राज्य कृषि समाचार (State News)

विदिशा: कृषकों की शत-प्रतिशत फार्मर आईडी बनाने पर जोर

20 अगस्त से 15 सितम्बर तक चलेगा प्रदेशव्यापी अभियान

19 अगस्त 2026, विदिशाविदिशा: कृषकों की शत-प्रतिशत फार्मर आईडी बनाने पर जोर – रबी वर्ष 2026-27 में किसानों को उर्वरकों की आवश्यकता के अनुरूप समय पर उपलब्धता सुनिश्चित करने, उर्वरकों के संतुलित एवं विवेकपूर्ण उपयोग को बढ़ावा देने, ई-विकास प्रणाली के माध्यम से उर्वरक टोकन सहित पोर्टल की विभिन्न सुविधाओं का लाभ किसानों तक पहुंचाने तथा अधिकाधिक किसानों को पैक्स की सदस्यता दिलाने के उद्देश्य से प्रदेश में “एग्रीस्टैक पंजीयन, पैक्स सदस्यता एवं अग्रिम उर्वरक उठाव अभियान” आयोजित किया जा रहा है।

यह अभियान 20 अगस्त से 15 सितंबर 2026 तक चलेगा। अभियान के दौरान पात्र कृषकों की फार्मर आईडी बनाने, लंबित बकेटिंग प्रकरणों का निराकरण करने, पैक्स में अधिकाधिक किसानों को सदस्य बनाने तथा केसीसी सेचुरेशन के लक्ष्य को पूरा करने पर विशेष जोर दिया जाएगा।

ग्राम पंचायत स्तर पर होगा अभियान का प्रभावी क्रियान्वयन -अभियान के तहत राजस्व विभाग के अधिकारियों एवं कर्मचारियों द्वारा ग्राम पंचायत स्तरीय कार्यक्रमों में सक्रिय सहभागिता की जाएगी। ऐसे भूमि स्वामी जिनके खातों में हिस्सा निर्धारित नहीं है, उनके प्रकरणों में पटवारी स्तर पर परिमार्जन की गतिविधि प्रारंभ कर तहसीलदार स्तर से अनुमोदन कराया जाएगा, ताकि संबंधित किसान अपनी भूमि को फार्मर आईडी से जोड़ सकें।

सारा पोर्टल पर उपलब्ध डैशबोर्ड एवं रिपोर्ट के माध्यम से लंबित भूमि स्वामियों की सूची प्राप्त कर ऐसे किसानों की ग्रामवार सूची तैयार की जाएगी, जिनकी फार्मर आईडी अभी नहीं बनी है। यह सूची ग्राम पंचायत स्तर तक उपलब्ध कराई जाएगी, जिससे अभियान के दौरान छूटे हुए किसानों की पहचान कर उनका पंजीयन मिशन मोड में पूरा कराया जा सके।

जिन किसानों की फार्मर आईडी पहले से बन चुकी है, लेकिन उनके सभी सर्वे नंबर आईडी से लिंक नहीं हैं, उनके शेष सर्वे नंबर Farmer Details Update विकल्प के माध्यम से जोड़े जाएंगे। साथ ही, यदि किसी किसान की फार्मर आईडी में गलती से किसी अन्य किसान की भूमि जुड़ गई है, तो संबंधित रिकॉर्ड में आवश्यक संशोधन कर उसे दुरुस्त किया जाएगा।

किसानों को फार्मर आईडी के महत्व की दी जाएगी जानकारी – अभियान के दौरान किसानों को फार्मर आईडी की उपयोगिता के संबंध में व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाएगा। किसानों को बताया जाएगा कि फार्मर आईडी विभिन्न कृषि योजनाओं एवं सुविधाओं का लाभ प्राप्त करने के लिए महत्वपूर्ण है।

फार्मर आईडी के माध्यम से किसानों को गेहूं, चना, सरसों, धान, मूंग आदि फसलों के उपार्जन, उर्वरक प्राप्ति, अनुदान पर बीज प्राप्त करने, फसल प्रदर्शन, कृषि यंत्रों पर अनुदान तथा कृषि विभाग की विभिन्न योजनाओं का लाभ लेने में सुविधा होगी। इसके अलावा प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना का लाभ लेने और ई-मंडी के माध्यम से कृषि उपज विक्रय के लिए भी फार्मर आईडी महत्वपूर्ण है।

विदिशा जिले में अब तक 47.81 प्रतिशत कार्य पूर्ण – 18 अगस्त 2026 की स्थिति में विदिशा जिले में 47.81 प्रतिशत पात्र कृषकों की फार्मर आईडी बनाने का कार्य पूर्ण किया जा चुका है। अभियान के तहत शेष पात्र कृषकों का पंजीयन प्राथमिकता के आधार पर पूरा किया जाएगा।

जिले में तहसीलवार एवं ग्राम वार प्रगति की लगातार समीक्षा करते हुए जिन कृषकों अथवा भूमि स्वामियों की फार्मर आईडी लंबित है, उनका चिन्हांकन कर मिशन मोड में पंजीयन कराया जाएगा। संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया गया है कि अभियान के दौरान प्रत्येक तहसील में पात्र कृषकों की शत-प्रतिशत फार्मर आईडी बनाए जाने का कार्य सुनिश्चित किया जाए।

फार्मर आईडी बनने से किसानों को कृषि संबंधी योजनाओं, उपार्जन, उर्वरक, बीज, कृषि यंत्र एवं फसल बीमा सहित विभिन्न शासकीय सुविधाओं का लाभ प्राप्त करने में सुविधा होगी। प्रशासन द्वारा किसानों से अभियान में सक्रिय रूप से सहभागिता कर अपनी फार्मर आईडी बनवाने तथा यदि आवश्यक हो तो अपनी भूमि एवं सर्वे नंबर से संबंधित जानकारी का सत्यापन कराने की अपील की गई है।

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