फसल की खेती (Crop Cultivation)

कुफरी पुखराज से चिप्सोना-3 तक! आलू की इन 5 उन्नत किस्मों की करें खेती, 400 क्विंटल तक पैदावार

14 अगस्त 2026, नई दिल्ली: कुफरी पुखराज से चिप्सोना-3 तक! आलू की इन 5 उन्नत किस्मों की करें खेती, 400 क्विंटल तक पैदावार – अगस्त का महीना आलू की खेती की तैयारी का अहम समय माना जाता है। ऐसे में अच्छी पैदावार और बेहतर मुनाफे के लिए सही किस्म का चयन सबसे जरूरी होता है। अगर किसान उन्नत किस्मों का चुनाव करें, तो उन्हें 250 से 400 क्विंटल प्रति हेक्टेयर तक उत्पादन मिल सकता है। ऐसे में कुफरी पुखराज, कुफरी ख्याति, कुफरी मोहन, कुफरी ज्योति और कुफरी चिप्सोना-3 जैसी किस्में किसानों के लिए बेहतर विकल्प साबित हो सकती हैं।

कुफरी पुखराज 

कुफरी पुखराज उत्तर भारतीय मैदानी और पठारी क्षेत्रों के लिए अनुकूल किस्म है। यह जल्दी से मध्यम अवधि में तैयार होती है। इसकी औसत उपज क्षमता 350-400 क्विंटल प्रति हेक्टेयर तक बताई गई है। यह किस्म अगेती झुलसा के प्रति प्रतिरोधी और पछेती झुलसा के प्रति मध्यम प्रतिरोधी है। इसकी खासियत यह है कि यह जल्दी कंद बनाने वाली और कम इनपुट वाली खेती के लिए उपयुक्त है।

कुफरी ख्याति 

कुफरी ख्याति उत्तर भारतीय मैदानी क्षेत्रों के लिए उपयुक्त अगेती किस्म है। इसकी औसत उपज 250-300 क्विंटल प्रति हेक्टेयर है और इसकी भंडारण क्षमता अच्छी है। इसका आकार अंडाकार से आयताकार, चिकनी हल्की पीली से क्रीम रंग की त्वचा और सफेद गूदे वाले होते हैं। इसके कंद अंडाकार होते हैं और छिलके पर बने गड्ढे कम गहरे होते हैं, जिससे आलू को छीलना आसान रहता है। यह अगेती और पछेती झुलसा के प्रति खेत स्तर पर प्रतिरोधी बताई गई है।

कुफरी मोहन 

कुफरी मोहन मध्यम अवधि में तैयार होने वाली मुख्य मौसम की टेबल उपयोग वाली किस्म है। यह उत्तर और पूर्वी भारत के इंडो-गंगेटिक मैदानी क्षेत्रों के लिए उपयुक्त है। इसके कंद सफेद-क्रीम रंग के, अंडाकार और उथली आंखों ( छिलके पर बने गड्ढे) वाले होते हैं। अनुकूल कृषि प्रबंधन में इसकी उपज 35-40 टन प्रति हेक्टेयर तक पहुंच सकती है। इसके 90 प्रतिशत से अधिक कंद बाजार योग्य हो सकते हैं। इस किस्म में भंडारण क्षमता अच्छी और ट्यूबर ड्राई मैटर मध्यम होता है।

कुफरी ज्योति 

कुफरी ज्योति को पहाड़ी, मैदानी और पठारी क्षेत्रों में उगाया जा सकता है। यह मध्यम अवधि में तैयार होती है और इसकी औसत उपज 250-300 क्विंटल प्रति हेक्टेयर है। इसके कंद सफेद-क्रीम रंग के और अंडाकार  होते हैं। इसकी भंडारण क्षमता अच्छी है। यह अगेती और पछेती झुलसा के प्रति मध्यम प्रतिरोधी है। इसकी खासियत व्यापक अनुकूलन क्षमता और जल्दी कंद बनने की क्षमता है।

कुफरी चिप्सोना-3 

अगर किसान प्रसंस्करण उद्योग के लिए आलू उगाना चाहते हैं तो कुफरी चिप्सोना-3 उपयोगी किस्म हो सकती है। इसे खासतौर पर चिप्स और फ्रेंच फ्राइज के लिए विकसित किया गया है। इसकी औसत उपज 300-350 क्विंटल प्रति हेक्टेयर बताई गई है और इसकी भंडारण क्षमता अच्छी है। इसमें ड्राई मैटर अधिक, रिड्यूसिंग शुगर कम और फ्राइंग क्वालिटी अच्छी होती है, जिससे यह प्रसंस्करण के लिए उपयुक्त रहती है।

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