राज्य कृषि समाचार (State News)

सोयाबीन, उड़द एवं मक्का में कीट-रोग नियंत्रण के लिए कृषि वैज्ञानिकों की सामयिक सलाह

04 सितंबर 2026, भोपाल: सोयाबीन, उड़द एवं मक्का में कीट-रोग नियंत्रण के लिए कृषि वैज्ञानिकों की सामयिक सलाह – सोयाबीन, उड़द एवं मक्का की फसलों में कीट एवं रोगों के प्रकोप को देखते हुए मध्यप्रदेश के कृषि विज्ञान केंद्र आरोन के वरिष्ठ वैज्ञानिक एवं प्रमुख ने किसानों को सामयिक सलाह दी है। उन्होंने बताया कि सोयाबीन एवं उड़द की फसल में कहीं-कहीं पीला मोजेक बीमारी के लक्षण दिखाई दे रहे हैं, जबकि कुछ क्षेत्रों में सोयाबीन में पत्ती खाने वाली इल्लियों का प्रकोप भी देखा गया है। किसानों को फसलों की नियमित निगरानी कर समय पर अनुशंसित कीटनाशकों एवं फफूंदनाशकों का छिड़काव करने की सलाह दी गई है।

पीला मोजेक बीमारी के रोगवाहक कीटों के प्रबंधन के लिए एसिटामेप्रिड + बायफेन्थ्रिन 25 प्रतिशत WG की 250 ग्राम प्रति हेक्टेयर या थायोमेथाक्जाम + लैम्बडासायहेलोथ्रिन की 125 मिलीलीटर प्रति हेक्टेयर की दर से छिड़काव करने की सलाह दी गई है। सोयाबीन में चने की इल्ली, तंबाकू की इल्ली एवं सेमीलूपर के एक साथ नियंत्रण के लिए बोफ्लानिलाइड 300 SC, फ्लूबेंडियामाइड 39.35 SC, इन्डोक्साकार्ब 15.8 SC, टेट्रानिलिप्रोल 18.18 SC, नोवाल्युरोन + इन्डोक्साकार्ब 04.50 प्रतिशत SC, क्लोरएन्ट्रानिलिप्रोल 18.5 SC अथवा इमामेक्टिन बेंजोएट 01.90 प्रतिशत में से किसी एक अनुशंसित रसायन का निर्धारित मात्रा में छिड़काव करने को कहा गया है।

सेमीलूपर इल्ली के नियंत्रण के लिए थायोमेथाक्जाम + लैम्बडासायहेलोथ्रिन 125 मिलीलीटर प्रति हेक्टेयर या क्लोरएन्ट्रानिलिप्रोल 09.30 प्रतिशत + लैम्बडासायहेलोथ्रिन 0.46 प्रतिशत ZC की 200 मिलीलीटर प्रति हेक्टेयर की दर से छिड़काव की सलाह दी गई है। सोयाबीन में एन्थ्रेक्नोज एवं एरियल ब्लाइट जैसे फफूंदजनित रोगों के प्रबंधन के लिए थायोफिनेट मिथाइल 70 प्रतिशत 500 ग्राम प्रति हेक्टेयर, टेबुकोनाजोल 25.9 प्रतिशत 500 मिलीलीटर प्रति हेक्टेयर अथवा टेबुकोनाजोल 18.3 प्रतिशत + एजोक्सीस्ट्रोबिन 11 प्रतिशत का छिड़काव करने की सलाह दी गई है।

मक्का की फसल में नमी बनाए रखने के लिए निराई-गुड़ाई एवं कुल्पा चलाने जैसी पद्धतियों का उपयोग करने की सलाह दी गई है। मक्के में शीथ ब्लाइट के नियंत्रण के लिए कार्बेन्डाजिम 1.5 ग्राम प्रति लीटर या प्रोपिकोनाजोल 1.0 मिलीलीटर प्रति लीटर पानी में घोल बनाकर छिड़काव करें।

मक्का में आर्मी वर्म एवं तना छेदक कीट के नियंत्रण के लिए स्पिनोसेड 150 मिलीलीटर प्रति हेक्टेयर, इमामेक्टिन बेंजोएट 250 ग्राम प्रति हेक्टेयर या क्लोरएन्ट्रानिलिप्रोल 18.5 SC की 150 मिलीलीटर प्रति हेक्टेयर की दर से पानी में घोल बनाकर छिड़काव करने की सलाह दी गई है।

सभी फसलों में पानी की उपलब्धता के अनुसार जीवन रक्षक सिंचाई करने तथा पानी की बचत के लिए स्प्रिंकलर पद्धति अपनाने की सलाह दी गई है। कृषि वैज्ञानिकों ने किसानों से फसलों में कीट एवं रोग के लक्षण दिखाई देने पर समय रहते अनुशंसित नियंत्रण उपाय अपनाने की अपील की है।

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