लहसुन की खेती से हमारे यहां अच्छा उत्पादन प्राप्त होता था, पिछले कुछ वर्षों से कम होता जा रहा है। कुछ लोगों का कहना है कि लहसुन जहां भी लगाते है बाद में उस जगह उत्पादन नहीं मिलता नई जमीन में ही मिलता है उपाय बतायें।

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– नारायण पवार, चारगांव, छिंदवाड़ा

लहसुन 

समाधान – आपका जिला सब्जी फसलों के उत्पादन के लिये मशहूर है। आपने लहसुन की घटती उत्पादकता विषय पर पूछा है जो सामान्य सी बात है,  कोई भी फसल एक ही क्षेत्र में सतत नहीं लगाना चाहिये इससे भूमि क्षेत्र विशेष के पोषक तत्वों का जिस अनुपात में हृास होता है उस अनुपात में पूर्ति नहीं हो पाती है। लहसुन की जरूरत स्फुर (फास्फेट) उर्वरक की अधिक होती है जाहिर है उसकी कमी आपके खेत में हो रही है। आप निम्न उपाय करें-

  • सर्वप्रथम अपने क्षेत्र की मिट्टी का परीक्षण करायें और तत्वों के अस्तित्व की जानकारी प्राप्त करें और संतुलित उर्वरक भूमि में दें।
  • आमतौर पर जिंक लघु तत्व की कमी खेत में हो सकती है। खेत की आखिरी जुताई के समय 25 किलो जिंक सल्फेट/हेक्टर के हिसाब से मिट्टी में मिलायें ताकि सूक्ष्म तत्व जिंक और गंधक दोनों की कमी की पूर्ति हो सके।
  • गोबर की खाद उपलब्धि अनुरूप खेत में अवश्य डालें ताकि भूमि की दशा में परिवर्तन हो सके क्योंकि छिंदवाड़ा क्षेत्र की अधिकांश भूमि भारी नहीं है गोबर खाद से भी लाभ होगा।
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