फसल की खेती (Crop Cultivation)

धान की भूमि तैयारी: अच्छी फसल के लिए खेत की वैज्ञानिक तैयारी पर ICAR-CRRI की सलाह

07 अगस्त 2026, नई दिल्ली: धान की भूमि तैयारी: अच्छी फसल के लिए खेत की वैज्ञानिक तैयारी पर ICAR-CRRI की सलाह

बेहतर उत्पादन की शुरुआत खेत की तैयारी से

धान की खेती में खेत की वैज्ञानिक तैयारी अच्छी उपज की पहली शर्त मानी जाती है। यदि भूमि समतल हो, पर्याप्त पडलिंग की गई हो और मिट्टी में पर्याप्त जैविक पदार्थ उपलब्ध हों, तो पौधों की जड़ें तेजी से विकसित होती हैं और पोषक तत्वों का उपयोग भी बेहतर ढंग से होता है।

आईसीएआर–केन्द्रीय धान अनुसंधान संस्थान (ICAR-CRRI), कटक ने किसानों को सलाह दी है कि रोपाई से पहले खेत की तैयारी पर विशेष ध्यान दें।

पडलिंग और खेत का समतलीकरण करें

संस्थान के अनुसार खेत की 7–10 दिन के अंतराल पर दो बार पडलिंग करनी चाहिए। इसके बाद खेत को अच्छी तरह समतल किया जाए ताकि पानी पूरे खेत में समान रूप से बना रहे और पौधों की बढ़वार एक जैसी हो। पहली पडलिंग से पहले लगभग 0.8 टन प्रति एकड़ अच्छी तरह सड़ी गोबर की खाद डालना लाभकारी माना गया है।

हरी खाद से बढ़ेगी मिट्टी की उर्वरता

आईसीएआर-सीआरआरआई ने सलाह दी है कि ढैंचा (Dhaincha) की हरी खाद को प्रारंभिक पडलिंग के दौरान मिट्टी में मिला दिया जाए। इससे मिट्टी में जैविक कार्बन बढ़ता है, पोषक तत्वों की उपलब्धता सुधरती है और मिट्टी की संरचना बेहतर होती है।

अच्छी भूमि तैयारी देती है मजबूत फसल

विशेषज्ञों के अनुसार खेत की सही तैयारी से पौधों की स्थापना बेहतर होती है, खरपतवारों का दबाव कम होता है तथा पूरे मौसम में फसल का विकास समान रूप से होता है।

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