राज्य कृषि समाचार (State News)

भारतीय कृषि के भविष्य के असली नायक फाली से तैयार होंगे – अशोक जैन

06 जून 2026, इंदौरभारतीय कृषि के भविष्य के असली नायक फाली से तैयार होंगे – अशोक जैन – “किसानों के चेहरे पर मुस्कान ही मेरा वास्तविक पुरस्कार है,” यह बात मेरे पिता श्रद्धेय बड़ेभाऊ हमेशा कहा करते थे। उनके विचारों की विरासत को आगे बढ़ाते हुए आज विद्यार्थियों के चेहरों पर दिखाई देने वाली संतुष्टि और आत्मविश्वास को देखकर मुझे विश्वास होता है कि भारतीय कृषि के भविष्य के असली नायक फाली (FALI) के इन्हीं विद्यार्थियों में से तैयार होंगे। यह प्रतिपादन जैन इरिगेशन के अध्यक्ष अशोक जैन इन्होंने शुक्रवार को फाली उपक्रम के विद्यार्थियों के साथ संवाद करते हुए किया। उनके हाथों फाली की दूसरी बैच के विद्यार्थियों द्वारा प्रस्तुत बिजनेस प्लान और इनोवेशन प्रतियोगिता के विजेताओं को सम्मानित किया गया।

जैन तकनीक के कारण केला देश के निर्यातित फलों में प्रथम स्थान पर – जैन इरिगेशन की पाइप, ड्रिप सिंचाई और टिश्यू कल्चर तकनीक के कारण जलगांव सहित देशभर में केले की खेती में बड़ी क्रांति आई है। यह जानकारी जैन इरिगेशन के अध्यक्ष अशोक जैन ने दी। उन्होंने कहा कि जलगांव से शुरू हुई केले की खेती आज पूरे महाराष्ट्र, कर्नाटक से लेकर मणिपुर तक फैल चुकी है। टिश्यू कल्चर के माध्यम से विकसित ‘ग्रैंड नाइन’ किस्म के केले का बड़े पैमाने पर निर्यात किया जा रहा है। पिछले वर्ष भारत से लगभग 4,400 करोड़ रुपये मूल्य के केले का निर्यात हुआ। वहीं इस वर्ष भारत के फलों के निर्यात में ऐतिहासिक रिकॉर्ड बनाते हुए केले ने प्रथम स्थान प्राप्त किया है।

उन्होंने बताया कि वैश्विक बाजार में भारत ने लगभग 5 प्रतिशत हिस्सेदारी हासिल की है और वर्ष 2047 के अमृतकाल तक देश का केला निर्यात पांच गुना बढ़ने की संभावना है। कम पानी में अधिक उत्पादन देने वाली ड्रिप सिंचाई, गुणवत्तापूर्ण पौधे उपलब्ध कराने वाली टिश्यू कल्चर तकनीक तथा किसानों को स्थायी आय दिलाने वाली निर्यातोन्मुख तकनीकों के कारण केला उत्पादक किसानों की आर्थिक स्थिति मजबूत हो रही है। अशोक जैन ने कहा कि जलवायु परिवर्तन के कारण हर वर्ष तेज हवाओं, तूफानों और ओलावृष्टि से केले की फसलों को भारी नुकसान होता है। इस चुनौती से निपटने के लिए केले के उत्पादन का नया तकनीकी मॉडल विकसित करना समय की आवश्यकता बन गया है। उन्होंने बताया कि आने वाले समय में केले की दो नई किस्में बाजार में लाने का कार्य जारी है। साथ ही देश में बढ़ती मांग को पूरा करने के लिए टिश्यू कल्चर पौधों के उत्पादन की क्षमता भी बढ़ाई जा रही है।

प्रतियोगिता के परिणाम – फाली के कृषि इनोवेशन प्रस्तुतीकरण तथा कृषि बिजनेस प्लान प्रतियोगिता में 53-53 विद्यालयों के विद्यार्थियों ने भाग लिया। दोनों प्रतियोगिताओं में प्रथम पांच स्थान प्राप्त करने वाले विद्यालयों को पुरस्कार प्रदान किए गए।

कृषि इनोवेशन प्रस्तुतीकरण – प्रथम – उदयाचल हाईस्कूल, विक्रोली (मुंबई), द्वितीय – शारदाबाई पवार विद्यानिकेतन, शारदानगर (बारामती),तृतीय – मार्तंडराव पाटील कपगटे हाईस्कूल, जंभाली (भंडारा), चतुर्थ – रावजी फटे विद्यालय एवं कनिष्ठ कला महाविद्यालय, खराशी (भंडारा) ,पंचम – न्यू इंग्लिश स्कूल, मोहपा (नागपुर)

कृषि बिजनेस प्लान –  प्रथम – शारदाबाई पवार विद्यानिकेतन, शारदानगर (बारामती), द्वितीय – पंडित जवाहरलाल नेहरू विद्यालय, अकुलखेड़ा, तहसील चोपड़ा, जिला जलगांव, तृतीय – एस.एस. पाटील विद्यामंदिर, चहार्डी, चोपड़ा, जिला जलगांव, चतुर्थ – कुलस्वामी खंडेराय विद्यालय, हिवरे, जुन्नर (पुणे), पंचम – उदयाचल हाईस्कूल, विक्रोली (मुंबई)

विद्यार्थियों ने साझा किए अनुभव – फाली के विद्यार्थी कार्तिक कुमार (मुंबई), तनिष्का बडगुजर (बड़वानी, मध्य प्रदेश), शर्वरी चव्हाण (बारामती) और सुज्ञा हडवळे (जुन्नर, पुणे) ने इस उपक्रम से प्राप्त अनुभव साझा किए। वहीं फाली के पूर्व विद्यार्थियों कृतिका लकड़े और अजिंक्य डोंगरे (गावडेवाडी, पुणे) ने भी अपने विचार व्यक्त किए।

कार्यक्रम में डॉ. आर. एस. मसली (गोदरेज एग्रोवेट), मुनेश सक्सेना (आईटीसी), उपमा गोयल (स्टार एग्री), मिलकेश राठौड़ (प्रॉम्ट) तथा सायली नागरे (अमूल) ने अपने अनुभव साझा किए। फाली की उपाध्यक्ष नैन्सी बेरी ने भविष्य की योजनाओं की जानकारी दी, जबकि सीईओ शर्बोनी पोदार ने आने वाले वर्षों में फाली का विस्तार देश के सभी राज्यों तक करने का संकल्प व्यक्त किया।फाली के इस उपक्रम को जैन इरिगेशन के साथ-साथ गोदरेज एग्रोवेट, यूपीएल, स्टार एग्री, रैलीज इंडिया, ओमनीवोर, प्रॉम्प्ट, एसबीआई फाउंडेशन, अमूल और उज्जीवन का सहयोग प्राप्त है।

तीसरा चरण 7 जून से – फाली का समापन समारोह 7 और 8 जून को आयोजित किया जाएगा। 7 जून को विद्यार्थी फील्ड विजिट करेंगे तथा जैन इरिगेशन के कृषि अनुसंधान एवं विकास केंद्र में विभिन्न कृषि परियोजनाओं का अवलोकन करेंगे। साथ ही प्रगतिशील किसानों और जैन इरिगेशन के विशेषज्ञों से संवाद भी करेंगे। 8 जून को बिजनेस प्लान और इनोवेशन का अंतिम प्रस्तुतीकरण होगा। इसके बाद विजेताओं को सम्मानित किया जाएगा तथा 12वें फाली सम्मेलन का समापन होगा।

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