टीकमगढ़: प्रधानमंत्री धन-धान्य कृषि योजना की समीक्षा बैठक आयोजित
22 मई 2026, टीकमगढ़: टीकमगढ़ : प्रधानमंत्री धन-धान्य कृषि योजना की समीक्षा बैठक आयोजित -कलेक्टर श्री विवेक श्रोत्रिय की अध्यक्षता में गुरुवार को कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में प्रधानमंत्री धन-धान्य कृषि योजना (पीएमडीडीकेवाई) की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में योजना से संबंधित विभिन्न बिंदुओं की विभागवार समीक्षा कर प्रगति का मूल्यांकन किया गया। जिन बिंदुओं पर अपेक्षित प्रगति नहीं पाई गई, उन पर विस्तार से चर्चा करते हुए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिये गये।
बैठक में उपसंचालक कृषि द्वारा ई-किसान पोर्टल की विस्तृत जानकारी भी दी गई। अधिकारियों ने बताया कि ई-किसान पोर्टल किसानों को कृषि संबंधी विभिन्न सेवाएं ऑनलाइन उपलब्ध कराने हेतु विकसित एक महत्वपूर्ण डिजिटल प्लेटफॉर्म है। इसके माध्यम से किसान घर बैठे शासन की कृषि योजनाओं, अनुदान, फसल पंजीयन, कृषि उपकरणों पर सब्सिडी, बीज एवं उर्वरक संबंधी जानकारी सहित विभिन्न सेवाओं का लाभ प्राप्त कर सकते हैं। बैठक में बताया गया कि ई-किसान पोर्टल पर किसान अपना पंजीयन कर व्यक्तिगत जानकारी, भूमि विवरण एवं फसल संबंधी जानकारी दर्ज कर सकते हैं। पोर्टल के माध्यम से कृषि विभाग द्वारा संचालित योजनाओं में पारदर्शिता एवं त्वरित लाभ वितरण सुनिश्चित किया जा रहा है।
अधिकारियों ने जानकारी दी कि पोर्टल के माध्यम से किसानों को आवेदन की स्थिति, स्वीकृति एवं भुगतान संबंधी जानकारी ऑनलाइन उपलब्ध होती है, जिससे किसानों को बार-बार कार्यालयों के चक्कर नहीं लगाने पड़ते। इसके अलावा किसानों को मौसम आधारित सलाह, उन्नत कृषि तकनीकों तथा कृषि संबंधी महत्वपूर्ण सूचनाएं भी उपलब्ध कराई जा रही हैं।
कलेक्टर श्री विवेक श्रोत्रिय ने निर्देश दिये कि अधिक से अधिक किसानों को ई-किसान पोर्टल से जोड़ा जाये तथा ग्रामीण स्तर पर जागरूकता गतिविधियां संचालित कर किसानों को पोर्टल के उपयोग के लिये प्रेरित किया जाये, ताकि शासन की योजनाओं का लाभ समय पर और पारदर्शी तरीके से किसानों तक पहुंच सके।
बैठक में श्री श्रोत्रिय ने मृदा परीक्षण कार्य की समीक्षा करते हुए निर्देशित किया कि किसानों की भूमि की उर्वरता एवं पोषक तत्वों की उपलब्धता के आधार पर फसल उत्पादन बढ़ाने के उद्देश्य से नियमित रूप से मृदा परीक्षण कराया जाए। उन्होंने बताया कि मृदा स्वास्थ्य कार्ड के माध्यम से किसानों को भूमि की गुणवत्ता तथा आवश्यक उर्वरकों की जानकारी उपलब्ध कराई जा रही है, जिससे संतुलित उर्वरक उपयोग एवं लागत में कमी के साथ उत्पादन में वृद्धि संभव हो सके। उन्होंने निर्देश दिए कि मत्स्योद्योग नीति अंतर्गत केज स्थापना के संबंध में जिले में जलाशयों में मत्स्य उत्पादन को बढ़ावा दिया जाए एवं निर्धारित लक्ष्य अनुसार हितग्राहियों का चयन कर लाभान्वित किया जाए एवं जिले में केज कल्चर को प्रोत्साहित किया जाए। इस योजना के माध्यम से मछुआरों एवं मत्स्य पालकों को रोजगार के बेहतर अवसर उपलब्ध होंगे तथा मत्स्य उत्पादन में वृद्धि होगी। कलेक्टर श्री श्रोत्रिय ने योजना के माध्यम से किसानों को आधुनिक कृषि तकनीकों को अपनाने, उन्नत बीजों के उपयोग, सिंचाई सुविधाओं के विस्तार तथा कृषि यंत्रीकरण को बढ़ावा देने के लिये सहायता प्रदान करने, साथ ही फसल उत्पादन बढ़ाने हेतु मृदा परीक्षण, संतुलित उर्वरक उपयोग एवं जल संरक्षण गतिविधियों को भी प्रोत्साहित करने के निर्देश दिये।
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