फसल की खेती (Crop Cultivation)

किसानों को पसंद आ रही हैं कम अवधि में पकने वाली अरहर की किस्म पूसा अरहर -16

08 जुलाई 2023, भोपाल: किसानों को पसंद आ रही हैं कम अवधि में पकने वाली अरहर की किस्म पूसा अरहर -16 – पूसा अरहर-16, 120- दिन में पकने के कारण किसानों को यह किस्म पसंद आ रही हैं। कम समय में तैयार होने वाली अरहर की किस्म  पूसा अरहर -16 की खेती बारिश  के मौसम में भी की जा सकती है। यह अरहर की किस्म  भारतीय कृषि अनुसंधान संस्थान (पूसा) नई दिल्ली द्वारा विकसित की गई है।

समय से बुआई और 120 दिन में कटाई  करके इसके बाद आलू, गेहूं, सरसों आदि रबी फसलों की खेती की जा सकती है। अरहर की सामान्य व परंपरागत किस्मों को पकने में कम से कम 170 दिन लगते हैं। यह लंबी अवधि के कारण किसान रबी फसलों को समय से लेने में नाकाम हो रहे थे और कम अवधि वाली दूसरी फसलों पर जा रहे थे।

Advertisement
Advertisement

यह किस्म कम ऊंचाई वाली (95 सेमी से 120 सेमी तक लंबी) परिमित, अधिक उपज देने वाली हैं, जिसका पौधा सीधा खड़ा होने वाला मजबूत किस्म का होता है।

अगर इसकी बुआई 30 सेमी की दूरी रखकर और एक पौधे से दूसरे पौधे के मध्य 10 सेमी का अंतर रखकर की जाए तो एक हेक्टेयर भूमि में इस किस्म की अरहर के 3 लाख तीस हजार पौधों की सघन आबादी हो सकती है। मानसून की शुरुआत से लेकर जुलाई के दूसरे सप्ताह तक इसकी बुवाई की जा सकती है।

Advertisement8
Advertisement

(नवीनतम कृषि समाचार और अपडेट के लिए आप अपने मनपसंद प्लेटफॉर्म पे कृषक जगत से जुड़े – गूगल न्यूज़,  टेलीग्राम )

Advertisement8
Advertisement
Advertisements
Advertisement5
Advertisement