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फसल की खेती (Crop Cultivation)

महाराष्ट्र में फिर देखा गया पीला मोजेक का प्रकोप; सोयाबीन अनुसंधान की सलाह

30 सितम्बर 2023, भोपाल: महाराष्ट्र में फिर देखा गया पीला मोजेक का प्रकोप; सोयाबीन अनुसंधान की सलाह – भारतीय सोयाबीन अनुसन्धान संस्थान, इंदौर द्वारा 25 सितंबर  से 1 अक्टूबर 2023 तक की अवधि के लिए सोयाबीन कृषकों को उपयोगी सलाह दी गई है। ऐसे क्षेत्र जहाँ जून माह के अंतिम सप्ताह में बोवनी हुई थी, फसल 90-95 दिन की हो गई है, सोयाबीन की शीघ्र पकने वाली किस्में परिपक्व होकर कटाई के लिए लगभग तैयार है, अतः सोया कृषकों को निम्न सलाह दी जा रही है –

महाराष्ट्र के कुछ जिलों में (यवतमाल, वर्धा, हिंगोली, आदि) पीले मोज़ेक वायरस रोग का प्रकोप देखा गया हैं. इसके साथ साथ जहा भी इस रोग का प्रकोप है, कृषकों को सलाह है कि इसके प्रारंभिक लक्षण दीखते ही तत्काल रोगग्रस्त पौधों को खेत से उखाड़कर निष्कासित करें एवं अपने खेत में विभिन्न स्थानों पर पीला स्टिकी ट्रैप लगाएं. एवं पीले मोज़ेक वायरस रोग को फ़ैलाने वाले वाहक कीट सफ़ेद मक्खी के नियंत्रण हेतु अनुशंसित कीटनाशक एसिटेमीप्रीड 25%+बायफेंथ्रिन 25%WG (250ग्रा./हे) का छिडकाव करें. इसके स्थान पर पूर्वमिश्रित कीटनाशकथायोमिथोक्सम + लैम्ब्डा सायहेलोथ्रिन (125मिली/हे) या बीटासायफ्लुथ्रिन+इमिडाक्लोप्रिड (350 मिली/हे) काभी छिड़काव किया जा सकता है।

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