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फसल की खेती (Crop Cultivation)

तरबूज में उर्वरक की मात्रा और फर्टिगेशन: सही NPK डोज से बढ़ाएं उत्पादन

09 मई 2026, नई दिल्ली: तरबूज में उर्वरक की मात्रा और फर्टिगेशन: सही NPK डोज से बढ़ाएं उत्पादन – तरबूज की फसल में नाइट्रोजन, फास्फोरस और पोटाश का संतुलित उपयोग अत्यंत आवश्यक है। फर्टिगेशन के माध्यम से 12 सप्ताह में उर्वरक तीन चरणों में दिया जाता है।

पहले 4 सप्ताह में प्रति सप्ताह 5.5–6 किग्रा नाइट्रोजन, 3–3.5 किग्रा फास्फोरस और 8–8.5 किग्रा पोटाश दिया जाता है। अगले 4 सप्ताह में 11–12 किग्रा नाइट्रोजन, 3–3.5 किग्रा फास्फोरस और 9–10 किग्रा पोटाश दिया जाता है। अंतिम 4 सप्ताह में 5.5–6 किग्रा नाइट्रोजन, 6.5–7 किग्रा फास्फोरस और 14–15 किग्रा पोटाश दिया जाता है।

तरबूज एक गर्मी की नकदी फसल है जिसे 25–35 डिग्री तापमान और बलुई दोमट मिट्टी की आवश्यकता होती है। खेत की तैयारी में 20–25 टन गोबर की खाद दी जाती है।

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बुवाई जनवरी से मार्च के बीच की जाती है और बीज दर 2–3 किग्रा प्रति हेक्टेयर होती है। सिंचाई की कुल आवश्यकता 330–350 मिमी होती है।

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ड्रिप और मल्चिंग तकनीक उत्पादन बढ़ाने में सहायक होती हैं। कीट और रोगों का समय पर नियंत्रण आवश्यक है।

उपज 250–350 क्विंटल प्रति हेक्टेयर तक प्राप्त की जा सकती है।

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