अन्नदाता सुखीभव योजना: आंध्र के 46.85 लाख किसानों के खातों में पहुंचे ₹7-7 हजार, खरीफ सीजन से पहले सरकार ने जारी किए ₹3,125 करोड़
22 जून 2026, नई दिल्ली: अन्नदाता सुखीभव योजना: आंध्र के 46.85 लाख किसानों के खातों में पहुंचे ₹7-7 हजार, खरीफ सीजन से पहले सरकार ने जारी किए ₹3,125 करोड़ – खरीफ सीजन 2026 की शुरुआत से पहले आंध्र प्रदेश सरकार ने किसानों को बड़ी राहत देते हुए पीएम किसान अन्नदाता सुखीभव योजना के तहत वित्तीय सहायता की पहली किस्त जारी कर दी है। मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू ने पलनाडु जिले के लिंगंगुंटला गांव में आयोजित कार्यक्रम के दौरान राज्य के 46.85 लाख किसानों के बैंक खातों में कुल 3,125 करोड़ रुपये की सहायता राशि हस्तांतरित की। योजना के तहत प्रत्येक पात्र किसान को 7,000 रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान की गई है, जिससे किसानों को खरीफ फसलों की बुवाई और कृषि कार्यों के लिए जरूरी संसाधन जुटाने में मदद मिलेगी।
किसानों को आर्थिक मजबूती देने की पहल
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू ने कहा कि राज्य सरकार किसानों की आय बढ़ाने और कृषि को अधिक लाभकारी बनाने के लिए लगातार प्रयास कर रही है। उन्होंने कहा कि कृषि क्षेत्र राज्य की अर्थव्यवस्था का महत्वपूर्ण आधार है और किसानों की आर्थिक स्थिति मजबूत किए बिना ग्रामीण विकास संभव नहीं है। अन्नदाता सुखीभव योजना इसी सोच के साथ शुरू की गई है ताकि किसानों को समय पर आर्थिक सहायता उपलब्ध हो सके।
कृषि नवाचारों और आधुनिक तकनीकों का प्रदर्शन
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने कृषि और उद्यानिकी विभाग द्वारा लगाए गए विभिन्न प्रदर्शनी स्टॉलों का अवलोकन किया। प्रदर्शनी में किसान उत्पादक संगठनों (एफपीओ), महिलाओं द्वारा संचालित कृषि प्रसंस्करण इकाइयों, वर्मी कम्पोस्ट उत्पादन केंद्रों और कृषि नवाचारों से जुड़े मॉडल प्रस्तुत किए गए।
इसके अलावा किसानों को आधुनिक कृषि तकनीकों, मूल्य संवर्धन, जैविक खेती और टिकाऊ कृषि पद्धतियों की जानकारी भी दी गई। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में किसानों ने भाग लिया और विशेषज्ञों से संवाद कर नई तकनीकों के बारे में जानकारी प्राप्त की।
तिलहन मिशन और वेस्ट-टू-एनर्जी परियोजनाओं पर भी जोर
मुख्यमंत्री ने राष्ट्रीय तिलहन मिशन, ऑयल पाम मिशन और वेस्ट-टू-एनर्जी परियोजनाओं से संबंधित प्रदर्शनों का भी निरीक्षण किया। इस अवसर पर स्वच्छ आंध्र-स्वर्ण आंध्र अभियान के तहत कडप्पा और कुरनूल जिलों में स्थापित होने वाले वेस्ट-टू-एनर्जी संयंत्रों का वर्चुअल शिलान्यास भी किया गया।
अधिकारियों के अनुसार, ये संयंत्र दिसंबर 2026 तक शुरू हो सकते हैं। इन परियोजनाओं का उद्देश्य ठोस अपशिष्ट प्रबंधन को मजबूत करना और ऊर्जा उत्पादन के नए स्रोत विकसित करना है।
कृषि क्षेत्र के लिए 3.6 लाख करोड़ रुपये का क्रेडिट प्लान
राज्य सरकार ने वित्त वर्ष 2026-27 के लिए वार्षिक क्रेडिट प्लान भी जारी किया है। इस योजना के तहत विभिन्न क्षेत्रों में 8.1 लाख करोड़ रुपये से अधिक के बैंक ऋण वितरण का लक्ष्य रखा गया है। इनमें 5.4 लाख करोड़ रुपये प्राथमिकता वाले क्षेत्रों के लिए निर्धारित किए गए हैं।
कृषि क्षेत्र को विशेष प्राथमिकता देते हुए 3.6 लाख करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है, जिसमें 2 लाख करोड़ रुपये फसल ऋण के लिए रखे गए हैं। इसके अलावा कृषि यंत्रीकरण के लिए 10,693 करोड़ रुपये और सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम (MSME) क्षेत्र के लिए 1.55 लाख करोड़ रुपये निर्धारित किए गए हैं।
निवेश और उद्यमिता को बढ़ावा देने पर जोर
मुख्यमंत्री नायडू ने बैंकों से कृषि, मत्स्य पालन, नवीकरणीय ऊर्जा और MSME क्षेत्र में ऋण प्रवाह बढ़ाने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार और उद्यमिता को बढ़ावा देने के लिए वित्तीय संस्थानों की सक्रिय भागीदारी आवश्यक है।
बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने डिजिटल धोखाधड़ी के बढ़ते मामलों पर चिंता व्यक्त करते हुए बैंकों को सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने और जागरूकता अभियान चलाने की सलाह दी। उन्होंने अमरावती को एक मजबूत वित्तीय केंद्र के रूप में विकसित करने की आवश्यकता पर भी बल दिया।
खरीफ सीजन में किसानों को मिलेगा सहारा
कृषि विशेषज्ञों का मानना है कि खरीफ सीजन से ठीक पहले किसानों को दी गई यह वित्तीय सहायता बीज, उर्वरक, कृषि उपकरण और अन्य आवश्यक कृषि कार्यों में उपयोगी साबित होगी। इससे किसानों पर आर्थिक दबाव कम होगा और वे समय पर खेती की तैयारियां पूरी कर सकेंगे।
राज्य सरकार का कहना है कि किसानों की आय बढ़ाने, कृषि उत्पादन को प्रोत्साहित करने और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए भविष्य में भी ऐसी योजनाओं को प्राथमिकता दी जाएगी।
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