4 महीने में तैयार होने वाली रोज़ेल फसल, किसानों की आय बढ़ाने का बन सकती है बड़ा जरिया
24 जून 2026, भोपाल: 4 महीने में तैयार होने वाली रोज़ेल फसल, किसानों की आय बढ़ाने का बन सकती है बड़ा जरिया – खेती में नवाचार और फसल विविधीकरण को बढ़ावा देने के लिए किसान अब पारंपरिक फसलों के साथ नई और लाभकारी फसलों की ओर भी रुख कर रहे हैं। ऐसी ही एक पहल मध्य प्रदेश के सागर जिले के बीना विकासखंड के ग्राम पुरैना के प्रगतिशील किसान अनमोल दुबे ने की है। उन्होंने किसान कल्याण वर्ष 2026 के अंतर्गत 5 एकड़ क्षेत्र में औषधीय फसल रोज़ेल (Roselle) की बुवाई कर क्षेत्र के किसानों के लिए एक नई मिसाल पेश की है। लगभग चार महीने में तैयार होने वाली यह फसल किसानों की आय बढ़ाने का एक बेहतर विकल्प बनकर उभर रही है।
किसान अनमोल दुबे ने अपने खेत में 5 एकड़ क्षेत्र में रोज़ेल फसल की बुवाई की है। यह एक औषधीय एवं व्यावसायिक महत्व की फसल है, जिसकी बाजार में लगातार मांग बढ़ रही है। कृषि विशेषज्ञों का मानना है कि फसल विविधीकरण के माध्यम से किसान जोखिम कम करने के साथ-साथ अपनी आमदनी में भी वृद्धि कर सकते हैं।
कृषि विभाग ने किया खेत का निरीक्षण
कृषि विभाग के वरिष्ठ कृषि विकास अधिकारी अवधेश राय ने अन्य किसानों के साथ अनमोल दुबे के खेत का भ्रमण किया और फसल उत्पादन से संबंधित तकनीकी जानकारी साझा की। उन्होंने किसानों को आधुनिक खेती, नवाचार और नई फसलों को अपनाने के लिए प्रेरित करते हुए कहा कि बदलते कृषि परिदृश्य में वैकल्पिक फसलें किसानों की आर्थिक स्थिति मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती हैं।
बेड पद्धति से की गई बुवाई
अनमोल दुबे ने बताया कि रोज़ेल फसल की बुवाई 14 इंच चौड़ी मेड़ों पर बेड बनाकर की गई है। उन्होंने कहा कि फसल की शुरुआती अवस्था में केवल बीजों की बुवाई की गई है और किसी अतिरिक्त रासायनिक खाद या दवा का उपयोग नहीं किया गया। इससे खेती की लागत कम रखने में मदद मिली है।
उन्होंने अपने अनुभव साझा करते हुए बताया कि नई फसलों को अपनाने से किसानों को बेहतर अवसर मिल सकते हैं और बाजार की मांग के अनुसार खेती कर अतिरिक्त आय अर्जित की जा सकती है।
किसानों के लिए बन रही नया विकल्प
बीना विकासखंड में कृषि विभाग के मार्गदर्शन में कई किसान तिल सहित अन्य नवाचार आधारित फसलों की खेती कर रहे हैं। रोज़ेल जैसी औषधीय फसलें किसानों को पारंपरिक फसलों के साथ अतिरिक्त आय का अवसर प्रदान कर रही हैं। विभाग द्वारा किसानों को नई तकनीकों और लाभकारी फसलों के संबंध में लगातार जागरूक किया जा रहा है।
आय बढ़ाने और खेती को टिकाऊ बनाने पर जोर
कृषि विशेषज्ञों का मानना है कि फसल विविधीकरण खेती को अधिक टिकाऊ और लाभकारी बनाने का प्रभावी माध्यम है। रोज़ेल जैसी औषधीय फसलें कम समय में तैयार होने के साथ किसानों को बेहतर आर्थिक लाभ दिलाने की क्षमता रखती हैं। अनमोल दुबे की यह पहल क्षेत्र के अन्य किसानों को भी नई और लाभकारी फसलों को अपनाने के लिए प्रेरित कर रही है।
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