तरबूज की कमाई से गदगद गौरीशंकर

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  • (विशेष प्रतिनिधि)

14 मार्च 2022, इंदौर ।  तरबूज की कमाई से गदगद गौरीशंकर – ग्राम चोकाकोडन ब्लॉक राजनगर जिला छतरपुर के किसान श्री गौरीशंकर बैजनाथ पटेल ऐसे खुशकिस्मत किसान हैं, जिन्होंने अपने खेत में पहली बार तरबूज लगाकर पैसा और पुरस्कार दोनों प्राप्त किए। मात्र 70-80 दिन में इन्हें तरबूज से 93 हज़ार रुपए का शुद्ध लाभ हुआ। तरबूज की इस कमाई से श्री गौरीशंकर गदगद हैं। इनसे प्रेरित होकर क्षेत्र के 15 किसान तरबूज लगाने को तैयार हो गए हैं।

श्री गौरीशंकर पटेल ने कृषक जगत को बताया कि उनके पास 7 एकड़ ज़मीन है। उद्यानिकी विभाग की प्रेरणा से पहली बार एक एकड़ में 5 सितंबर को तरबूज फसल के लिए 350 ग्राम बीज लगाया था। उद्यानिकी विभाग राजनगर से ड्रिप अनुदान पर ली थी और 12 हज़ार की मल्चिंग स्वयं ने खरीदी थी। उद्यानिकी विभाग से तकनीकी मार्गदर्शन मिलता रहा । 6 फ़ीट की दूरी पर बेड बनाकर बेसल डोज़ में माइकोराइजा, सुपर फास्फेट, पोटाश और डीएपी मिश्रित डालने के बाद ड्रिप लगाकर मल्चिंग में 3 फ़ीट पर छेद किए। बीजों का उपचार कर रात भर पानी में भिगोकर सुबह बोया। अंकुरण के बाद समय पर दवाई, खाद, निंदाई, गुड़ाई पर कुल 27 हज़ार रु का खर्च आया। 60 -70 दिन में तरबूज की फसल आ गई। तरबूज का वजन साढ़े तीन किलो तक हो गया। इस फसल को खजुराहो और छतरपुर में 17 रु. किलो की दर से बेचा। 15 -20 दिन थोड़ा -थोड़ा माल बेचता रहा जिसका 15 -16 रु. / किलो दाम मिला। कुल 80 क्विंटल तरबूज का औसत 15 रु /किलो की दर से बेचा जो 1 लाख 20 हज़ार का हुआ। 27 हज़ार का लागत खर्च घटाने पर 70 -80 दिन में 93 हज़ार का शुद्ध लाभ हुआ। अभी फरवरी में दो एकड़ में फिर तरबूज लगाया है। श्री पटेल को इस वर्ष गणतंत्र दिवस पर विस्तार सुधार कार्यक्रम आत्मा अंतर्गत सर्वोत्तम जिला कृषक पुरस्कार से सम्मानित किया गया। जिसमें प्रमाण पत्र और 25 हज़ार रु दिए गए।

श्री योगेश यादव, वरिष्ठ उद्यान विकास अधिकारी, राजनगर ने कृषक जगत को बताया कि श्री गौरीशंकर की सफलता में श्री बीएस सेंगर, उप संचालक (उद्यानिकी) के मार्ग दर्शन के अलावा उनकी मेहनत का बड़ा योगदान रहा। श्री पटेल की सफलता को देखकर क्षेत्र के 15 किसान तरबूज लगाने के लिए प्रेरित हुए हैं।

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