सोयाबीन कृषकों के लिए उपयोगी सलाह  (15-21 अगस्त 2022 )

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16 अगस्त 2022, इंदौर: सोयाबीन कृषकों के लिए उपयोगी सलाह  (15-21 अगस्त 2022 ) – भा.कृ.अनु.प.-भारतीय सोयाबीन अनुसन्धान संस्थान, इंदौर ने सोयाबीन कृषकों को 15-21 अगस्त 2022  के सप्ताह के लिए उपयोगी सलाह दी है। वर्तमान में सोयाबीन की फसल पर चक्र भृंग एवं पत्ती खाने वाली इल्लियां तथा पीला मोज़ेक वायरस रोग के संक्रमण की स्थितियां देखी जा रही है । कृषकों को सलाह है कि अपनी फसल की सतत निगरानी  करते रहें एवं किसी  भी कीट या रोग के प्रारम्भिक लक्षण देखते ही, निम्नानुसार नियंत्रण के उपाय अपनाएं –

1 – पीला मोज़ेक रोग के नियंत्रण  हेतु सलाह है कि  तत्काल रोगग्रस्त पौधों को खेत से उखाड़कर निष्कासित करें तथा इन रोगों को फ़ैलाने वाले वाहक सफ़ेद मक्खी की रोकथाम हेतु  पूर्व मिश्रित  कीटनाशक थायोमिथोक्सम + लैम्ब्डा सायहेलोथ्रिन  (125 मि ली/हे) या बीटासायफ्लुथ्रिन +इमि डाक्लोप्रिड ( 350 मि ली/.हे) का छिड़काव करें। इनके छिड़काव से तना मक्खी का भी नियंत्रण  किया  जा सकता है। यह भी सलाह है कि  सफ़ेद मक्खी के नियंत्रण हेतु कृषकगण अपने खेत में विभिन्न  स्थानों पर पीला स्टिकी ट्रैप लगाएं।

2 – चक्र भृंग के नियंत्रण  हेतु प्रारम्भिक  अवस्था में ही टेट्रानिलिप्रोल 18.18 एस.सी. (250-300  मि ली/हे) या थायक्लोप्रिड  21.7 एस.सी .( 750 मि  ली/हे) या प्रोफेनोफॉस 50 ई.सी) 1 ली/.हे ) या इमामेक्टीन बेन्जोएट) ( 425 मि ली /है) का छिड़काव करें। यह भी सलाह दी जाती है कि इसके फैलाव की रोकथाम हेतु प्रारम्भिक अवस्था में ही पौधे के ग्रसित भाग को तोड़कर नष्ट कर दें।

फसल सुरक्षा के अन्य उपाय –

1 – सोयाबीन की फसल में तम्बाकू की इल्ली  एवं चने की इल्ली  के प्रबंधन के लिए  बाजार में उपलब्ध कीट-विशेष  फेरोमोन ट्रैप्स का उपयोग करें। इन फेरोमोन ट्रैप में 5-10  पतंगे दिखने का संकेत यह दर्शाता है कि इन कीड़ों का प्रादुर्भाव आप की फसल में हो गया है, जो कि प्रारम्भिक अवस्था में है, अतः शीघ्रातिशीघ्र इनके नियंत्रण के लिए उपाय अपनाने चाहिए ।

2 -खेत के विभिन्न  स्थानों पर निगरानी  करते हुए यदि  आपको कोई ऐसा पौधा मिले जिस पर झुण्ड में अंडे या इल्लियां  हों, ऐसे पौधों को खेत से उखाड़कर निष्कासित  करें।

3 – जैविक सोयाबीन उत्पादन में रूचि रखने वाले कृषकगण पत्ती खाने वाली इल्लियों  (सेमीलूपर, तम्बाकू की इल्ली ) की छोटी अवस्था की रोकथाम हेतु बेसिलसथुरिन्जि एन्सिस अथवा ब्यूवेरिया  बेसिआना या नोमुरि या रि लेयी (1 ली/हे) का प्रयोग कर सकते हैं । यह भी सलाह है कि  प्रकाश प्रपंच का भी उपयोग कर सकते हैं।

4  -सोयाबीन की फसल में पक्षियों  की बैठने हेतु  टी आकार के बर्ड -पर्चेस  लगाएं। इससे कीट-भक्षी पक्षियों  द्वारा भी इल्लियों की संख्या कम करने में सहायता मिलती है।

5 -कीट या रोग नियंत्रण के लिए केवल उन्हीं रसायनों का प्रयोग करें जो सोयाबीन की फसल में अनुशंसित हों।

6 -कीटनाशक या फफूंदनाशक के छिड़काव के लिए पानी की अनुशंसित मात्रा का उपयोग करें (नेप्सेक स्प्रयेर से 450 लीटर/हे या पॉवर स्प्रेयर से 120 लीटर/हे न्यूनतम)।  किसी भी प्रकार का कृषि -आदान क्रय करते समय दुकानदार से हमेशा पक्का बिल लें,  जिस पर बैच नंबर एवं एक्सपायरी दिनांक स्पष्ट लिखी  हो ।

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