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फसल की खेती (Crop Cultivation)

रबी फसलों की देख-रेख

  • वरिष्ठ वैज्ञानिक एवं प्रमुख
    के0वी0के0 पन्ना म.प्र.

4 जनवरी 2021, रबी फसलों की देख-रेख –

तिलहनी फसल

कृषि विज्ञान केन्द्र पन्ना द्वारा रबी फसलों हेतु कृषकों को सलाह दी गईै कि सरसों एवं मसूर की फसल में माहू कीट का प्रकोप होने पर इमिडमाक्लोप्रिड (17.8 एसएल) 60 मिली/एकड़ की दर से 150-200 लीटर पानी में घोल बनाकर छिड़काव करें या एसिटामिप्रिड (20 एसपी) 50 ग्राम/एकड़ की दर से 150-200 लीटर पानी में मिलाकर छिड़काव करने से माहू का प्रकोप कम होता है या जैविक कीटनाशक वर्टीसिलियम लिकेनी 400 मिली लीटर/एकड़ का छिड़काव करे सकते हैं। इसी के साथ-साथ पीले-नीले प्रपंच प्रति एकड़ 8-10 की संख्या में लगाने से भी माहू की समस्या एवं रस चूसक कीट का प्रकोप कम होता है।

दलहनी फसल

चने की फसल में इल्ली का प्रकोप होने पर इमामेक्टीन बेंजोएट (5 एसजी) 100 ग्राम प्रति एकड़ या क्लोरएन्ट्रानिलीप्रोल 60 मिली लीटर/एकड़ के मान से 150-200 लीटर पानी में घोल बनाकर छिड़काव करें एवं टी आकार की खूंटी बनाकर प्रति एकड़ 15-20 की संख्या में खेत में लगायें जिससे इल्ली का प्रकोप कम होगा। जैविक कीटनाशी बिवेरिया बेसीयाना / 400 मिली लीटर/एकड़ की दर से 150-200 लीटर पानी में घोल बनाकर छिड़काव कर सकते हैं।

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फूल आने से पहले चने की फसल में एनपीके घुलनशील उर्वरक 0:52:34 का 01 किलोग्राम प्रति एकड़ के मान से 150-200 लीटर पानी में मिलाकर छिड़काव करने पौधों की वृद्धि होती है।

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गेहूं में सिंचाई

वर्तमान में गेहूं की फसल लगभग 1 महीने की है ऐसी स्थिति में 21 दिन में पहली सिंचाई उपरांत 25-30 किलोग्राम यूरिया प्रति एकड़ की मान से छिड़काव करें या 500 मिली लीटर नैनो यूरिया प्रति एकड़ के मान से 150 लीटर पानी का घोल बनाकर छिड़काव करें तथा खरपतवारों की समस्या दिखे तो क्लोडीनोफॉप $ मेट सल्फ्यूरॉन 160 ग्राम प्रति एकड़ या सल्फोसल्फ्यूरॉन $ मेट सल्फ्यूरॉन 16 ग्राम प्रति एकड़ के मान से 150-200 लीटर पानी में मिलाकर छिड़काव करें।

सब्जियों की साज-संभाल

सब्जियों की फसल में टमाटर, गोभी, आलू, लहसुन, प्याज में एनपीके घुलनशील उर्वरक (19:19:19) की 01 किलोग्राम मात्रा अच्छी वृद्धि एवं विकास के लिए 150 लीटर पानी में घोल बनाकर छिड़काव करें। आलू तथा टमाटर में झुलसा बीमारी का प्रकोप होने पर शीघ्र ही मेटलएक्जिल $ मंे कोजेब / 2 ग्राम प्रति लीटर पानी या कापर आक्सीक्लोराईड / 2.5 ग्राम प्रति लीटर पानी की दर से घोल बनाकर 15 दिन के अंतराल पर दो बार छिड़काव करें।

पाले से बचाव

किसान भाईयों जिस दिन आसमान साफ हो तथा हवा नहीं चलती हो साथ ही साथ तापमान में गिरावट हो उस दिन पाला पड़ने की संभावना हो सकती है। पाला सदैव रात्रि में 2-4 बजे के मध्य पड़ती है। ऐसी परिस्थिति में कृषक भाईयों फसलों में हल्की सिंचाई करें साथ ही साथ अर्द्धरात्रि में सामूहिक रूप से खेत की मेड़ों पर धुंआ करें। इसके अतिरिक्त फल वृक्ष या सब्जी फसलों को पुआल से ढ़ककर रखें तथा थायोयूरिया 100 ग्राम प्रति एकड़ की दर से 200 लीटर पानी में घोल बनाकर छिड़काव करें या गंधक की अम्ल 1 मिलीलीटर प्रति लीटर पानी में घोल बनाकर छिड़काव करें।