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राज्य कृषि समाचार (State News)

कृषि विज्ञान केन्द्र शहडोल ने बताया उड़द में इल्लियों का प्रकोप होने की सम्भावना

26  अगस्त 2021, भोपाल । कृषि विज्ञान केन्द्र शहडोल ने  बताया उड़द में इल्लियों का प्रकोप होने की सम्भावना – कृषि विज्ञान केन्द्र शहडोल के वरिष्ठ वैज्ञानिक सह प्रमुख डा. मृगेंद्र सिंह के मार्गदर्शन में राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा मिशन दलहन के तहत उड़द (मेश 479) किस्म के किसानो के यहाँ प्रदर्शन डाले थे । कृषि अभियांत्रिकी वैज्ञानिक दीपक चैहान ने कृषको को बताया कि यह किस्म पीला मोजेक की बीमारी के प्रति सहनशील है एवं खेतो में भ्रमण कर देखा की अभी फसल में फलियां आ रही एवं बरसात के रुक-रुक कर होने से इल्लियों का प्रकोप होने की सम्भावना है। खेतो में कहीं कहीं तम्बाकू की इल्ली का प्रकोप देखा गया है यह इल्लियां पत्तियों के क्लोरोफिल को खुरचकर खा जाती है जिससे पूरी पत्तियाँ जालीनुमा हो जाती है एवं पत्तो के नीचे ये अपने अंडे देती है एवं पत्तो के नीचे ही यह झुंड में रहती है इस प्रकार कृषक अपने खेत में इस कीट की पहचान कर सकते है ।

नियंत्रण

प्राथमिक नियंत्रण के लिए कृषक प्रभावित पौधे को एवं छोटी इल्लियों को पन्नी में एकत्रित कर खेत से बाहर जमीन में गाड़ दे या इन्हे जला देवे। तम्बाकू की इल्ली के रसायनिक नियंत्रण के लिए इमाबेक्टीन बेंजोएट 5 प्रतिशत एस. सी. मात्रा 200 मिली/है. या क्लोरेनट्रानिलोप्रोल 18. 5 एस. सी. मात्रा 125 मिली/है. 500 लीटर पानी में मिला कर प्रति हेक्टेयर छिड़काव करे। वहीँ सफेद मक्खी के नियंत्रण के लिए पूर्व मिश्रित रसायन थाइओमेथॉक्जाम 12. 6़़ लेमड़ासायहेलोथ्रिन 9. 5 प्रतिशत जेड. सी. मात्रा 200 मिली/है. दवा का छिड़काव करे।

 

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