल्लेख किया गया है कि आयुष मंत्रालय ने 15 अप्रैल 2026 को जारी अपने पत्र में आयुष औषधि और उत्पाद निर्माताओं को केवल अश्वगंधा की जड़ों और उनके अर्क के उपयोग का निर्देश दिया है। मंत्रालय ने अश्वगंधा की पत्तियों के किसी भी रूप में उपयोग को सख्ती से प्रतिबंधित बताया है।
आयुष मंत्रालय के अनुसार वर्ष 2024 में प्रकाशित अद्यतन सुरक्षा दस्तावेज में अश्वगंधा की जड़ों के उपयोग को स्वास्थ्य लाभ के लिए उपयुक्त माना गया है। वहीं वैज्ञानिक अध्ययनों में यह संकेत मिले हैं कि अश्वगंधा की पत्तियों में कुछ सक्रिय तत्व अधिक मात्रा में पाए जाते हैं, जिनसे सुरक्षा संबंधी चिंताएं हो सकती हैं।
खाद्य सुरक्षा प्राधिकरण ने सभी खाद्य व्यवसाय संचालकों को नियमों का कड़ाई से पालन करने के निर्देश दिए हैं। साथ ही राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों के खाद्य सुरक्षा आयुक्तों तथा संबंधित अधिकारियों से निगरानी बढ़ाने और नियमों के उल्लंघन पर कार्रवाई करने को कहा गया है।
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