समस्या – समाधान (Farming Solution)

समस्या – समाधान (Farming Solution) में विभिन्न फसलों के लिए किसानों की समस्याओं के जवाब, कृषि संबंधी समाधान, पौधों की सुरक्षा, बीज का चयन, बुआई और खेती कैसे करें शामिल हैं। समस्या – समाधान (Farming Solution) में बीज उपचार, खरपतवार नियंतरण, रोगोन और संक्रमण से सुरक्षा आदि भी शामिल हैं। इसमें कीट और रोग संलग्न, सिंचाई समस्या, मौसम संबंधी समस्याएं, मिट्टी जनित रोग संबंधी समस्याएं, बीज चयन, उर्वरक खुराक सुधार से संबंधित समस्याएं भी शामिल हैं। इसमें गेहूं, सोयाबीन, चना, धान, बासमती जैसी फसलें और आम, सेब, पपीता, अमरूद, बिंदी, भिंडी, टमाटर, प्याज, फूलगोभी, मटर, ड्रैगन फ्रूट, तोरी आदि फल और सब्जियां (बागवानी फसलें) शामिल हैं। इसमें कीटों और बीमारियों के लिए कृषि रसायनों की सही खुराक और उर्वरक अनुप्रयोग के लिए सही खुराक भी शामिल है।

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गेहूं की फसल को चूहा से बचाने के उपाय बतायें?

– गिरजाशंकर राय, बनखेड़ी समाधान- आपका प्रश्न सामयिक है और प्रति उत्तर से अन्य पाठकों के लिए मार्गदर्शक भी होगा। आमतौर पर चूहों की चार जातियां गेहूं की फसल को हानि पहुंचाती हैं। इनका प्रकोप जनवरी से मार्च-अप्रैल तक होता

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Bitter gourd / करेला

बीज उत्पादक कम्पनियों की संकर एवं उन्नत किस्में कंपनी किस्में करेला     श्रीराम बायो सीड्स अलबेला, सांभा, नैनो   नुनहेम्स सीड्स चमन,अमनश्री,जीनत, सरकार, चमन प्लस   नामधारी सीड्स एनएस-1018, 418, 435, 1024, 453, 454   बेजो शीतल प्रिया, बीएसएस-407,

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समस्या – मैं ग्रीष्मकालीन तिल लगाना चाहता हूं कृपया तकनीकी बतायें।

– माखनलाल, जामठी समाधान- आपका प्रश्न उपयोगी है अन्य कृषकों को प्रति उत्तर का लाभ मिल सकता है। ग्रीष्मकालीन तिल की खेती बहुत आसान एवं लाभदायक होती है तथा उत्पादन भी बरसात की फसल से अच्छा होता है आप निम्न

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समस्या- मैं जायद की तिल लगाना चाहता हूं क्या मुझे आर्थिक लाभ अन्य फसलों की तुलना में अधिक होगा तकनीकी बतायें।

– जयशंकर लाल, बरेली समाधान – जायद के मौसम में मक्का, तिल, मूंगफली, भिंडी, मूंग, उड़द लगाकर अतिरिक्त आय कमाई जा सकती हैं। तिल्ली की काश्त अगर निम्न तकनीकी बिंदुओं को ध्यान में रखकर की जाये तो खरीफ की तुलना

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समस्या – पपीता अक्टूबर में लगाया था जैविक खाद का उपयोग किया था पौधों की बढ़वार अच्छी नहीं हो रही है और पत्तियों में पीलापन आ रहा है उपाय बतलाये।

– तुलाराम नरवरिया, उज्जैन समाधान- आपसे दूरभाष पर चर्चा हुई थी आप केवल जैविक उत्पादन का प्रयोग करके खेती करते हैं यह बात अनुकरणीय है। जहां तक बढ़वार का प्रश्न है गिरते तापमान का तो असर होगा ही। पौधों का

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समस्या – आम के दो वर्ष के पौधे हो चुके हैं उनके रखरखाव के बारे बतायें, ताकि अच्छे फल मिलें।

– जगन सराटे, मुलताई समाधान-आम के पौध हों अथवा अन्य फल वृक्ष इनका यदि वार्षिक रखरखाव नहीं किया जाये तो उनके विकास पर विपरीत असर होता है। वास्तव में फल वृक्ष लगाने के 4-5 वर्ष तक उनके रखरखाव, उर्वरक, खाद,

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समस्या- मैंने अदरक लगाई है। मैं सोंठ बनाना चाहता हूं, कृपया विधि बतायें।

– रमाशंकर चौधरी, छिंदवाड़ासमाधान– आपने मसाला नगदी फसल अदरक लगाई है उससे सोंठ बनाना चाहते हैं। आप निम्न विधि से सोंठ तैयार करें।  अच्छी सोंठ बनाने के लिये अच्छी किस्म जरूरी है जैसे- मानर, नादिया एवं कशवल इत्यादि। कम रेशे

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समस्या- गेहूं की जाति 8498 लगाना चाहता हूं क्या बुआई की जा सकती है, कितना खाद, कितना पानी दिया जाये।

– जे.पी. सविता, डबरा समाधान- आपने गेहूं की जाति एच.आई. 8498 (मालव शक्ति) लगाने की बात पूछी है। वास्तव में यह जाति पूर्ण सिंचित और समय से बुआई अर्थात् 30 नवम्बर तक ही लगाने के लिए सिफारिश की गई है

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समस्या- गेहूं की फसल में पीलापन आ रहा है। कितना यूरिया एक एकड़ में ट्रापड्रेसिंग किया जाये।

– वराद सिंह नागर, सारंगपुर समाधान- गेहूं की फसल खासकर सिंचित अवस्था में सोयाबीन काट कर ही लगाई जाती है और सोयाबीन 50-55 लाख हेक्टर में लगी थी। सभी जगह पीलापन नहीं आ रहा है। आंशिक जगह पीलापन पत्तों पर

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समस्या- ड्रिप सिंचाई पद्धति किस फसल के लिये उपयोगी होती है कृपया ड्रिप के विषय में विस्तार से बतायें।

– प्रीतम गौर, नरसिंहपुर समाधान- ड्रिप सिंचाई पद्धति सिंचाई की आधुनिक तकनीकी है इससे सिंचाई जल पौधों की जड़ों तक सीधे-सीधे पहुंचाया जाता है तथा जल मांग के आधार पर निश्चित अंतराल पर जल उपलब्ध कराया जाता है। जल कम

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