योगी कैबिनेट ने राज्य पशुधन मिशन को दी मंजूरी, गाय खरीदने पर मिलेगी 40 हजार रुपये सब्सिडी
28 अक्टूबर 2026, भोपाल: योगी कैबिनेट ने राज्य पशुधन मिशन को दी मंजूरी, गाय खरीदने पर मिलेगी 40 हजार रुपये सब्सिडी – उत्तर प्रदेश में पशुपालन को बढ़ावा देने और ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार के नए अवसर पैदा करने के लिए योगी सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में राज्य पशुधन मिशन (SLM) को मंजूरी दी गई। इस योजना के तहत उन्नत नस्ल की गायों के पालन को प्रोत्साहित किया जाएगा। एक गाय के लिए 40 हजार रुपये और दो गायों के लिए 80 हजार रुपये की सब्सिडी का प्रावधान किया गया है। इसके साथ ही बकरी, भेड़, सूअर और मुर्गी पालन को भी बढ़ावा दिया जाएगा।
सरकार का उद्देश्य पशुपालन को किसानों की आय बढ़ाने और ग्रामीण युवाओं के लिए रोजगार का एक बेहतर माध्यम बनाना है। इस मिशन के जरिए पशुधन क्षेत्र को आधुनिक तकनीक, उद्यमिता और बाजार व्यवस्था से जोड़ने की योजना है। इसमें खास तौर पर लघु एवं सीमांत किसानों और पशुपालन से जुड़े उद्यमियों को प्राथमिकता दी जाएगी।
उत्तर प्रदेश में पशुधन और दुग्ध उत्पादन पर जोर
पशुधन एवं दुग्ध विकास मंत्री धर्मपाल सिंह ने बताया कि उत्तर प्रदेश देश में सबसे अधिक पशुधन वाला राज्य है। दुग्ध उत्पादन के मामले में भी प्रदेश पहले स्थान पर है। उन्होंने कहा कि राज्य पशुधन मिशन के माध्यम से पशुओं की उत्पादकता बढ़ाने के साथ ही पशुधन उत्पादों के विपणन, मूल्य संवर्धन और डिजिटल प्रबंधन को मजबूत किया जाएगा।
मंत्री के अनुसार, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के किसानों की आय दोगुनी करने के लक्ष्य को हासिल करने में पशुपालन की महत्वपूर्ण भूमिका हो सकती है। इसी दिशा में प्रदेश में पहली बार राज्य पशुधन मिशन को मंजूरी दी गई है। इसके तहत पशुपालन को अधिक व्यवस्थित और लाभकारी बनाने पर जोर दिया जाएगा।
साहीवाल और हरियाणवी जैसी उन्नत नस्लों को मिलेगा बढ़ावा
राज्य पशुधन मिशन के तहत साहीवाल, देसी और हरियाणवी जैसी उन्नत नस्लों के विकास पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। योजना में एक उन्नत गाय के लिए 40 हजार रुपये और दो गायों के लिए 80 हजार रुपये की सब्सिडी का प्रावधान है।
गाय पालन के साथ-साथ बकरी, भेड़, सूअर और मुर्गी पालन को भी प्रोत्साहित किया जाएगा। जरूरतमंद परिवारों को मुर्गी पालन शुरू करने के लिए 100-100 चूजे उपलब्ध कराने की व्यवस्था भी की गई है। इससे ग्रामीण परिवारों को पशुपालन आधारित गतिविधियों से जोड़ने और उनकी आय के साधन बढ़ाने में मदद मिलने की उम्मीद है।
पांच उप-मिशनों के जरिए लागू होगी योजना
राज्य पशुधन मिशन को पांच उप-मिशनों के माध्यम से लागू किया जाएगा। इनमें पशुधन उद्यमिता एवं स्टार्टअप विकास, पशुधन एवं पोल्ट्री नस्ल विकास, नवाचार एवं डिजिटल लाइवस्टॉक, चारा एवं आहार विकास तथा अनुसंधान, वैश्वीकरण एवं ज्ञान प्रणाली विकास शामिल हैं।
इन उप-मिशनों के जरिए पशुपालन से जुड़े नए उद्यमों और स्टार्टअप को प्रोत्साहन देने के साथ चारा उत्पादन, पशुधन उत्पादों के मूल्य संवर्धन और आपूर्ति व्यवस्था को मजबूत करने पर ध्यान दिया जाएगा। इसके अलावा, पशुपालकों को बाजार से जोड़ने और पशुधन क्षेत्र में नए व्यावसायिक अवसर विकसित करने की दिशा में भी काम किया जाएगा।
आधुनिक तकनीक और प्रशिक्षण पर रहेगा फोकस
योजना में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), डिजिटल ट्रेसेब्लिटी और जलवायु के अनुकूल तकनीकों के इस्तेमाल को बढ़ावा दिया जाएगा। इसका उद्देश्य पशुधन उत्पादों की गुणवत्ता में सुधार करना और उन्हें बाजार तक पहुंचाने की व्यवस्था को बेहतर बनाना है। इसके साथ ही पशुपालकों के कौशल विकास के लिए प्रशिक्षण की व्यवस्था भी की जाएगी। तकनीकी जानकारी और प्रशिक्षण के माध्यम से पशुपालकों को आधुनिक तरीकों से पशुपालन करने में मदद मिलेगी। सरकार इस मिशन के जरिए पशुधन क्षेत्र में नवाचार और तकनीक के उपयोग को बढ़ावा देना चाहती है।
पात्र लाभार्थियों के बैंक खातों में पहुंचेगी सब्सिडी
राज्य पशुधन मिशन राज्य सरकार द्वारा वित्तपोषित योजना है। इसके तहत चयनित परियोजनाओं को निर्धारित प्रक्रिया पूरी होने के बाद अनुदान दिया जाएगा। परियोजनाओं को तय मानकों के अनुसार निर्धारित चरण पूरे करने होंगे। इसके बाद स्क्रीनिंग समिति की प्रक्रिया और पीएसी की स्वीकृति मिलने पर अनुदान की राशि सीधे लाभार्थियों के बैंक खातों में भेजी जाएगी।
पशुधन से जुड़ी सुविधाओं के लिए बुनियादी ढांचे के निर्माण और सेवाओं के विकास में सार्वजनिक-निजी भागीदारी (PPP) मॉडल को भी प्रोत्साहित किया जाएगा। सरकार को उम्मीद है कि इस मिशन से पशुपालन क्षेत्र में निवेश, उद्यमिता और रोजगार को बढ़ावा मिलेगा तथा ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी।
आपने उपरोक्त समाचार कृषक जगत वेबसाइट पर पढ़ा: हमसे जुड़ें
> नवीनतम कृषि समाचार और अपडेट के लिए आप अपने मनपसंद प्लेटफॉर्म पे कृषक जगत से जुड़े – गूगल न्यूज़, व्हाट्सएप्प
> कृषक जगत अखबार की सदस्यता लेने के लिए यहां क्लिक करें – घर बैठे विस्तृत कृषि पद्धतियों और नई तकनीक के बारे में पढ़ें
> कृषक जगत ई-पेपर पढ़ने के लिए नीचे दिए गए लिंक पर क्लिक करें: E-Paper
> कृषक जगत की अंग्रेजी वेबसाइट पर जाने के लिए नीचे दिए गए लिंक पर क्लिक करें: Global Agriculture


