राज्य कृषि समाचार (State News)

मौसम के बदलता मिजाज, किसानों को दी ये विशेष सलाह

25 मार्च 2026, भोपाल: मौसम के बदलता मिजाज, किसानों को दी ये विशेष सलाह – भारतीय गेहूं एवं जौ अनुसंधान संस्थान  करनाल ने मौसम के बदलते मिजाज को देखते हुए किसानों के लिए महत्वपूर्ण दिशा-निर्देश जारी किए हैं। संस्थान के अनुसार, आगामी दिनों में तापमान में धीरे-धीरे वृद्धि होने की संभावना है, जिससे गेहूं की फसल समय से पहले पक सकती है। ऐसे में किसानों को सिंचाई और फसल प्रबंधन पर विशेष ध्यान देने की जरूरत है।

संस्थान ने स्पष्ट किया है कि गेहूं की कुछ किस्मों के ऊपरी हिस्सों (ग्लूम और पेडन्क्ल) पर बैंगनी या काला रंग दिखाई दे रहा है। यह फरवरी-मार्च में सामान्य से अधिक तापमान के कारण है। यह कोई बीमारी नहीं है, इसलिए किसी भी रसायन का छिड़काव न करें। इससे अनाज की गुणवत्ता या पैदावार पर कोई असर नहीं पड़ेगा। किसानों को गेहूं में लीफ एफिड पर लगातार नजर रखने की सलाह दी गई है। यदि इसकी संख्या आर्थिक नुकसान स्तर (10-15 एफिड प्रति टिलर) से अधिक हो जाए, तो 400 मिली क्विनालफॉस 25% EC को 200-250 लीटर पानी में मिलाकर प्रति एकड़ छिड़काव करना चाहिए। किसानों को सलाह दी जाती है की वे धारीदार रतुआ (पीला रतुआ) भूरा या काला रतुआ का प्रकोप होने पर नियमित रूप से अपनी फसल का निरीक्षण करें। यदि किसान अपने गेहूं के खेतों में रतुआ का प्रकोप देखते हैं और इसकी पुष्टि करते हैं तो प्रोपिकोनाजोल 25 ईसी का एक छिड़काव करने की सलाह दी जाती है। एक लीटर पानी में एक मिली रसायन मिलाया जाना चाहिए और इस प्रकार 200 मिली फफूंदनाशक को 200 लीटर पानी में मिलाकर एक एकड़ गेहूं की फसल में छिड़काव किया जाना चाहिए। किसानों को छिड़काव तब करना चाहिए या मौसम साफ़ हो यानी बारिश ना हो कोहरा ओस आदि न हो।

आपने उपरोक्त समाचार कृषक जगत वेबसाइट पर पढ़ा: हमसे जुड़ें
> नवीनतम कृषि समाचार और अपडेट के लिए आप अपने मनपसंद प्लेटफॉर्म पे कृषक जगत से जुड़े – गूगल न्यूज़व्हाट्सएप्प
> कृषक जगत अखबार की सदस्यता लेने के लिए यहां क्लिक करें – घर बैठे विस्तृत कृषि पद्धतियों और नई तकनीक के बारे में पढ़ें
> कृषक जगत ई-पेपर पढ़ने के लिए नीचे दिए गए लिंक पर क्लिक करें: E-Paper
> कृषक जगत की अंग्रेजी वेबसाइट पर जाने के लिए नीचे दिए गए लिंक पर क्लिक करें: Global Agriculture

Advertisements