कृषि कंपनी समाचार (Industry News)

पीएचडीसीसीआई एग्री-बिजनेस अवार्ड्स 2026: कृषि नवाचार और उत्कृष्टता का हुआ सम्मान

04 जुलाई 2026, नई दिल्ली: पीएचडीसीसीआई एग्री-बिजनेस अवार्ड्स 2026: कृषि नवाचार और उत्कृष्टता का हुआ सम्मान – पीएचडी चैंबर ऑफ़ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री (पीएचडीसीसीआई) ने पीएचडीसीसीआई एग्री-बिजनेस अवार्ड्स 2026 का आयोजन किया। इस कार्यक्रम में नीति-निर्माताओं, वैज्ञानिकों, कृषि उद्योग से जुड़े विशेषज्ञों, उद्यमियों, राजनयिकों, स्टार्टअप्स और प्रगतिशील किसानों ने भाग लिया। कार्यक्रम का उद्देश्य भारतीय कृषि क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान देने वाले व्यक्तियों और संस्थाओं को सम्मानित करना था।

“मिट्टी की पहचान, किसान का सम्मान” थीम पर आयोजित इस समारोह में कृषि नवाचार, उद्यमिता और टिकाऊ खेती को बढ़ावा देने वाले प्रयासों को सराहा गया। पुरस्कार चार श्रेणियों स्टार्टअप एवं इनोवेशन अवार्ड, महिला एग्रीप्रेन्योर अवार्ड, यंग फार्मर इनोवेटर अवार्ड तथा प्रोग्रेसिव फार्मिंग एक्सीलेंस अवार्ड में प्रदान किए गए।

मुख्य अतिथि के रूप में संबोधित करते हुए डॉ. पी.के. सिंह, कृषि आयुक्त, कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय ने कहा कि किसानों की वास्तविक समस्याओं का समाधान करने वाले व्यावहारिक नवाचारों को बढ़ावा देना समय की आवश्यकता है। उन्होंने कृषि-जलवायु परिस्थितियों, स्थानीय संसाधनों और बाजार की मांग के अनुरूप क्षेत्र-विशिष्ट कृषि प्रणालियों को अपनाने पर जोर दिया। दालों, तिलहनों और कपास से जुड़े राष्ट्रीय अभियानों का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि खेतों में प्रदर्शन (फील्ड डेमो) तकनीक को किसानों तक पहुँचाने का सबसे प्रभावी माध्यम है। उन्होंने गुणवत्ता सुधार, मूल्य संवर्धन और बेहतर विपणन व्यवस्था को कृषि की प्रतिस्पर्धात्मकता बढ़ाने के लिए आवश्यक बताया।

भारत में रोबर्टो कार्लोस पापा, ब्राज़ील दूतावास के कृषि अटैशे ने भारत और ब्राज़ील के बीच कृषि सहयोग को और मजबूत करने पर बल दिया। उन्होंने किसानों को कृषि का “वास्तविक नायक” बताते हुए खाद्य सुरक्षा, सतत विकास और ग्रामीण अर्थव्यवस्था में उनके योगदान की सराहना की। साथ ही कृषि अनुसंधान, नवाचार और व्यापार को आगे बढ़ाने के लिए अंतरराष्ट्रीय सहयोग को महत्वपूर्ण बताया।

सतत विकास विशेषज्ञ एवं “मिलेट वूमन ऑफ इंडिया” के नाम से प्रसिद्ध डॉ. शर्मिला ओसवाल ने सरकार की योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन, जैविक प्रमाणन प्रक्रिया को सरल बनाने, प्रसंस्करण अवसंरचना के विस्तार तथा मोटे अनाज (मिलेट्स) उत्पादकों, महिला उद्यमियों और एग्रीटेक स्टार्टअप्स को अधिक समर्थन देने की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने कहा कि स्थिर नीतियाँ और बेहतर बाजार उपलब्धता कृषि नवाचार को गति देने के लिए अत्यंत आवश्यक हैं।

पीएचडीसीसीआई की एग्री-बिजनेस समिति के अध्यक्ष डॉ. आर.जी. अग्रवाल ने कहा कि कृषि तकनीक, विस्तार सेवाओं, बाजार सुधार और किसानों को उचित पारिश्रमिक सुनिश्चित करके ही कृषि को लाभकारी और सम्मानजनक व्यवसाय बनाया जा सकता है। उन्होंने सरकार, उद्योग, वैज्ञानिकों और किसानों के बीच बेहतर समन्वय की आवश्यकता पर जोर दिया।

स्वागत भाषण में पीएचडीसीसीआई के उप महासचिव डॉ. जतिंदर सिंह ने कहा कि इन पुरस्कारों का उद्देश्य ऐसे नवप्रवर्तकों, शोधकर्ताओं, स्टार्टअप्स और किसानों को सम्मानित करना है जिनके सफल मॉडल देशभर में अपनाए जा सकते हैं। उन्होंने कहा कि ज्ञान साझा करने और किसानों व कृषि उद्योग के बीच मजबूत साझेदारी से ग्रामीण अर्थव्यवस्था और कृषि उत्पादकता को नई मजबूती मिलेगी।

कार्यक्रम का संचालन पीएचडीसीसीआई की निदेशक गायत्री शर्मा ने किया। उन्होंने कृषि नवाचार, नीति, उद्यमिता और सार्वजनिक-निजी भागीदारी पर केंद्रित चर्चा का संचालन किया। समापन अवसर पर उन्होंने कहा कि पीएचडीसीसीआई नवाचार, उद्यमिता, टिकाऊ कृषि और किसान-केंद्रित विकास को बढ़ावा देने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि सरकार, उद्योग, शिक्षण संस्थानों और किसानों के बीच मजबूत सहयोग से भारत एक तकनीक-संचालित और वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी कृषि व्यवस्था विकसित कर सकता है।

कृषक जगत, पीएचडीसीसीआई एग्री-बिजनेस अवार्ड्स 2026 का आधिकारिक मीडिया पार्टनर था।

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