भारत में विकसित पहला कीटनाशी पिऑक्सानिलिप्रोल को मंजूरी
22 सितंबर 2026, नई दिल्ली: भारत में विकसित पहला कीटनाशी पिऑक्सानिलिप्रोल को मंजूरी – भारत की कीटनाशक पंजीकरण समिति ने पिऑक्सानिलिप्रोल (Pioxaniliprole) के स्वदेशी विनिर्माण को मंजूरी दे दी है। समिति ने इसे भारत में विकसित पहला कीटनाशी सक्रिय घटक (active ingredient) बताया है। पीआई इंडस्ट्रीज़ को पिऑक्सानिलिप्रोल के 97.5% w/w न्यूनतम तकनीकी पदार्थ और 20% w/v सस्पेंशन कॉन्सन्ट्रेट (SC) फॉर्मुलेशन के लिए मंजूरी मिली है।
यह निर्णय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय के अंतर्गत पंजीकरण समिति की 476वीं बैठक में लिया गया। बैठक की अध्यक्षता कृषि आयुक्त एवं पंजीकरण समिति के अध्यक्ष डॉ. पी. के. सिंह ने की।
समिति के अनुसार, यह निर्णय देश में अनुसंधान एवं विकास को बढ़ावा देने तथा भारतीय किसानों के लाभ के लिए स्वदेशी तकनीकों के विकास के सरकार के उद्देश्य के अनुरूप है।
चार फसलों में उपयोग की मंजूरी
पिऑक्सानिलिप्रोल तकनीकी के पंजीकरण को दो वर्ष की अस्थायी शेल्फ लाइफ के साथ मंजूरी दी गई है। वहीं, पिऑक्सानिलिप्रोल 20% w/v SC फॉर्मुलेशन को चार फसलों में विभिन्न कीटों के नियंत्रण के लिए मंजूरी दी गई है।
| उत्पाद | पंजीकरण | आवेदक | मंजूर फसल एवं लक्षित कीट |
|---|---|---|---|
| Pioxaniliprole Technical 97.5% w/w min. | Section 9(3) TIM | PI Industries Ltd. | तकनीकी पदार्थ; फसल उपयोग निर्दिष्ट नहीं |
| Pioxaniliprole 20% w/v SC | Section 9(3) FIM | PI Industries Ltd. | धान – येलो स्टेम बोरर, लीफ फोल्डर; मिर्च – फॉल आर्मीवर्म, फल छेदक, तंबाकू कैटरपिलर; टमाटर – फल छेदक; चना – फली छेदक |
धान में पिऑक्सानिलिप्रोल 20% SC को येलो स्टेम बोरर और लीफ फोल्डर के नियंत्रण के लिए मंजूरी दी गई है। मिर्च में इसका उपयोग फॉल आर्मीवर्म, फल छेदक और तंबाकू कैटरपिलर के विरुद्ध किया जा सकेगा। इसके अलावा, टमाटर में फल छेदक और चने में फली छेदक के नियंत्रण के लिए भी इस फॉर्मुलेशन को मंजूरी मिली है।
पिऑक्सानिलिप्रोल की मंजूरी भारत में स्वदेशी फसल सुरक्षा तकनीकों और सक्रिय घटकों के विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण नियामकीय निर्णय है।
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