खेती में औषधि फसलों का महत्व
खेती में औषधि फसलों का महत्व – मानव समाज द्वारा रोगों के उपचार के लिये औषधि पौधों के उपयोग का इतिहास सदियों से पुराना रहा है। उन दिनों पौधों के औषधि गुणों की चर्चा गुरू-शिष्य परम्परा आधारित होती थी। जब
फसल की खेती (Crop Cultivation) से जुड़ी संपूर्ण जानकारी प्राप्त करें। गेहूं, धान, सोयाबीन, मक्का, चना, सरसों, कपास, दालों और तिलहनी फसलों की उन्नत खेती, बुवाई, सिंचाई, पोषण प्रबंधन, रोग एवं कीट नियंत्रण के विशेषज्ञ सुझाव पढ़ें।
खेती में औषधि फसलों का महत्व – मानव समाज द्वारा रोगों के उपचार के लिये औषधि पौधों के उपयोग का इतिहास सदियों से पुराना रहा है। उन दिनों पौधों के औषधि गुणों की चर्चा गुरू-शिष्य परम्परा आधारित होती थी। जब
गेहूं के प्रमुख रोग : पहचान एवं निदान – गेहूं : इस देश की प्रमुख फसलों में से एक है भारत के कुल खाद्यान्न उत्पादन का लगभग 32 प्रतिशत भाग गेहूं का है। गेहूं के कुल उत्पादन का लगभग 90
सरसों की फसल में कीट एवं रोग प्रबंधन – सरसों की उपज को बढ़ाने तथा उसे टिकाऊपन बनाने के मार्ग में नाशक जीवों और रोगों का प्रकोप एक प्रमुख समस्या है। इस फसल को कीटों एवं रोगों से काफी नुकसान
अदरक फसल में लागत का कई गुना मुनाफा – उद्यानिकी फसलों की ओर किसानों का रूझान बढ़ रहा है। अब जिले के विभिन्न क्षेत्रों में उद्यानिकी फसलों को सुगमता से आवागमन के दौरान देखा जा सकता है। लटेरी विकासखंड के
काजू के बगीचे लगाने हेतु आवेदन करें किसान बैतूल जिले की पड़त भूमि के लिए उपयुक्त फसल है काजू – बैतूल मध्यप्रदेश का पहला जिला है जहाँ वर्ष 2018-19 से काजू की व्यवसायिक खेती प्रारंभ की गयी है। भारत सरकार
बीमारियाँ :- चने की उकठा रोग :- यह एक मृदोढ़ व बीजोढ रोग है, जो कि फ्यूजेरियम आक्सीस्पोरम नामक फफूंद से होती है। संक्रमण :- रोगजनक फसल के अवशेषों व बीजों में 3-5 साल तक जीवित रहते हैं तथा बुवाई
सिंचाई जल असमानता होने पर सब्जियों में प्रभाव: सब्जियों में सिंचाई जल की आवश्यकता एवं प्रबंधन – अधिक उत्पादन हेतु कृत्रिम ढंग से पानी देने की क्रिया को सिंचाई कहते हैं। बढ़ती हुई आबादी के दबाव से अतिरिक्त भोज्य पदार्थों
मध्य भारत में गेहूं की वैज्ञानिक खेती कैसे करें – मध्य क्षेत्र के अंतर्गत मध्य प्रदेश, गुजरात, छत्तीसगढ़, उत्तर प्रदेश का बुंदेलखण्ड एवं दक्षिणी राजस्थान सम्मिलित हैं। मध्य भारत का गेहूं गुणवत्ता में पूरे देश में अग्रणी है। मध्य क्षेत्र,
औषधीय फसलों की कॉन्ट्रेक्ट फार्मिंग 31 अक्टूबर 2020, देवास। तुलसी की खेती मुनाफा देती – भारतीय हिंदू परिवारों विशेषकर ग्रामीण क्षेत्रों में प्राय: हर घर आंगन में तुलसी का बिरवा होता है, जिसकी सुबह शाम पूजा की जाती है। कभी-कभी
सुवा की खेती से अधिक कमाई – सुवा या सोवा एक गौण बीजीय मसाला है। इसके पौधे का प्रत्येक भाग औषधीय गुण रखता है। सुवा के साबुत या पीसे हुए दानों के रूप में सूप, सलाद, सॉस एवं अचार आदि