फसल की खेती (Crop Cultivation)

आम किसानों के लिए अलर्ट, थ्रिप्स कीट से फसल को हो सकता है भारी नुकसान; समय रहते करें नियंत्रण

17 अप्रैल 2026, नई दिल्ली: आम किसानों के लिए अलर्ट, थ्रिप्स कीट से फसल को हो सकता है भारी नुकसान; समय रहते करें नियंत्रण – आम की बागवानी करने वाले किसानों के लिए इस समय सतर्क रहने की जरूरत है। कई क्षेत्रों में आम के बागों में थ्रिप्स नामक सूक्ष्म कीट का प्रकोप देखा जा रहा है, जो फसल को गंभीर नुकसान पहुंचा सकता है। यह कीट विशेष रूप से आम के पुष्पक्रम (फूलों) और नई कोमल पत्तियों पर हमला करता है, जिससे पत्तियों पर धब्बे पड़ना, उनका मुड़ना और सूखना जैसी समस्याएं सामने आती हैं। इसका सीधा असर फल बनने की प्रक्रिया और गुणवत्ता पर पड़ता है।

कृषि विशेषज्ञों के अनुसार यदि समय रहते इस कीट का नियंत्रण नहीं किया गया, तो यह फूलों को नुकसान पहुंचाकर फल बनने की क्षमता को कम कर सकता है। इससे उत्पादन में गिरावट और किसानों को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ सकता है। इसलिए बागों की नियमित निगरानी और प्रारंभिक अवस्था में पहचान बेहद जरूरी है।

कैसे पहचानें थ्रिप्स का प्रकोप

थ्रिप्स बहुत छोटे आकार के कीट होते हैं, जिन्हें सामान्य आंखों से पहचानना मुश्किल होता है। इनके प्रकोप से पत्तियों पर सिल्वर या भूरे धब्बे दिखाई देने लगते हैं और पत्तियां सिकुड़कर मुड़ जाती हैं। फूलों पर असर पड़ने से फल विकास भी प्रभावित होता है।

रसायनिक उपाय से करें नियंत्रण

कृषि वैज्ञानिकों ने थ्रिप्स नियंत्रण के लिए कुछ प्रभावी दवाओं की सलाह दी है। इनमें इमिडाक्लोप्रिड 17.8 SL, टोल्फेनपाय्राड 15% EC और थायोमेथोक्साम 25 WG प्रमुख हैं। किसानों को सलाह दी जाती है कि वे इन दवाओं का निर्धारित मात्रा में प्रति लीटर पानी में घोल बनाकर छिड़काव करें। छिड़काव सुबह या शाम के समय करना अधिक प्रभावी माना जाता है।

बाग की सफाई भी है जरूरी

रसायनिक नियंत्रण के साथ-साथ बाग की स्वच्छता बनाए रखना भी उतना ही महत्वपूर्ण है। खरपतवार और अन्य वैकल्पिक पोषक पौधों को हटाने से थ्रिप्स की संख्या को काफी हद तक कम किया जा सकता है। नियमित साफ-सफाई और देखभाल से कीटों के फैलाव को रोका जा सकता है।

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