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राज्य कृषि समाचार (State News)

UP Poultry Conclave 2026: लखनऊ में शुरू हुआ दो दिवसीय कॉन्क्लेव, देशभर से जुटे एक्सपर्ट; बैकयार्ड फार्मिंग पर खास जोर  

16 अप्रैल 2026, भोपाल: UP Poultry Conclave 2026: लखनऊ में शुरू हुआ दो दिवसीय कॉन्क्लेव, देशभर से जुटे एक्सपर्ट; बैकयार्ड फार्मिंग पर खास जोर – उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ के इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में पहली बार ‘यूपी पोल्ट्री कॉन्क्लेव-2026’ का आयोजन किया जा रहा है। यह कॉन्क्लेव 15 और 16 अप्रैल तक चलेगा। इसमें देशभर से किसान, उद्यमी, वैज्ञानिक और पोल्ट्री क्षेत्र के विशेषज्ञ शामिल हुए हैं।

कार्यक्रम का उद्घाटन केंद्रीय पशुपालन एवं मत्स्य पालन राज्य मंत्री एस.पी. सिंह बघेल और प्रदेश के पशुधन मंत्री धर्मपाल सिंह ने किया। इस अवसर पर कई वरिष्ठ अधिकारी और उद्योग से जुड़े प्रतिनिधि भी मौजूद रहे।

पहले दिन तकनीक और बाजार पर चर्चा

कॉन्क्लेव के पहले दिन एक्सर्ट्स ने पोल्ट्री सेक्टर से संबंधित कई प्रमुख मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की। इनमें किसानों को अपनी उत्पादन लागत कम करने, बाजार तक बेहतर पहुंच बनाने और उत्पादन क्षमता बढ़ाने जैसे खास विषय शामिल रहे। इस अवसर पर पशुपालन विभाग के प्रमुख सचिव मुकेश मिश्रा ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि ऐसे मंच किसानों को नई तकनीक, आधुनिक प्रबंधन और सरकारी स्कीम की सही जानकारी देने में सहायता करते हैं। इससे किसान अपने बिजनेस को अधिक फायदेमंद बना सकते हैं।

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बैकयार्ड पोल्ट्री पर विशेष रहा जोर

इस कार्यक्रम में बैकयार्ड पोल्ट्री फार्मिंग पर खास जोर दिया गया। एक्सपर्ट्स का कहना है कि छोटे लेवल पर मुर्गी पालन गावों में रोजगार और अतिरिक्त आय का मजबूत साधन बन सकता है। कम लागत में शुरू होने वाला यह मॉडल छोटे और सीमांत किसानों के लिए काफी लाभकारी साबित हो सकता है और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती दे सकता है।

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दूसरे दिन निवेश पर रहेगा फोकस

कॉन्क्लेव के दूसरे दिन इन्वेस्टर्स समिट आयोजित की जाएगी, जिसमें पोल्ट्री सेक्टर में निवेश के नए अवसरों पर चर्चा होगी। साथ ही सस्टेनेबल फार्मिंग, पोल्ट्री वेस्ट मैनेजमेंट और एंटीबायोटिक-फ्री उत्पादों जैसे विषयों पर भी विशेषज्ञ अपने विचार रखेंगे।

इस आयोजन की खास बात यह रही कि इसमें किसान, हैचरी मालिक, स्टार्टअप, वैज्ञानिक और पशु चिकित्सक सभी एक मंच पर मौजूद रहे। विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसे आयोजनों से उत्तर प्रदेश धीरे-धीरे पोल्ट्री उद्योग का बड़ा केंद्र बन सकता है।

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