बेहतर उत्पादन की उम्मीद ग्रामीण बाजार ने भरा फर्राटा

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प्रदेश में इस वर्ष सामान्य से अधिक मानसूनी वर्षा हुई इससे खरीफ के पहले अग्रिम उत्पादन अनुमान में बेहतर उत्पादन की उम्मीद जगी है। खरीफ का कुल उत्पादन 236 लाख टन होने का अनुमान लगाया गया है। इसमें मुख्यत: धान 72 लाख टन, सोयाबीन 70 लाख टन, तुअर 10.45 लाख टन, कपास 7.56 लाख गांठ होने का अनुमान है। जबकि गत वर्ष क्रमश: धान का 56 लाख टन, सोयाबीन 44 लाख टन, तुअर 7.12 लाख टन एवं कपास का 6.30 लाख गांठ उत्पादन हुआ था। वर्तमान में खरीफ फसलों की कटाई चल रही है तथा मंडियों में आवक प्रारंभ हो गई है। किसानों को समर्थन मूल्य से अधिक दाम मिल रहे हैं, कुछ स्थानों पर समर्थन मूल्य से कम कीमत भी मिल रही है परंतु आवक भरपूर हो रही है। सोयाबीन प्रदेश में 2340 से 2865 रुपये क्विटंल बिक रही है। जबकि समर्थन मूल्य 2775 रुपये क्विंटल तय किया गया है। इसी प्रकार धान 1700 रुपये क्विंटल, तुअर 6200 रुपये क्विंटल तक मंडियों में खरीदी जा रही है जबकि धान का समर्थन मूल्य 1470 रु. एवं तुअर का 5050 रु. प्रति क्विंटल तय किया गया है। वहीं मूंग की खरीदी करने के लिये सरकार ने 50 केंद्र खोले हैं। जिसमें सरकारी खरीद एजेंसियां समर्थन मूल्य 5225 रु. क्विंटल पर खरीद कर रही है। हालांकि राज्य की कुछ मंडियों में 3800 रु. क्विंटल तक मूंग खरीदी की खबर है जो समर्थन मूल्य से काफी कम है। त्यौहारी सीजन में किसानों को उपज का बेहतर मूल्य मिलने से ग्रामीण तथा शहरी बाजारों में रौनक आ गई है।
राज्य में किसानों ने दीपावली की खरीदारी प्रारंभ कर दी है। इसे देखते हुए दो पहिया एवं चार पहिया तथा ट्रैक्टर बाजार में कंपनियों ने लुभावनी योजनाएं तथा ऑफर शुरू कर दिए हैं। जिससे कंपनियों को फायदा मिल रहा है। वाहनों की बिक्री में उछाल आया है। चार पहिया वाहनों की बिक्री में समस्त कंपनियों ने वृद्धि दर्ज की है।
ट्रैक्टर बाजार में भी चहल-पहल है। चालू वित्त वर्ष की दूसरी छमाही में समस्त कंपनियों के ट्रैक्टर बिक्री में वृद्धि होने की संभावना है। इसका मुख्य कारण खरीफ का बेहतर अग्रिम उत्पादन अनुमान तथा रबी के लिए पर्याप्त नमी के कारण अच्छे उत्पादन की संभावना को माना जा रहा है।
चार पहिया वाहन विनिर्माताओं के संगठन सायम ने यात्री वाहन उद्योग के लिये अपनी वृद्धि अनुमान को बढ़ाकर दो अंकों में कर दिया है जबकि इस साल के आरंभ में उसने एकल अंक में वृद्धि का अनुमान जाहिर किया था। यदि ऐसा संभव हुआ तो यह वित्त वर्ष 2011 में 28 फीसदी की वृद्धि के बाद दो अंकों में पहली वृद्धि होगी। वित्त वर्ष 2016 में उद्योग ने रिकॉर्ड 27.8 लाख यात्री वाहनों की बिक्री की थी। इस लिहाज से दो अंकों में वृद्धि का मतलब इस वित्त वर्ष के दौरान घरेलू बाजार में 30 लाख से अधिक वाहनों की बिक्री होगी।
वाहन उद्योग के परिदृश्य में सुधार का सबसे अधिक लाभ दोपहिया कंपनियों को मिला है। कमजोर मानसून और सुस्त ग्रामीण धारणा के कारण पिछले दो साल के दौरान चुनौतियों का सामना करने के बाद मोटरसाइकिल श्रेणी में भी तेजी दर्ज की गई है। पिछले दो वित्त वर्ष के दौरान घरेलू दोपहिया वाहनों की बिक्री में क्रमश: तीन और आठ फीसदी की वृद्धि दर्ज की गई। लेकिन इस बार करीब चार साल बाद यह आंकड़ा दो अंकों में पहुंचने का अनुमान है। वित्त वर्ष 2017 की पहली छमाही के दौरान घरेलू बिक्री में 17 फीसदी की बढ़त दर्ज की गई।

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