Ad DesktopAd TabletAd Mobile
फसल की खेती (Crop Cultivation)

मिर्च के पौधों में लगने वाला प्रमुख रस चूसक कीट थ्रिप्स से बचाव के उपाय

03 मई 2023, भोपाल: मिर्च के पौधों में लगने वाला प्रमुख रस चूसक कीट थ्रिप्स से बचाव के उपाय – रसचूसक कीट थ्रिप्स मिर्च के पौधों में प्रमुख रूप से लगने वाले कीटों में से एक हैं। रस चूसक थ्रिप्स छोटे-छोटे कीड़े होते हैं, जो पौधे की पत्तियों व मुलायम भागो को चूसते हैं। पौधे में से रस निकल जाने के कारण पत्तियां सिकुड़ जाती है तथा मुरझा कर ऊपर की ओर मुड़ जाती हैं और पत्तियां नाव का आकार ले लेती है।

थ्रिप्स कीट का वैज्ञानिक नाम सिट्ररोथ्रिटस डोरसेलिस हुड़ है। यह कीट फसलों में रोपाई के 2-3 सप्ताह बाद लगना शुरु हो जाता है। फूल लगने के समय कीट का प्रकोप बहुत भयंकर हो जाता हैं। इस कीट से क्षतिग्रस्त पौधो को देखने में मोजेक रोग का भ्रम होता हैं। कीट के प्रकोप से पौधे की वृद्धि पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है। उपज भी बहुत कम हो जाती है।

नियंत्रण-

1. कीट की प्रारम्भिक अवस्था में नीमतेल 5 मिली. प्रति लीटर पानी में घोलकर छिड़काव करें।
2. डायमिथिएट 30 ईसी की 30 मि.ली. मात्रा को 15 लीटर पानी में घोलकर छिड़काव करें।
3. कीट के अत्यधिक प्रकोप की अवस्था में 15 ग्राम एसीफेट या इमीडाक्लोप्रिड 18.5 एस.एल. की 5 मिली मात्रा 15 लीटर पानी में घोलकर छिड़काव करें।
4. फेनप्रोपाथ्रिन 0.5 मिली मात्रा को प्रति लीटर पानी में घोलकर छिड़काव करें।

Ad DesktopAd TabletAd Mobile
Ad DesktopAd TabletAd Mobile

(नवीनतम कृषि समाचार और अपडेट के लिए आप अपने मनपसंद प्लेटफॉर्म पे कृषक जगत से जुड़े – गूगल न्यूज़,  टेलीग्राम )

कृषक जगत को व्हाट्सएप पर फॉलो करें
खेती-किसानी की ताज़ा खबरें, सीधे आपके फ़ोन पर
चैनल फॉलो करें